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Achievement-  वर्षा शर्मा को मिला  इंटरनेशनल एकेडेमिक एचीवर्स अवार्ड

सागर वॉच/ 
 एडविन इनकारपोरेशन बैंकॉक थाईलैण्ड के तत्वावधान में इन्स्टिट्यूट आफ़ टेक्नॉलाजी (आईटी) बैंकॉक में डिजिटल वर्ल्ड प्रोग्रेस: न्यू इनिसेटिव्स एंड चैलेंजेज़ विषय पर केंद्रित तीन दिवसीय(२०-२२ नवम्बर) इंटरनेशनल कान्फ्रेंस में सागर विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग की प्रोफ़ेसर एवं बायोटेकनालाजी विभाग की अध्यक्ष डा.वर्षा शर्मा ने कांफ्रेंस के एक तकनीकी सत्र की अध्यक्षता की साथ ही उनके पेपर ‘एक्सप्लोरिंग दि डिजिटिलाइजेशन ऑफ़ एज़ुकेशन’ को 
काफ़ी सराहना मिली।

इस अवसर पर प्रो.शर्मा को “इंटरनेशनल एकेडेमिक एचीवर्स अवार्ड 2022-23” प्रदान किया गया। कांफ्रेंस में भारत, थाईलैण्ड, नाइजीरिया, चीन, पाकिस्तान, फ़्रांस सहित कई देशों के 157 प्रतिभागियों ने शिरकत प्रो.वर्षा की इस उपलब्धि पर प्रो.एस.पी.व्यास, प्रो.दिनेश सराफ़, प्रो.उमेश पाटिल, प्रो.सुनील श्रीवास्तव, डा.आलोक नीरा सहाय, डा.नवीन गिडीयन, डा.नीना गिडीयन, डा.पायल महोबिया,डा.राजेंद्र चौदा, प्रो.सुबोध जैन, डा.सतीश भाटी सहित प्रबुद्ध वर्ग ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाइयाँ प्रेषित की हैं।


सागर वॉच/
  डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के विधि विभाग के छात्र/छात्राओं ने मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा मुख्य परीक्षा 2022 में कुल 19 छात्र/छात्राओं ने सफलता प्राप्त कर विभाग एवं विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। 

मुख्य परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों में पलक प्रजापति, ऐका सोनी, आकृति बुधोलिया, रिताम्बरा राजे, ईहा घई, शुभांशु सोनी, स्मृति सूर्यवंशी, दिव्यांशु गुप्ता, सृष्टि कुशवाहा, तृणिता पहाड़े, मानसी अग्निहोत्री, कृत्रिका डेहरिया, राहुल अहिरवार, चित्रांश बागरी, आकांक्षा गर्ग, रिया जैन, आदित्य जैन। 

विभागाध्यक्ष प्रो. वाय.एस. ठाकुर एवं सभी शिक्षकों ने सफल छात्रों को उनकी सफलता के लिये बधाई दी। विवि की कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता ने मुख्य परीक्षा में सफल सभी छात्र-छात्राओं को बधाई प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दीं।


Gour Jayanti-मुख्यमंत्री ने किया नैनो प्रौद्योगिकी भवन का लोकार्पण

सागर वॉच/
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार शाम डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर में डॉ गौर जयंती के अवसर पर 29 करोड़ 50 लाख की लागत से बने परिष्कृत उपकरण एवं नैनो प्रौद्योगिकी भवन का लोकार्पण किया।

भवन की विषेषताएं
इस भवन में वैज्ञानिक शोधों के उच्च स्तरीय उपकरण के साथ प्रयोगशाला संचालित किया जाएगा। आगामी समय योजना अनुसार नैनो टेक्नोलॉजी विषय से संबंधित पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। इस भवन में फायर फाइटिंग, सीसीटीवी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी  अत्याधुनिक सुविधाएँ हैं। इस भवन के अंतर्गत वैज्ञानिकों एवं उनके शोध के लिए व्यवस्था की गई है। यह भवन विज्ञान के तकनीकी उपकरणों के रख रखाव में उपयोगी साबित होगा।

नैनो प्रौद्योगिकी भवन के लोकार्पण से पहले मुख्यमंत्री व केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं जलशक्ति राज्य मंत्री  प्रहलाद पटेल ने  ने डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर में गौर समाधि स्थल पहुंचकर पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया।  


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गौर जंयती सागर गौरव दिवस के अवसर पर मकरोनिया रेलवे ओवर ब्रिज का लोकार्पण किया। मकरोनिया में रेलवे गेट नंबर 30 पर बने इस पुल से लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई है और इससे लोगों को एक बड़ी सुविधा मिलेगी। इस ब्रिज पर 36 करोड़ 26 लाख रू. की लागत आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुल से बुंदेलखंड के लाखों लोगों को परिवहन की सुविधा मिलेगी और पुल का नाम डॉ. हरिसिंह गौर के नाम पर होगा।


