Play Quiz -Check Your GK

Top News

•सागर संसदीय क्षेत्र के लिए नाम निर्देशन की प्रक्रिया 12 अप्रैल से 19 अप्रैल तक चलेगी ।। • • ।• • •जिले के सभी विश्राम गृह भवनों का अधिग्रहण विश्राम गृह भवनों में आदर्श आचरण संहिता का पालन करना अनिवार्य •• • • • • • ... ।

Sagar Watch News

आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी को मिलेगी 
स्कॉलरशिप: विवेक छिरौलिया

25 अप्रैल से प्रवेश प्रारंभ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए मात्र 200 विद्यार्थियों को ही प्रवेश स्कॉलरशिप टेस्ट 20 अप्रैल को पंजीयन शुरू

सागर। चैत्र नवरात्र पंचमी के पुण्य मुहूर्त में शनिवार को सागर के रजाखेड़ी मकरोनिया स्थित बजरिया में IIT, JEE व NEET की तैयारी के लिए प्रतिष्ठित संस्थान "ग्रंथाय एजुकेशन" का गणपति व सरस्वती पूजन के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। 

उद्घाटन के मौके पर ग्रंथाय एजुकेशन के डायरेक्टर विवेक छिरौलिया ने पत्रकारवार्ता में बताया ग्रंथाय की स्थापना सागर सपूत डॉ. सर हरीसिंह जी गौर के आदर्शों को गति देने के उद्देश्य की गई है। 

ग्रंथाय में परीक्षाओं की तैयारी प्रख्यात विषय विशेषज्ञ फैकल्टी के द्वारा कराई जाएगी। ग्रंथाय के डायरेक्टर स्वयं देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन व शिक्षक का कार्य करते रहे हैं। 

इनके वर्षो के अनुभव व मार्गदर्शन से अनेक विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे- इसरो, बार्क में वैज्ञानिक, केंद्र सरकार व विदेशों में विभिन्न प्रतिष्ठित पदों पर स्थापित होकर देश व संस्था का नाम रोशन कर रहे हैं।

डायरेक्टर ने बताया कि निश्चित रूप से ग्रंथाय एजुकेशन सागर क्षेत्र के छात्रों के लिए आईआईटी, जेईई व नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सागर का परचम लहराने के लिए काम करेगा, जो गुणवत्ता कोटा के संस्थानों में दी जा रही है वही गुणवत्ता व मानक के साथ सिलेबस यहां पूरा कराया जाएगा। 

जिससे अनेक फायदे होंगे जैसे कि आर्थिक रूप से अक्षम परिवारों के बच्चे भी आईआईटी व नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर पाएंगे। स्कॉलरशिप टेस्ट के माध्यम से उनका यह संकल्प और सपना हम पूरा करेंगे। इसमें किसी भी तरह का कोई जाति बन्धन नहीं है।

आज़ के परिदृश्य में बच्चों पर जो मनोवैज्ञानिक दबाव पड़ रहा है जिसकी वजह से कोटा शिक्षा के साथ-साथ आत्महत्या का पर्याय बनता जा रहा है। ऐसे में सागर में बच्चे अपने परिवार के साथ ही रहकर तैयारी कर सकेंगे। जिससे उनमें मानसिक विक्षोभ न होने से ऐसी घटनाओ पर अंकुश लगेगा व सागर के आसपास के जिलों के बच्चों को भी अच्छी तैयारी का अवसर मिलेगा।

ग्रंथाय एजुकेशन में देश के बेहतरीन शिक्षकों को रखा गया है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बरकरार रहे, संस्था द्वारा आयोजित स्कॉलरशिप टेस्ट 20 अप्रैल को आयोजित किया गया है जिसमें संस्था द्वारा विभिन्न प्रकार की स्कॉलरशिप भी बच्चों को दी की जा रही है। इसके लिए पंजीयन संस्था के ऑफिस एवं ऑनलाइन मोड में शुरू हो गए हैं।

साथ ही साथ 25 अप्रैल से छात्रों के प्रवेश प्रारंभ हो जाएंगे संस्थान द्वारा छात्रों की लिमिटेड सीट ही रखी गई है 200 से अधिक एडमिशन नहीं लिया जाएगा ताकि गुणवत्ता बरकरार रहे। शुभारंभ के अवसर पर शहर के प्रतिष्ठित एवं विशिष्ट जनों की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ। 

कार्यक्रम में सम्मिलित हुए समस्त अतिथियों को स्वीप गतिविधि के तहत निष्पक्ष एवं शतप्रतिशत मतदान के लिए संकल्प भी दिलाया गया। संस्थान में स्कालरशिप टेस्ट के लिए निम्न लिंक