Gour Utsav-सागर विवि में एनएसडी जैसा संस्थान स्थापित हो-आशुतोष राणा

सागर वॉच।
24 नवंबर डॉ हरीसिंह गौर की 153वीं जयंती के अवसर पर गौर उत्सव और सागर गौरव दिवस के अंतर्गत विश्वविद्यालय एवं सागर जिला प्रशासन के संयुक्त तत्त्वावधान में प्रख्यात सिने अभिनेता एवं साहित्यकार आशुतोष राणा का श्विद्यार्थियों के साथ संवादश् कार्यक्रम विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित किया गया
 कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो  नीलिमा गुप्ता ने की

अभिनेता एवं साहित्यकार आशुतोष राणा के सहपाठी डॉ मनोज शर्मा और विश्वविद्यालय के कुलसचिव संतोष सोहगौरा ने चौपाल पर प्रश्नोत्तरी के माध्यम से संवाद सत्र का संयोजन कियाण् डॉ गौर के जीवन से प्रभावित होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि डॉ गौर एक व्यक्ति से व्यक्तित्व बने जब उन्होंने अपनी पूंजी से इस विश्वविद्यालय की स्थापना की और आज हम सबके बीच वे एक विचार के रूप में स्थापित है। 

उन्होंने सागर विश्वविद्यालय को स्थापित कर यहाँ शिक्षा की नींव रखी। उन्होंने डॉ गौर को शिक्षक के रूप में सराहा और कहा कि सच्चे अर्थों में शिक्षित व्यक्ति वही है जो सम्पूर्ण समाज को शिक्षित करता है।

यही कार्य डॉ गौर ने इस विवि के माध्यम से किया। विवि की कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता ने भी उनसे संवाद करते हुए इस विवि से छात्र जीवन में उनकी अपेक्षाएंए सपने और विवि की बेहतरी के लिए सुझाव भी मांगे।  उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता या कार्यक्रम में प्रतिनिधित्व का सपना वे देखते थे, जिसमें वे युवा उत्सव, एन एस एस के माध्यम से भाग लेते थे।

उन्होंने कुलपति से अनुरोध करते हुए सुझाव दिया की सागर विवि में एनएसडी जैसा संस्थान फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टिट्यूटए स्थापित हो। उन्होंने कहा कि इस विवि से निकला हुआ हर विद्यार्थी क्षमता एवं दक्षता के साथ निकले जो स्वयं में एक विवि का प्रतिनिधित्व बने।

सहपाठी रहे मनोज शर्मा ने उनके विद्यार्थी जीवन से जुड़े कई रोचक प्रसंग छेड़ेण् जैसे उनके हॉस्टल के कमरे में कभी ताला क्यों नहीं लगाए उनके खाने के मित्रों के बारे में ए दूसरों की शर्ट आदि पहनने के रोचक किस्से उन्होंने विस्तारपूर्वक बतायेण् उन्होंने कई दिलचस्प किस्से साझा किये जैसे वह परीक्षा के लिए तैयारी कैसे करते थे।

उन्होंने बताया कि सहपाठी जो पढ़ते थे वे बस उन्हें ज़ोर से पढ़ने को कहते थे और सुन कर ही उन्हें याद कर लेते थेण् इस प्रश्न से उन्होंने विद्यार्थियों को श्रवण शक्ति एवं श्रुति आधारित भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्व समझाया। विद्यार्थियों के आग्रह पर उन्होंने रश्मिरथी की पंक्तियाए शिव तांडवए प्रिय तुमए बचपन याद आता है एवं माँ पर आधारित कविता सुनाई। उन्होंने अपनी पुस्तक से व्यंग्य ष्मनोविज्ञान के क्रांतिकारी सूत्रष् का भी पाठ किया।

उन्होंने विद्यार्थियों के अन्य सवाल जैसे निरंतर प्रयास करने के बावज़ूद सफलता न मिलनाए आध्यात्मिकत चिंतन को कैसे बढ़ाये आदि गहन प्रश्नों के भी सरलता से उत्तर दिया एवं कहा कि असफलता जैसी कोई चीज़ नहीं होतीए हमें बस इच्छित फल प्राप्त नहीं होता हैण् नियति को स्वीकारते हुए हमें प्रकृति पर भरोसा करना चाहिए कि इससे कुछ और बेहतर होगाण् उन्होंने कहा कि असल सुख लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जो प्रक्रिया है उसी में होता है क्यूंकि लक्ष्य प्राप्ति के बाद हम फिर कोई दूसरा लक्ष्य निर्धारित कर लेते हैंण्

कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए विस्तारपूर्वक जीवन और शिक्षा के क्षेत्र की जरूरी बातें साझा कींण् उन्होंने तीनबत्ती के कई किस्से साझा कियेण् उन्होंने अपने कई मित्रों का भी जिक्र कियाण् कार्यक्रम में सागर जिला कलेक्टर दीपक आर्यए पुलिस अधीक्षक तरुण नायक ने भी संवाद कियाण्संचालन सांस्कृतिक परिषद के समन्वयक डॉ राकेश सोनी ने कियाण् परिचय डॉण् आशुतोष ने प्रस्तुत कियाण्ण् इस अवसर पर युवा नेता गौरव सिरोठिया, सागर नगर के अनेक गणमान्य नागरिक, पत्रकार, समाजसेवी, जिला प्रशासन के कई अधिकारी, पूर्व और वर्तमान छात्र, शिक्षक, कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
Gour Utsav-खजाने की तरह हैं विश्वविद्यालय के लिए एलुमनाई-कुलपति

सागर वॉच/
डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में गौर उत्सव के अंतर्गत गौर व्याख्यानमाला का आयोजन विश्वविद्यालय एलुमनाई एसोसिएशन के तत्त्वावधान में किया गया जिसका विषय था भारतीय ज्ञान परंपरा एवं चरित्र निर्माण था । मुख्य वक्ता विवि के पूर्व कुलपति प्रो एस पी व्यास थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता ने की. मंच पर प्रो. आर के त्रिवेदी, प्रो. के एस पित्रे एलुमनाई एशोशिएसन के अध्यक्ष मौजूद रहे.

कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता ने कहा कि आज विश्वविद्यालय की ख्याति पूरे शहर, प्रदेश और हर जगह व्याप्त है. उन्होंने कहा कि एलुमनाई विश्वविद्यालय के लिए वह चीज है जिससे विश्वविद्यालय जिंदा रहता है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन गुरुकुल परंपरा में व्यक्ति का व्यक्तित्व विकास गुरु ही करते हैं । यदि हम शिक्षा को आगे ले जाना चाहते हैं तो हमें एलुमनाई को साथ में लेना होगा। 

एक अच्छा शिक्षक समस्या से पार ले जाता है. हमें यह सोचना है कि जिंदगी में हम क्या करना या पाना चाहते हैं तभी हम लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। हमें चाहिए कि लाख आंधियां चलें लेकिन दीपक जलता रहे, इस तरह के श्रम और दृढ़ संकल्प से ही लक्ष्य हासिल होता है।

सार्थक जीवन ही सफलता का पैमाना है . प्रोण् व्यास
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो व्यास ने कहा कि जिंदगी में यह मायने नहीं रखता कि हम जिंदगी में कितने सफल हुएए बल्कि मायने यह रखता है कि जिंदगी हमने कितने सार्थक ढंग से जी है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में बुद्धए कबीरए गांधी तथा तुलसीदास का उल्लेख करते हुए बताया कि हमारी भारतीय ज्ञान परंपरा में सच को पहचानने तथा ज्ञान को अर्जित करना इन मनीषियों ने आसान किया है। कबीर ने वह कहा जो उन्होंने देखाण् जब मैं था तब हरि नहीं अब मैं हूं हरि नाही । यही दर्शन है । जो हमने देखा है वही सत्य हैण् ज्ञान के आयोजन से व्यक्ति का चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास होता है जो उसके मानव धर्म निभाने में दिखता है । उन्होंने कहा कि सर हरिसिंह गौर नाम उन सर्वोपरि महान दानवीर में से एक है जो जानते थे कि हमने शिक्षा पा लिया तो सब कुछ पाया जा सकता है। 
स्वागत भाषण एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो, के एस पित्रे ने दिया,सचिव प्रो पुणतांबेकर ने एसोसिएशन का विवरण प्रस्तुत किया और जनवरी 2023 में आयोजित की जाने वाली मेगा मीट का भी विवरण प्रस्तुत कियाण् दियाण् उन्होंने 75 पेंटिंग्स भेंट करने के संकल्प को पूर्ण करते हुए विश्वविद्यालय को अपनी बनाई पेंटिंग्स भेंट कीण् प्रो पी अग्रवाल ने कार्यक्रम में एलुमनाई एसोसिएशन को पुनः जीवंत करने के लिए कुलपति प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता का धन्यवाद किया और प्रो व्यास का परिचय प्रस्तुत किया। 

संचलान डॉ शालिनी चोइथरानी ने कियाण् पूर्व छात्र अमरकांत जैन ने आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में प्रो चंदा  बेन, प्रो सुबोध जैन, प्रो पाटिल, कुलसचिव संतोष सोहगौरा, विवि के कई शिक्षकए छात्र और अधिकारी मौजूद रहे,  कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण तथा समस्त छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

Gour Utsav-किसानों का घर टपकता है तब भी दुआ बारिश की करता है

सागर वॉच/
डॉ. हरिसिंह गौर विवि के सांस्कृतिक परिषद द्वारा आयोजित किए जा रहे 9 दिवसीय गौर गौरव उत्सव के तृतीय दिवस में मिमिक्री एवम भाषण प्रतियोगिता विवि के स्वर्ण जयंती सभागार में संपन्न हुई। मिमिक्री में छात्रों ने जानवरों, फिल्मी कलाकारों, नेताओं, वाहनों आदि की आवाज़ों को निकाल कर दर्शकों को खूब हंसाया। छात्र प्रदीप रजक ने मुर्गे, गधे और कुत्ते की आवाज़ निकल कर वाह वाही लूट ली।