Sagar Watch News

Sagar watch News/
राजनीतिक दलों को अपने अभ्यर्थियों के आपराधिक मामले-लंबित -या-दोषसिद्धि  बताये गए तरीके से समाचार पत्र और टीवी चैनलों पर एक घोषणा रूप में प्रस्तुत करना होंगे। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत अभ्यर्थियों को अपने आपराधिक मामलों की स्पष्ट सूचना दैनिक समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशित कराकर जन सामान्य को देना होगी।

राजनैतिक दलों को अपने अभ्यर्थी के रूप में चुने गए आपराधिक मामलों वाले व्यक्ति से संबंधित सूचना तो देना ही  होगी साथ-साथ ही यह भी कारण सहित बताना होगा कि उन्होंने  बिना आपराधिक पूर्ववृत्त वाले अन्य व्यक्तियों को अभ्यर्थी के रूप में क्यों नहीं चुना  

ऐसा विवरण अभ्यर्थी का चयन किए जाने के 48 घंटों के भीतर या नामनिर्देशन दायर करने की पहली तिथि से पहले कम से कम दो सप्ताह पहले, जो भी पहले हो, समाचार पत्र, सोशल मीडिया प्लेटफार्म और दल की वेबसाइट पर प्रकाशित करना होगा।

  • आपराधिक मामलों के संबंध में विवरण तीन अवसरों पर प्रकाशित किया जाना है। अभ्यर्थी के विरुद्ध लंबित आपराधिक मामलों का विवरण मोटे अक्षरों में होगा।  
  • समाचार पत्रों में यह मामला कम से कम 12 फ़ॉन्ट आकार में प्रकाशित किया जाए। प्रत्येक मामले के लिए अलग अलग पंक्तियों में अलग अलग विवरण दिए जाने चाहिए। यदि कोई अभ्यर्थी किसी विशेष पार्टी के टिकट पर निर्वाचन लड़ रहा है, तो उसे अपने विरुद्ध लंबित आपराधिक प्रकरणों के बारे में पार्टी को सूचित करना आवश्यक है।


उल्लेखित  अवधि को निम्नलिखित तरीके से तीन खंडों में रखा जाएगा ताकि निर्वाचकों को अभ्यर्थियों के बारे में जानने का पर्याप्त समय मिलेः  

  • प्रथम प्रचार -    अभ्यर्थिता वापसी के प्रथम चार दिवस के भीतर
  • दूसरा प्रचार -     अगले 5 से 8 दिनों के बीच
  • तीसरा प्रचार -   9वें दिन से प्रचार अभियान के अंतिम दिन तक (मतदान के दिन से पहले दो दिन तक)  

यदि अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि महीने का 10वां दिन है और मतदान महीने के 24वें दिन है तो घोषणा प्रकाशन के लिए पहला खंड महीने के 11वें से 14वें दिन के बीच किया जाएगा, दूसरा और तीसरा क्रमशः महीने के 15वें और 18वें दिन के बीच और 19वें और 22वें दिन के बीच किया जाएगा।  

निर्वाचन व्यय का लेखा दायर करते समय आपराधिक पूर्ववृत्त, यदि कोई हो, संबंधी अनुदेशों का प्रचार करने से संबंधित विवरण विहित प्रारूप (सी-4) में प्रदान किया जाएगा। ऐसे प्रकाशन के तुरंत बाद अभ्यर्थी रिटर्निंग अधिकारी को आपराधिक प्रकरणों सम्बन्धी घोषणा के प्रकाशन के सम्बंध में सूचित करेगा। 

इसके अलावा, वह निर्वाचन के परिणाम की घोषणा के 30 दिनों के भीतर निर्वाचन व्यय के खाते के साथ प्रारूप सी-4 में मामलों के बारे में घोषणा के प्रकाशन सम्बन्धी एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। लोकसभा और विधानसभाओं के चुनावों की स्तिथि में, यह संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा।

राजनैतिक दलों को  उनके द्वारा चयनित अभ्यर्थी के संबंध में विवरणों का प्रकटन किया जाना बाध्यकारी होगा, भले ही संवीक्षा के दौरान और/या उसके अभ्यर्थन वापस लेने के कारण उसका अभ्यर्थन अस्वीकृत हो जाता है, का भी अनुपालन किया जावेगा ।  

आपराधिक पूर्ववृत्त के प्रकाशन से संबद्ध अभ्यर्थी या राजनैतिक दल द्वारा व्यय किए गए सभी खर्चे निर्वाचन के लिए किए गए व्यय माने जाएंगे।