भाषण प्रतियोगिता के विषय "आत्मनिर्भर भारत एवम ग्रामीण विकास" पर छात्र कुलदीप केशरवानी ने लिज़्जत पापड़ कंपनी का उदाहरण देते हुए, अपना वक्तव्य दिया जोकि सात महिलाओं से शुरू हुई थी और आज 45 हजार महिलाए उसके द्वारा रोजगार प्राप्त कर रही हैं। अदिति नाहर ने कोविड 19 के बाद विश्व गुरु बनने पर भारत की जीत पर जोर दिया। दीनदयाल अहिरवार ने डॉ हरिसिंह गौर के उदाहरण से आत्मनिर्भरता पर विचार रखे। केतुल जैन ने वर्तमान सरकार की चुनौतियों पर विचार रखे। महक देवलिया ने कहा कि गांधी के पदचिन्ह ही आत्मनिर्भरता की नींव है। अलीशा आफरीन खान ने स्वदेशी औषधियों और खान पान पर जोर दिया। ऋतिक नागर ने केरल और तमिलनाडु की सरकारों के द्वारा पंचायतों को दिए अधिकारों की बात कही। रिती तिवारी ने भारतीय किसानों की पारंपरिक तरीकों पर जोर देने की बात कही। साहिल खान ने मेक इन इंडिया पर विचार रखे।
मिमिक्री प्रतियोगिता में सात स्कूलों ने भाग लिया ,तथा भाषण प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों के 37 छात्र छात्राओं ने भाग लिया।
भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. किरण आर्य, डॉ. बबलू राय, डॉ. अरविंद कुमार गौतम एवम मिमिक्री विधा के निर्णायक डॉ. राकेश सोनी, श्री बालमुकुंद अहिरवार, एवम श्री राघवेन्द्र सिंह लोधी थे।
कार्यक्रम के अतिथि विवि के प्रभारी कुलपति प्रो. पी के कठल, प्रो. आर के त्रिवेदी, डॉ. राजू टंडन, प्राचार्यबीटीआईई महाविद्यालय, डॉ. आशीष पटैरिया, प्राचार्य बीकेपी महाविद्यालय थे ।
उपसंहार तथा आभार ,राष्ट्रीय छात्र सांसद के विजयी छात्र प्रताप राज तिवारी ने पढ़ा।मंच संचालन छात्रा अर्ची, देवकुमार, सौरभ एवम श्रुति ने किया ।
गौर गौरव दिवस के चतुर्थ दिवस में आचार्य शंकर भवन में दोपहर 12 बजे से ललित कलाओं , पेंटिंग, पोस्टर , रंगोली आदि की प्रतियोगिता आयोजित की जावेगी।

Dr Gour   Jayanti -दीपावली पर्व जैसी मनाई जाएगी गौर जयंती व  गौरव दिवस

सागर वॉच/
डॉ. हरि सिंह गौर की जंयती और सागर गौरव दिवस के आयोजन के लिए नगरीय विकास विभाग की ओर से सवा करोड़ रू. की राशि मंजूर की है।उन्होंने कहा कि सागरवासियों की सहभागिता से आगामी 26 नवम्बर को  डॉ. गौर जंयती और सागर गौरव दिवस को दिवाली पर्व जैसा मनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 नवम्बर को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपनी सहमति दी है।  मुख्य मंत्री श्री चौहान मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने से पहले  शाम 5 बजे डॉ. गौर की समाधि पर पुष्पचक्र अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण करेंगे तथा तीनबत्ती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे।

नगरीय विकास मंत्री ने गुरूवार को कलेक्टर कार्यालय परिसर में डॉ. गौर की जंयती और सागर गौरव दिवस मनाने के तीन दिवसीय आयोजन की तैयारियों और सुझाव लेने को लेकर सभी वर्गो, जनप्रतिनिधियो, व्यवसायिक संस्थानों के प्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और पत्रकार बंधुओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि कार्यक्रम को गरिमामय बनाने के लिए आयोजन समिति में शहर के गणमान्य नागरिकों को शामिल किया गया है। डॉ. गौर की जयंती और सागर गौरव दिवस चूकिं गैर राजनैतिक आयोजन है, इसलिए इसमें सभी को आंमत्रित किया गया है।  

26 नवम्बर को तीनबत्ती से कटरा चौकी के बीच कार्यक्रम होगा। जिसमें प्रख्यात कलाकारों की प्रस्तुति होगी।इस कार्यक्रम के सिलसिले  में  सभी पार्षदां से अनुरोध किया कि वे अपने वार्ड में भी आयोजन को लेकर समिति गठित करें। 20 नवम्बर को एक ही समय पर बैठक आयोजित कर घर-घर जाकर लोगों को हल्दी पीले चावल देकर आंमत्रित करे। सोशल  मीडिया पर भी आयोजन के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए भी उन्होंने कहा।


विधायक शैलेन्द्र जैन ने सागर का नाम सागौर और विश्वविद्यालय में डॉ. गौर के नाम से पीठ स्थापित करवाने का सुझाव दिया।  श्री जैन ने अपनी ओर से आयोजन के लिए 2.51 लाख रू. देने की घोषणा की। 

जिला पंचायत अध्यक्ष हीरासिंह राजपूत ने घोषणा की कि हर पंचायत मुख्यालय पर दीपावली जैसा पर्व मनाया जाएगा। श्री राजपूत ने अपनी ओर से एक लाख रू. देने की घोषणा की। 

बैठक में श्री सुरेश आचार्य, डॉ. सुखदेव मिश्रा, पार्षद शैलेन्द्र ठाकुर, अमर जैन, कृष्णवीर सिंह अधिवक्ता, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एड. अंकलेश्वर दुबे, शैलेष केशरवानी, पत्रकार सर्वश्री अभिषेक यादव, संदीप तिवारी के अलावा सुरेन्द्र जैन, संतोष जैन,रानी अहिरवार पार्षद, याकृति जडिया पार्षद, देवेन्द्र पुस्केले, धमेन्द्र खटीक आदि ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
 
आयोजन के लिए मिला 20 लाख से अधिक का जनसहयोग
बैठक में उपस्थित अनेक जनप्रतिनिधियों, प्रतिष्ठित नागरिकों, व्यापारिक संस्थाओं की ओर से जनसहयोग स्वरूप धनराषि देने की भी घोषणा की गई। उक्त राशि को आयुक्त नगर निगम  चन्द्रशेखर शुक्ला के पास जमा कराया जाएगा। 

सहयोग राशि देने वालों में 

  • समाज सेवी मीना पिंपलापुरे 3 लाख रू
  • राहुल साहू राजा क्रॉउन पैलेस होटल 2.21 लाख रू 
  • सर्वश्री नेवी जैन 1.11 लाख रू
  • प्रकाश  चौबे 1 लाख रू 
  • सत्येन्द्र सिंह होरा 1 लाख रू 
  • अशोक साहू चकिया 21 हजार रू
  • अशोक दुबे 21 हजार रू
  • महेश साहू 1 लाख रू
  • गोलू जैन 51 हजार रू
  • राधे-राधे मंडल 11 हजार रू
  • रमेश चौरसिया कल्प धाम गुप्र 3 लाख रू
  • संतोष जैन गडी 1 लाख रू
  • नंदकिशोर 51 हजार रू
  • राजेष मलैया 51 हजार रू 
  • उमेश यादव 51 हजार रू
  • मनोज रैकवार 21 हजार रू
  • कमलेश बघेल 51 हजार रू
  • अरूण सिघंई एवं 
  • सागर प्रसूति गृह 31-31 हजार रू. प्रमुख है।


प्रारंभ में जिला कलेक्टर दीपक आर्य ने तीन दिवसीय आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि  पहले दिन स्कूल स्तर से विभिन्न प्रतियोगिताएं होगी। प्रत्येक वार्ड से रैली निकलकर पद्माकर सभागार में समाप्त होगी। फिल्म कलाकार श्री आशुतोष राणा व युवाओं और छात्रों के बीच संवाद का कार्यक्रम होगा। 

शाम को महापौर संगीता तिवारी की अध्यक्षता में महिलाओं को कार्यक्रम होगा। 25 नवम्बर को हर वार्ड से साईकिल रैली निकलेगी, जो पद्माकर सभागार में समाप्त होगी। सुबह 9 बजे सभी विद्यालय के बच्चे रैली के रूप में निकलकर गौर मूर्ति पर माल्यार्पण करेंगे। 12 बजे फिल्म प्रदर्शन के द्वारा स्कूली बच्चों को डॉ. गौर व सागर के विकास की जानकारी दी जाएगी। दोपहर 1 बजे रक्तदान शिविर  तथा 4 बजे सिने कलाकार मुकेश तिवारी का संवाद कार्य्रकम होगा।  शाम 6 बजे सभी वार्डो में दीप, उत्सव होगा।


Press Confrerence-वेस्ट जोन अंतर-विश्वविद्यालय पुरुष खो-खो प्रतियोगिता 10  मार्च से

सागर वॉच/ 07 मार्च/
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में वेस्ट जोन अंतर-विश्वविद्यालय पुरुष खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन दिनांक 10 से 13 मार्च 2022 तक किया जा रहा है. इस प्रतियोगिता में पश्चिम क्षेत्र की 65 विश्वविद्यालय प्रतिभागिता करेंगे। 

इस अवसर पर आयोजित प्रेस-वार्ता में कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने संबोधित करते हुए कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कोरोना की लम्बी अवधि के बाद विश्वविद्यालय परिसर में खेल गतिविधि एक बड़े आयोजन के साथ शुरू हो रही है 

भारतीय विश्वविद्यालय संघ, नई दिल्ली और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान में शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा चार दिवसीय खो-खो (पुरुष) प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है. खेल से संबंध आत्मीय और प्रगाढ़ होते हैं और हमारा शरीर भी स्वस्थ रहता है, इसलिए खेल से जुड़े रहना चाहिए और प्रत्येक व्यक्ति में खेल की भावना होनी चाहिए