  • प्ररूप सी1 - अभ्यर्थी के लिए समाचार पत्रों, टीवी में प्रकाशित करने के लिए -  आपराधिक मामलों के बारे में घोषणा
  • प्ररूप सी2- राजनीतिक दल को वेबसाइट पर प्रकाशित करने के लिए। समाचार पत्र, टी.वी
  • प्ररूप सी 4 - आपराधिक मामलों के संबंध में घोषणा के प्रकाशन के बारे में अभ्यर्थी  द्वारा रिपोर्ट
  • प्ररूप सी 5 - आपराधिक मामलों के संबंध में घोषणा के प्रकाशन के बारे में अभ्यर्थी  द्वारा रिपोर्ट
  • प्ररूप सी 6 - राजनीतिक दलों द्वारा खड़े किये गये उम्मीदवारों के विरूद्ध आपराधिक मामलों के प्रकाशन के संबंध में वक्तव्य

Sagar Watch News
Sagar Watch News/ लोकसभा निर्वाचन 2024 हेतु मतदान कर्मियों का प्रथम प्रशिक्षण 2 अप्रैल से 7 अप्रैल तक विभिन्न प्रशिक्षण स्थलों पर आयोजित किया गया था। जिसमें अनुपस्थित रहने वाले लोकसेवकों को अंतिम अवसर देते हुए पुनः प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। 

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक आर्य ने बताया कि अकारण पुनः अनुपस्थित रहने वाले लोकसेवकों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही  की जाएगी। 

अतः  ऐसे लोकसेवक जो प्रथम प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे है उन्हे 15 अप्रैल को प्रशिक्षण स्थल शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्याल
य सागर में प्रातः 11 बजे से 5 बजे तक उपस्थित रहना होगा। 

संबंधित लोकसेवकों को प्रशिक्षण की सूचना की तामीली कराकर पावती तत्काल स्थानीय विकासखंड स्त्रोत समन्वयक जनपद शिक्षा केन्द्र में प्रेषित करना सुनिश्चित करें।

जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आर्य ने बताया कि प्रथम प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले सभी लोक सेवक एवं अन्य कारणों से प्रशिक्षण में अनुपस्थित लोक सेवक 15 अप्रैल को आयोजित होने वाली पुणे प्रशिक्षण में शामिल हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि जो भी लोक सेवक प्रशिक्षण में शामिल नहीं होगा उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Sagar Watch News

Sagar Watch News/
 जिले में आगामी पेयजल संकट को दृष्टिगत रखते हुए कृषि / व्यवसायिक / औद्योगिक हेतु भू-जल स्त्रोतों का अतिदोहन होने से पेयजल स्त्रोतों / नलकूपों का जल स्तर तेजी से गिर रहा है। 

कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं नगरीय निकाय के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया है कि जल स्तर गिरने से अधिकांश सतही जल स्त्रोत सूख जाने के कारण आगामी ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट की आशंका है 

इस के चलते सागर जिले की समस्त तहसीलों में “मध्यप्रदेश पेयजल परीक्षण अधिनियम के तहत पेयजल के अलावा अन्य प्रयोजन के लिए नवीन निजी नलकूपों के खनन पर प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक है।  

स्थिति का परीक्षण किये जाने पर यह परिलक्षित हुआ है कि यदि जिले में निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो ग्रीष्मकाल में जिले में पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना है।

कलेक्टर दीपक आर्य आदेशानुसार मध्यप्रदेश पेयजल परीक्षण अधिनियम के अन्तर्गत सागर जिले के बाहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों को  15 अप्रैल 2024 से 30 जून 2024 तक जल अभावग्रस्त घोषित किया है। 

जिले में निरंतर भू जल स्तर की गिरावट को दृष्टिगत रखते हुए अधिनियम की धारा 6 (1) के अन्तर्गत सम्पूर्ण जिले में अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर प्रतिबंध लगाया जाता है। (4) सागर जिले के सीमा क्षेत्र की सीमा में नलकूप/बोरिंग मशीन संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति के बिना (सार्वजनिक सडकों से गुजरने वाली मशीनों को छोडकर) न तो प्रवेश करेगी और न ही बिना अनुमति के कोई नया नलकूप खनन करेगी।

प्रत्येक राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को ऐसी बोरिंग मशीनों को जो अवैध रूप से जिले में प्रतिबंधित स्थानों पर प्रवेश करेगी अथवा नलकूप खनन / बोरिंग का प्रयास कर रही मशीनों को जप्त कर पुलिस में एफ.आई.आर. दर्ज कराने का अधिकार होगा।  