शारीरिक शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो. रत्नेश दास ने 10 से 13 मार्च तक चलने वाली प्रतियोगिता के बारे में विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मानदंड के अनुसार निर्णायक मंडल को भी आमंत्रित किया गया है सभी प्रतियोगी टीम के आवास-भोजन इत्यादि की व्यवस्था विश्वविद्यालय परिसर में की गई है। कुलसचिव संतोष सोहगौरा ने सभी पत्रकार गणों का आभार प्रकट किया।

पूर्व में भी विश्वविद्यालय में हुई हैं अंतर-विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिताएं

प्रो. दास ने बताया कि विश्वविद्यालय खेल परिसर में वर्ष 2002 में बैडमिन्टन, 2010-11 में टेबल-टेनिस, 2011-12 में हॉकी एवं बालीवाल अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिता का आयोजन सफलतापूर्वक किया जा चुका है. इसके साथ ही 2015-16 में अंतर-विश्वविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जा चुका है. यह प्रतियोगिता 19 दिनों तक चली. इसी क्रम में खो-खो (पुरुष) का यह आयोजन कई मायने में महत्त्वपूर्ण है।

ये विश्वविद्यालय कर रहे हैं प्रतिभागिता

डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर मराठवाड़ा औरंगाबाद, कवियत्री भीनाबाई सी.एन.एम.विवि.जलगांव, जेआर.एन. विश्वविद्यालय, उदयपुर. महाराजा गंगा सिंह विवि बीकानेर, राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर, राजीव गांधी प्रौदयोगिकी विवि, भोपाल, देवी अहिल्याबाई विवि इंदौर, वीरनर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय, आईआईएस जयपुर, स्वर्णिम गुजरात विश्वविद्यालय , एम.एस यूनिवर्सिटी बड़ौदा, एस.जी.बी. विश्वविद्यालय अमरावती, आर.टी.एम. विश्वविद्यालय नागपुर, सरदार कृषिनगर डी.ए. विवि. गुजरात, भारती विद्यापीठ विश्वविद्यालय पुणे, गोविंद गुरु आदिवासी विश्वविद्यालय बांसवाड़ा, एलएनआईपीई ग्वालियर.

श्री गोविंद गुरु यूनिवर्सिटी गुजरात, हेमचंद्रचार्य उत्तर गुजरात विश्वविद्यालय, भगवान महावीर विवि सूरत गुजरात, भक्तकवि नरसिंह विवि, गुजरात, पैसिफिक एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन यूनिवर्सिटी, डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर, सेज यूनिवर्सिटी इंदौर, राजऋषि भर्तृहरि विश्वविद्यालय अलवर, नवसारी कृषि विश्वविद्यालय, नवसारी, जूनागढ़ कृषि यूनिवर्सिटी जूनागढ़ गुजरात, गोकुल ग्लोबल यूनिवर्सिटी सिद्धपुर, गुजरात, निम्स विवि राजस्थान, जयपुर, सिंघानिया विवि झुंझुनू, राजस्थान, माधव यूनिवर्सिटी राजस्थान, श्री कौशलदास विवि, शिवाजी विवि कोल्हापुर

सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय पुणे, कच्छ विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय, एम.के. भावनगर विश्वविद्यालय, सरदार पटेल विश्वविद्यालय वल्लभनगर, आईटीएम विश्वविद्यालय ग्वालियर, भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय उदयपुर, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर, जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर, पंडित डीयूएस यूनिवर्सिटी सीकर, गुजरात टेक्नोलॉजिकल गुजरात, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, पुण्यश्लोक सोलापुर विश्वविद्यालय, एम.पी.के.वी. विश्वविद्यालय राहुरी अहमदनगर, पारुल यूनिवर्सिटी, गुजरात एस.आर.टी.एम.विश्वविद्यालय, नांदेड़, कोटा विश्वविद्यालय, कादी सर्व विवि गांधीनगर, बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल, जगन्नाथ विवि, जयपुर, निरमा विवि अहमदाबाद, मौलाना आजाद विवि जोधपुर, एम.डी.एस. विश्वविद्यालय अजमेर, कवि कुलगुरु कालिदास संस्कृत विवि, सौराष्ट्र विश्वविद्यालय राजकोट, महाराजा छत्रसाल विवि छतरपुर, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गुजरात, आईआईटीई स्टेट यूनिवर्सिटी गुजरात, गुजरात विवि अहमदाबाद, रानी दुर्गावती विवि जबलपुर, मुंबई विश्वविद्यालय, मुंबई

प्रदेश में शराब बंदी को लेकर महिला कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन
 

News In Short : ख़बरें संक्षेप में 

सागर वॉच : 24 जनवरी 22

प्रदेश में शराब बंदी को लेकर महिला कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन 

↻ प्रदेश में शराब बंदी को लेकर राज्यपाल के नाम संबोधन ज्ञापन महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष  के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों ने नगर दण्डाधिकारी सागर को सौपा

ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी लागू की जाय क्योंकि शराब दुगुर्णो की खान है इसके सेवन से सामाजिक अपराध बढ़ते है,छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर बुरा असर पड़ता है साथ ही सेवन करने वाले परिवारों के घरों में निर्धनता बढती है 