समस्त अनुविभागीय lअधिकारी (राजस्व) को उनके क्षेत्रान्तर्गत इस निमित्त अपरिहार्य प्रकरणों के लिए व अन्य प्रयोजनों हेतु उचित जांच (संबंधित सहायक यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जांच) के पश्चात अनुज्ञा देने हेतु प्राधिकृत किया जाता है। 

इस अधिसूचना का उल्लंघन करने पर अधिनियम की धारा 9 के अनुसार दो वर्ष तक के कारावास या दो हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दण्डित करने का प्रावधान है।

उपरोक्त आदेश शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत किये जाने वाले नलकूप उत्खनन पर लागू नहीं होगा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कार्य योजनान्तर्गत नलकूप खनन का कार्य कराया जा सकेगा, इस हेतु उपरोक्त अनुज्ञा प्राप्त किया जाना आवश्यक नहीं होगा। 

नवीन खनित निजी नलकूप एवं विद्यमान निजी स्त्रोतों का आवश्यकता होने पर सार्वजनिक पेयजलस2 व्यवस्था हेतु अधिनियम की धारा 4 क (1) के अन्तर्गत अधिगृहण किया जा सकेगा। 

कोई भी व्यक्ति व्यक्ति जो पेयजल परिरक्षण अधिनियम की धारा 4 के अधीन कलेक्टर द्वारा पारित इस आदेश से व्यथित हो, संभायुक्त को आदेश तारीख से 30 दिवस के भीतर अपील कर सकेगा।

Sagar Watch News

Sagar Watch News/
डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर में कुलपति सम्मेलन कक्ष में विश्वविद्यालय के संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों/निदेशकों/प्रतिनिधियों की एक बैठक विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता के साथ संपन्न हुई। इस बैठक में निदेशक, महाविद्यालयीन विकास परिषद एवं संबद्ध 16 महाविद्यालयों के प्राचार्यों/निदेशकों ने भाग लिया।

बैठक में इस पर चर्चा की गई कि विगत वर्षों में विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के लिए नवीन पाठ्यक्रमों के संचालन हेतु अनुमतियाँ प्राप्त नहीं हो पा रही हैं, इससे महाविद्यालय विश्वविद्यालय के साथ कदम से कदम मिला कर शैक्षणिक प्रगति के पथ पर अग्रसर नहीं हो पा रहे हैं। 

कुलपति महोदया ने इस विषय की गंभीरता को समझते हुये अविलम्ब इस समस्या के समाधान हेतु विद्या परिषद् की बैठक में प्रस्ताव लाने एवं विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद् के समक्ष इस विषय को रखने के निर्देश दिये।

निदेशक/प्राचार्य/प्रतिनिधि संबद्ध महाविद्यालयों ने अपने अपने महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर एवं स्नातकोत्तर स्तर पर नवीन पाठ्यक्रम हेतु उपलब्ध संसाधनों से अवगत कराते हुये निवेदन किया कि विश्वविद्यालय निरीक्षण कर महाविद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का निरीक्षण करा कर नवीन पाठ्यक्रमों के लिये आवश्यक आधारभूत संरचना एवं अन्य अनुषांगिक संसाधनों का अवलोकन कर नवीन पाठ्यक्रम के लिए अनुमति प्रदान करें, जिससे महाविद्यालय विश्वविद्यालय के अकादमिक प्रगति के प्रति उठाये जा रहे अवसरों के अनुरूप शैक्षणिक माहौल तैयार कर सके।

बैठक में कुलपति ने संबोधित करते कहा कि उनका मन्तव्य है कि विश्वविद्यालय के संबद्ध महाविद्यालय शैक्षणिक एवं अकादमिक प्रगति के सोपानों पर आगे बढ़े। विश्वविद्यालय हर स्तर पर जो भी सहयोग होगा, उसे प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय के द्वार महाविद्यालयों के लिए खुले हुये हैं। 

महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय के विभाग, पुस्तकालय, प्रयोगशालायें एवं शोध हेतु जिन भी संसाधनों की आवश्यकता है, विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों के साथ-साथ महाविद्यालय के विद्यार्थियों को भी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सतत् तैयार है।

उन्होंने कहा कि संबद्ध महाविद्यालयों के लिए विश्वविद्यालय एक सेतु है। विश्वविद्यालय की अकादमिक उन्नति के साथ साथ महाविद्यालयों की अकादमिक प्रगति भी आवश्यक है। 

अकादमिक एवं खेलकूद गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, शैक्षणिक गतिविधियों संबद्ध महाविद्यालय के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ सहभागिता करना चाहिये। इस हेतु निदेशक, महाविद्यालयीन विकास परिषद् को कार्य योजना बनाने के लिए निर्देशित किया गया है।