ज्ञापन में महिला कांग्रेस ने म.प्र.सरकार द्वारा हाल में ही निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में सस्ते दामों पर शराब का विक्रयकरने,इसके विक्रय करने हेतु मॉल और घरों में भी शराब विक्रय के लायसेंस देने के फैसले को समाज और महिला विरोधी बताया 



विधि विभाग की छात्रा जाएगी 
पर्यावरण युवा संसद 2022 में

विधि विभाग की छात्रा जाएगी पर्यावरण युवा संसद 2022 में
↻ डॉ हरिसिंह गौर  केंद्रीय विश्वविद्यालय  की की विधि विभाग की छात्रा अदिति त्रिपाठी का चयन पर्यावरण युवा संसद 2022 में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभागिता के लिए हुआ है अब वे राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद 2022 में प्रतिभागिता करेंगी

अदिति ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े जीवन शैली, आर्थिक और सामाजिक बदलाव विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए 68 प्रतिभागियों के बीच चयनित प्रथम दस में अपनी जगह बनाई है जो अब राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में प्रतिभागिता करेंगे


प्लेसमेंट ड्राइव 31 जनवरी को

↻ आत्मनिर्भर मप्र के अन्तर्गत शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार दिलाने मेडिकल कॉलेज के सामने जिला रोजगार कार्यालय में 31 जनवरी को प्रातः 11 बजे से प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित होगी। 

एसबीआई क्रेडिट कार्ड सागर ब्रांच, यशस्वी ग्रुप पीथमपुर, गोल्डन फार्मा सागर में अलग-अलग पदों के लिए योग्यता कक्षा 12वीं एवं स्नातक, आईटीआई के लिए वेतन 7 से 10 हजार रूपये तक रहेगा। रोजगार उप संचालक डा एमके नागवंशी ने बताया कि साक्षात्कार में शामिल होने के लिये कार्यालय में संपर्क करें।

भाजपा बूथ स्तर तक सुनवाएगी मन की बात 

↻ मंत्री भूपेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री के 30 जनवरी को 11 बजे प्रसारित होने वाले मन की बात कार्यक्रम के प्रभावी विस्तार हेतु माधव सिंह सिलोधा को विधानसभा प्रभारी नियुक्त किया है। 

मंत्री  के निर्देशानुसार सभी प्रभारियों का दायित्व होगा कि आगामी 30 जनवरी के पहले तक प्रत्येक मतदान केंद्र स्तर तक मन की बात कार्यक्रम हेतु
सुनिश्चित करेंगे। यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सभी केंद्रों पर आगामी 30 जनवरी को↻ 11 बजे प्रसारित होने वाले मन की बात कार्यक्रम को सुनने के लिए अधिक से अधिक उपस्थिति रहे।
Stirct Action- केंद्रीय विश्वविद्यालय  परिसर में बिक रहे थे  तम्बाकू-युक्त  पदार्थ


सागर वॉच/ 06 जनवरी 2022/डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर के परिसर स्थित दुकानों पर तम्बाकू संबंधित नशीले पदार्थों की बिक्री की लगातार  शिकायतें मिलने के बाद विश्वविद्यालय की डॉ.  संपदा अधिकारी और सुरक्षा विभाग के संयुक्त टीम ने परिसर स्थित दुकानों का औचक निरीक्षण किया 

सुरक्षा अधिकारी डॉ. हिमांशु कुमार ने बताया कि औचक निरीक्षण के दौरान कई दुकानों से तम्बाकू से संबंधित नशीले पदार्थ पाए गए संबंधित दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि भविष्य में यदि इस तरह के पदार्थ उनकी दुकानों पर पाए जाएंगे तो उनकी दुकानों का आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जायेगी

टीम को अज्ञात रूप से तम्बाकू सामग्री भी मिली जिन्हें टीम द्वारा जब्त कर लिया गया और उन्हें विधिवत कार्रवाई कर नष्ट कर दिया गया गौरतलब है कि विश्वविद्यालय परिसर में नशीले पदार्थों की बिकी और सेवन पूर्णतः प्रतिबंधित है


प्रो. जे. के. जैन वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष नियुक्त

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने वाणिज्य विभाग के प्रो. जे. के. जैन को विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति आगामी तीन वर्ष या उनकी सेवानिवृत्ति तक के लिए की गई है. इसके पूर्व प्रो. डी. के नेमा विभागाध्यक्ष का दायित्व संभाल रहे थे। कुलसचिव संतोष सोहगौरा ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

Digital Calender Launching- साल 2022 डॉ. गौर के संकल्पों को साकार करने का वर्ष-कुलपति

सागर वॉच/31 दिसंबर/ आगामी वर्ष विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. गौर के संकल्पों को साकार करने का वर्ष होगा। डॉ. गौर ने विश्वविद्यालय के माध्यम से जिन सपनों को देखा था, उसको साकार करने की दिशा में पूरा विश्वविद्यालय परिवार संकल्पित है इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष के कैलेण्डर को डॉ. गौर को समर्पित करते हुए उनकी पूरी जीवन यात्रा को दर्शाया गया है