उन्होंने संबद्ध महाविद्यालयों की महत्वपूर्ण समस्या , नवीन पाठ्यक्रमों की अनुमति के संबंध में कहा कि इसका समाधान विद्या परिषद् एवं कार्यपरिषद् के माध्यम से ही निकाला जा सकता है। 

विश्वविद्यालय इस संबंध में शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली से मार्गदर्शन प्राप्त कर एवं अन्य केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में इस दिशा में उठाये गये कदमों के अनुरूप यथाशीघ्र निर्णय कर इस समस्या का सकारात्मक हल निकालने का प्रयास करेगा। 

साथ ही उन्होंने कहा कि संबद्ध महाविद्यालयों के लिए स्थायी संबद्धता प्रदान किये जाने विषयक प्रस्ताव पर भी केन्द्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 एवं परिनियम तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही की जायेगी। 

कुलपति महोदया ने संबद्ध महाविद्यालयों के लिए राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् से अपने अपने महाविद्यालयों के मूल्यांकन कराये जाने एवं अकादमिक प्रगति के लिए शैक्षणिक माहौल तैयार किये जाने पर जोर दिया तथा निकट भविष्य में महाविद्यालयों हेतु जागरूकता कार्यशाला के सहयोग से संपन्न करवाई जायेगी, जिससे कि महाविद्यालयों को उचित मार्गदर्शन मिल सके।

डॉ. गुप्ता, टाइम्स कॉलेज, दमोह ने संबद्ध महाविद्यालयों की समस्याओं के त्वरित निराकरण, महत्वपूर्ण सुझावों एवं कार्यों के त्वरित क्रियान्वयन के लिये माननीया कुलपति महोदया का आभार माना। धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक संपन्न हुई।

संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों की ओर से संयुक्त रूप से डॉ. विवेक रावत, डॉ. सुनील गुप्ता डॉ. धकाटे, डॉ. तिवारी, डॉ. अशीष पटेरिया एवं डॉ. राजू टंडन उपस्थित थे।

 विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग में “ज्ञान समृद्धि” कार्यशाला का समापन

Sagar Watch News

Sagar Watch News/
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में जनसंख्या अनुसंधान केंद्र तथा भूगोल विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित तीन दिवसीय “ज्ञान समृद्धि” कार्यशाला का आज समापन हुआ। कार्यशाला के समापन अवसर पर केंद्र के निदेशक प्रो. विनोद कुमार भारद्वाज ने कार्यशाला में प्रतिभागी विद्यार्थियों को इसके माध्यम से प्राप्त नई जानकारियों एवं शोध प्रक्रियाओं को अपने शोध कार्य की गुणवत्ता बढ़ाने में उपयोग करने का सुझाव दिया।

इस तीन दिवसीय कार्यशाला में कुल 52 शोधार्थियो और स्नातकोत्तर छात्र सम्मिलित हुए। कार्यशाला में कुल 12 सत्र आयोजित हुए। दिनांक 8 अप्रैल को जनसंख्या के वितरण, वृद्धि और इसके सामजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर प्रो. श्रीकमल शर्मा ने विस्तृत विश्लेषण के माध्यम से बताया कि किस प्रकार जनसंख्या की असंतुलित वृद्धि शिशु, युवा, वयस्कतथा वृद्ध आयु समूहो को प्रभावित कर रही है। 

डॉ. निखिलेश परचुरे ने जनसंख्या के सामाजिक-आर्थिक विकास में मिशन मोड प्रोजेक्ट की भूमिका और आवश्यकता के साथ उनके लाभ के बारे में जानकारी दी। इन प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन हेतु सूचना तकनीक के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। 

विभिन्न डेटा को एकत्रित करने, उनके प्रस्तुतिकरण और नीति निर्धारण हेतु इस डेटा के उपयोग हेतु आवश्यक सूचनातंत्र की स्थिति के बारे में विभिन्न डेटा स्त्रोतों जैसे आई.एच.आई.पी., ई-अस्पताल, एच.एम.आई.एस. की जानकारी और उनकी उपादेयता के बारे में बताया।

कार्यशाला में दूसरे दिन प्रो. संतोष शुक्ला में शोध प्रक्रिया के विभिन्न आयामों पर विभिन्न उदाहरण देते हुए सरल भाषा में शोध प्रकिया में प्रारंभिक विचारों का तार्किक रूप से लेखन और उसके परिष्करण की आवश्यकता के बारे में विस्तार से बताया। 

शोधपत्र लेखन और उनके प्रस्तुतिकरण में होने वाली त्रुटियों को ठीक करने तथा आवश्यक सावधानियों के बारे में उन्होने छात्रों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए। छात्रों को जनगणना, सेंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम, नेशनल सेंपल सर्वे, सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम तथा नेशनल फेमेली हेल्थ सर्वे के डेटा की एकत्रीकरण की विशेषताओं और प्रक्रिया के बारे में जानकारी के साथ जनगणना के आयु संबंधी आँकड़ों की उपयोगिता के बारे में बताया गया। इन आँकड़ों के विश्लेषण और प्रबंधन तथा प्रस्तुतिकरण में उपयोग होने वाले विभिन्न डेटा एनालिसिस विधियों की भी जानकारी दी गई।

कार्यशाला के तीसरे दिन भूगोल विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. हेमंत पाटीदार ने सेंपलिंग तकनीक की शोध हेतु आवश्यकता के बारे में छात्रों को विस्तारपूर्वक बताया। प्रोबेबिलिटी सेंपलिंग और नॉन-प्रोबेबिलिटी सेंपलिंग में अंतर और उनके उपयोग के बारे में विभिन्न उदाहरणों से छात्रों को अवगत कराया। 

पी.आर.सी. द्वारा किये गए प्रमुख शोध प्रोजेक्ट की अवधारणा, उनके उद्देश्य तथा डेटा संग्रहण, विश्लेषण के बारे में छात्रों को अवगत कराया गया। इन शोध प्रोजेक्ट के निष्कर्षों से स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों में सुधार हेतु किये गए परिवर्तनों के बारे में भी कार्यशाला में बताया गया।

कार्यशाला के अंतिम सत्र में प्रो. भारद्वाज ने छात्रों को डेटा विश्लेषण तथा उसके परिणामों की व्याख्या के बारे में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होने छात्रों से तर्कसंगत शोध करने की और शोध की पुनरावृत्ति से बचने की सलाह दी।

कार्यशाला के समापन सत्र में भूगोल विभाग के समस्त प्राध्यापक गण तथा पी.आर.सी. के सभी इन्वेस्टीगेटर उपस्थित रहे। इस अवसर पर कार्यशाला के समन्वयक डॉ. हेमंत पाटीदार ने प्रथम “ज्ञान समृद्धि” कार्यशाला के आयोजन हेतु माननीय कुलपति द्वारा दिए गए मार्गदर्शन हेतु धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस संबंध में कुलपति जी द्वारा प्राप्त मार्गदर्शन से कार्यशाला का सफल आयोजन संभव हो सका। 

उन्होने तीन दिवसीय कार्यशाला के आयोजन की रूपरेखा बनाने और उसके क्रियान्वयन हेतु आवश्यक मार्गदर्शन के लिये प्रो. भारद्वाज को धन्यवाद दिया। कार्यशाला में विषय वक्ता के रूप में आमंत्रित प्रो. श्रीकमल शर्मा तथा प्रो. संतोष शुक्ला को भी धन्यवाद प्रेषित किया। डॉ. प्रवेंद्र कुमार तथा डॉ. आर. बी. अनुरागी ने भी इस अवसर पर छात्रों को संबोधित किया।उन्होने पी.आर.सी. के डॉ. निखिलेश परचुरे, डॉ. ज्योति तिवारी तथा डॉ. निकलेश कुमार के विशेष सहयोग हेतु धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर डॉ. सतीश सी. ने सभी उपस्थित शिक्षकों, पी.आर.सी. सदस्यो तथा विभाग के सभी सहयोगियों का इस कार्यशाला के सफल आयोजन हेतु आभार व्यक्त किया तथा छात्रों से इस कार्यशाला के बारे अपने फीडबेक देने का आग्रह किया।

Sagar Watch News

सागर 08 अप्रैल 2024/ 
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक आर्य ने मीडिया कर्मियों से आगामी लोकसभा निर्वाचन को शुध्द, स्वतंत्र और निष्पक्ष कराने में सहयोग की अपेक्षा की है। पुलिस अधीक्षक अभिषेेक तिवारी ने कहा कि आदर्श आचरण संहिता का पालने कराने में मीडिया की महत्ती भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। 

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक आज मकरोनिया स्थित एक होटल में ’’निर्वाचन में मीडिया की भूमिका’’ विषय  पर आयोजित मीडिया कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। 
 
श्री दीपक आर्य ने मीडिया कर्मियों से कहा कि चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुरूप निर्वाचन प्रकिया संपन्न करवाई जाती है। पेड न्यूज पर नियंत्रण के साथ ही उसकी निगरानी के लिए एमसीएमसी (मीडिया अनुवीक्षण एवं मीडिया प्रमाणन समिति) का गठन भी किया जाता है। 

चुनाव तभी सफलतापूर्वक संपन्न होंगे जब मीडिया हाउस निष्पक्ष रूप से सहयोग करेंगे तथा पेड न्यूज,  फेक और भ्रामक खबरों के प्रकाशन से स्वयं को तटस्थ रखेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी निगेटिव खबर के प्रकाशन अथवा प्रसारण के पूर्व उसकी सत्यता या वस्तुस्थिति का पता अवश्य लगा लेना चाहिए। श्री दीपक आर्य ने मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे प्रश्नों के उत्तर भी दिये।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए लागू आचरण संहिता के पालन में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। भ्रम फैलाने वाली खबरों के प्रकाशन से मीडिया को बचना चाहिए। 

उन्होंने  कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जायेगी। सभी मीडिया कर्मियों को चुनाव आयोग द्वारा प्रदत्त प्राधिकारी पत्र अवश्य साथ में रखना चाहिए। सुरक्षा, जांच और कानून व्यवस्था बनाए रखने में मीडिया को पुलिस प्रशासन का सहयोग भी करना चाहिए।  

सीईओ जिला पंचायत श्री पीसी शर्मा ने बताया कि दस साल पहले चुनाव में मतदान का प्रतिशत कम रहता था। भारत निर्वाचन आयोग की पहल पर मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए स्वीप गतिविधियां व्यापक स्तर पर प्रारंभ की गई है। 

जिसके सकारात्मक परिणाम निरंतर सामने आ रहे है। उन्होंने यह भी कहा स्वीप गतिविधियों से ही मतदाताओं में जागरूकता आई है और मतदान प्रतिशत निरंतर बढ़ा है। हाल के विधान सभा चुनाव में स्वीप गतिविधियां का बेहतर संचालन हुआ था।

अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी  रूपेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि आगामी लोकसभा निर्वाचन में मतदान प्रतिशत बढाने के भरसक प्रयास हांेगे। उन्होंने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए लोगों को जागरूक करने विभिन्न गतिविधियों के संचालन में मीडिया से भी सहभागिता की अपील की। 

मतदान प्रतिशत बढ़ाने हेतु चुनाव प्रकिया में अपनाएं गये नवाचारों के प्रचार-प्रसार पर भी उन्होंने जोर दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा ने चुनाव के दौरान पुलिस की मीडिया से अपेक्षाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला।
 
मास्टर प्रशिक्षक वाय.पी. सिह ने पेड न्यूज एवं मीडिया मानीटरिंग के लिए गठित एमसीएमसी की भूमिका तथा संरचना पर विस्तृत जानकारी मीडिया कर्मियों को दी। श्री सिंह ने भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा प्रिंट, इलेक्ट्रानिक तथा सोशल मीडिया निगरानी के लिए चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों पर भी चर्चा की। उन्होंने लोकसभा निर्वाचन के दौरान राजनैतिक दलों, अभ्यार्थियों के विज्ञापनों के पूर्व प्रकाशन व प्रसारण के लिए गठित एमसीसी तथा प्रमाणीकरण की प्रकिया से भी मीडिया कर्मियों को अवगत कराया।

 कलेक्टर  एवं पुलिस अधीक्षक ने मीडिया कार्यशाला का शुभारंभ किया। संभागीय जनसंपर्क कार्यालय के संयुक्त संचालक   पीएन श्रीवास्तव, सहायक संचालक  एवं एमसीएमसी की सदस्य सचिव  सौम्या समैया, सहायक नोडल अधिकारी एमसीसी   मनोज नेमा ने अतिथियों को पारिजात के पौधे भेंट कर स्वागत किया। कार्यशाला में जिले के मीडियाकर्मी तथा जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यशाला का संचालन सहायक संचालक सौम्या समैया ने किया। 

Sagar Watch News

Sagar Watch News
लोकसभा निर्वाचन-2024 के निर्वाचन कार्यक्रम के तहत जारी  नाम निर्देशन की प्रक्रिया में टीकमगढ़  संसदीय क्षेत्र में  संवीक्षा के दौरान दो अभ्यर्थियों के, खजुराहो लोकसभा क्षेत्र  में  पांच अभ्यर्थियों के व दमोह लोकसभा क्षेत्र में दो अभ्यर्थियों के नाम निर्देशन पत्र ख़ारिज हो गए हैं। इस प्रकार संभाग के तीन संसदीय क्षेत्रों में कुल नौ  अभ्यर्थियों के नाम निर्देशन पत्र तकनीकी खामियों के चलते निरस्त किये गए हैं 

अधिकृत जानकारी के मुताबिक अनूसूचित जाति के लिए आरक्षित संसदीय क्षेत्र टीकमगढ़ अभ्यर्थियों द्वारा लोकसभा निर्वाचन-2024 के लिये दाखिल किये गये नाम निर्देशन पत्रों की आज संवीक्षा की गई। संवीक्षा के दौरान दो अभ्यर्थियों के नाम निर्देशन पत्र निरस्त किये गये तथा 8 अभ्यर्थियों के नाम निर्देशन पत्र स्वीकृत किये गये। 

संवीक्षा प्रक्रिया में  

  • बहुजन समाज पार्टी  के अभ्यर्थी अहिरवार दल्लूराम, 
  • इंडियन नेशनल कांग्रेस अभ्यर्थी खुमान उर्फ पंकज अहिवार, 
  • भारतीय जनता पार्टी अभ्यर्थी डॉ वीरेन्द्र कुमार, 
  • राष्ट्रीय समाज पक्ष अभ्यर्थी अहिरवार पंकज, 
  • आदर्श न्याय रक्षक पार्टी अभ्यर्थी एनआर प्रजापति, 
  • निर्दलीय अभ्यर्थी पंकज अहिरवार, 
  • बाबूलाल खंगार, 
  • सरजू प्रसाद का नाम निर्देशन पत्र स्वीकृत किया गया। 

गौरतलब है कि नाम निर्देशन पत्र भर चुके अभ्यर्थी 8 अप्रैल तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्रमांक-6 टीकमगढ़(अजा) के लिये 26 अप्रैल को मतदान होगा तथा मतगणना 4 जून को होगी।

 खजुराहो संसदीय क्षेत्र 

लोकसभा निर्वाचन अंतर्गत शुक्रवार को नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा में पांच अभ्यर्थियों का नामांकन पत्र रद्द हो जाने के बाद खजुराहो संसदीय क्षेत्र से अब 14 अभ्यर्थी चुनावी मैदान में शेष रह गये हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार अभ्यर्थी सोमवार, 8 अप्रैल को दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवारी से नाम वापस ले सकेंगे।      

पन्ना जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा का काम खत्म हो जाने के बाद चुनावी मैदान में शेष रह गये अभ्यर्थियों में 

  • भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार विष्णुदत्त शर्मा एवं 
  • बहुजन समाज पार्टी के अभ्यर्थी कमलेश कुमार शामिल है, 
  • जबकि 12 निर्दलीय अभ्यर्थी 
  • मोहम्मद इमरान, 
  • कपिल गुप्ता भारतीय, 
  • केशकली, गिरन सिंह, 
  • नंदकिशोर, 
  • पंकज मौर्य (कुशवाहा), 
  • पन्ना लाल त्रिपाठी एड., 
  • फिरोज खां, 
  • बिटइया अहिरवार, 
  • आर.बी. प्रजापति (राजा भइया) पूर्व आईएएस 
  • लक्ष्मण सिंह 
  • पेंटर सुन्लोमान सिंह लोधी  

 शेष रह गए हैं। 
लोकसभा निर्वाचन हेतु स्क्रूटनी पश्चात 16 अभ्यर्थी शेष


दमोह संसदीय क्षेत्र 

दमोह संसदीय क्षेत्र की स्क्रूटनी प्रक्रिया के दौरान 02 नामनिर्देशन पत्र-भगवानदास प्रजापति एवं डालचंद के खारिज किये गये। अब 16 अभ्यर्थी निर्वाचन हेतु शेष रह गये हैं। नाम वापिसी के लिये 08 अप्रैल की तिथि निर्धारित है। 

स्क्रूटनी पश्चात मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य राजनैतिक दलों के अभ्यर्थियों में इंजीनियर गोवर्धन राज बहुजन समाज पार्टी, तरबर सिंह लोधी (बन्टू भैया) इंडियन नेशनल कांग्रेस, राहुल सिंह लोधी भारतीय जनता पार्टी शामिल हैं। 

रजिस्ट्रीकृत राजनैतिक दलों के अभ्यर्थी में 

  • मनु सिंह मरावी भारत आदिवासी पार्टी, 
  • राजेश सिंह सोयाम गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, 
  • भैया विजय पटेल (कुर्मी) तिरगढ़ वाले भारतीय शक्ति चेतना पार्टी, 
  • अमित दुबे राम जी निर्दलीय, तरवर सिंह लोधी निर्दलीय, 
  • दुर्गा मौसी निर्दलीय, 
  • नीलेश सोनी निर्दलीय, 
  • नंदन कुमार अहिरवाल निर्दलीय, 
  • राकेश कुमार अहिरवार निर्दलीय, 
  • रामभजन बंशल लुड़यारा निर्दलीय, 
  • राहुल भैया निर्दलीय, 
  • राहुल भैया निर्दलीय एवं 
  • वेदराम कुर्मी निर्दलीय शामिल हैं।