ये विचार कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने डॉ हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर ने वर्ष 2022 के डिजिटल कैलेण्डर का विमोचन कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किये। उन्होंने डिजिटल स्क्रीन पर बटन दबाकर कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कैलेण्डर का विमोचन किया

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि  उनके दुर्लभ चित्रों का संकलन और संयोजन करके प्रत्येक महीने में क्रमशः उनके जीवन वृत्त को कलात्मकता के साथ उकेरा गया है नए साल से नया सवेरा होगाहर महीने के पन्ने पलटते समय डॉ. गौर के संकल्प हमारी स्मृति में रहेंगे और हम सभी असीम ऊर्जा के साथ हर दिन रचनात्मक कार्य कर सकेंगे जिससे निश्चित रूप से विश्वविद्यालय को एक नई ऊंचाई मिलेगी 

उन्होंने डिजिटल कैलेण्डर समिति के सभी सदस्यों को कलात्मक और आकर्षक डिजिटल कैलेण्डर तैयार करने के लिए बधाई दी. इस अवसर पर कुलसचिव संतोष सोहगौरा, उपकुलसचिव सतीश कुमार, समिति के समन्वयक डॉ. ललित मोहन, सदस्य डॉ. पंकज तिवारी, डॉ. छबिल कुमार मेहेर, डॉ. कालीनाथ झा, विवेक जायसवाल के साथ ही डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, माधव चंद्रा, सहायक कुलसचिव आर के पाल, डॉ. मुकेश साहू सहित कई शिक्षक और अधिकारी उपस्थित थे.   

Sanskrit Award-उत्तरप्रदेश संस्कृत संस्थान का विविध पुरस्कार  सागर के  डॉ  संजय को

सागर वॉच /14 दिसम्बर /

संस्कृत विभाग के सहायक प्राध्यापक डा.संजय कुमार को उत्तरप्रदेश संस्कृत संस्थान,लखनऊ,का प्रतिष्ठित विविध पुरस्कार उनकी रचना अग्निपुराण का नाट्य दर्शन पर प्रदान किया गया है |यह पुरस्कार प्रतिवर्ष देश की किसी श्रेष्ठ साहित्यिक कृति पर दिया जाता है | 

संस्थान द्वारा 11000/. रूपये की राशि व प्रशस्ति पत्र से उन्हें प्रेषित किया गया था जिसे कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने अपने कर कमलों से प्रदान किया | डा.संजय निरंतर अपने लेखन से संस्कृत के नवीन एवं महत्त्वपूर्ण विषयों को समाज के सामने लाने का प्रयास करते रहते हैं | 

इस तरह उन्होंने 06 पुस्तकें और लगभग 70 शोध पत्रों का लेखन किया है | इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.नीलिमा गुप्ता ,कुलसचिव श्री संतोष सोहगौरा,अध्यक्ष-संस्कृत विभाग प्रो.आनंदप्रकाश त्रिपाठी,डा.नौनिहाल गौतम, डा.रामहेत गौतम ,डा.शशिकुमार सिंह डा.किरण आर्या और डा.ऋषभ भारद्वाज आदि उपस्थित रहे | विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं शुभ चिंतकों ने इस उपलब्धि डा.संजय कुमार को अनेकश: बधाईयाँ एवं शुभकामनाएं दी|

Samwaad-दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने में विद्यालय एवं समाज  महत्वपूर्ण
सागर वॉच / 02 दिसंबर/ 
योगदान है
 यह विचार डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय  में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के अभिभावकों के प्रशिक्षण के दौरान अभिभावकों से संवाद करते हुए  सागर के डॉ. संजय शर्मा ने व्यक्त किये  

उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानने एवं उसको प्रोत्साहित करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर देना आवश्यक है अभिभावक एवं समुदाय का भावात्मक लगाव बच्चों के आत्मविश्वास को बढाता है. नई शिक्षानीति इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएगी जहाँ विद्यालय और अभिभावक मिलकर शिक्षायी माहौल को समावेशी बनायेंगे।

प्रशिक्षण समन्वयक डायट सागर के प्राध्यापक डॉ. प्रवीण गौतम ने बताया कि दिव्यांग बच्चों के पालकों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण में दिव्यांगजन  अधिनियम-2016 के अंतर्गत समावेशी एवं समग्र शिक्षा, गृह आधारित शिक्षा सहित शासन की प्रमुख योजनाओ के विषय में विस्तार से चर्चा की गई।

जिला शिक्षा केंद्र सागर  के आर.के. आसाटी  ने समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत संचालित योजनाओ एवं सुविधाओं के बारे में अभिभावकों को अवगत कराया. इस डॉ दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में सागर संभाग के दिव्यांग बच्चों के अभिभावक सहभागिता कर रहे थे.

 

Convocation Ceremony-डॉ गौर विवि का दीक्षांत समारोह दिसम्बर में


सागर वॉच ।30 नवंबर डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय  सागर का  30 वां दीक्षांत समारोह  दिसंबर माह में आयोजित होगा। जारी अधिसूचना में बताया गया है कि  दीक्षांत समारोह में सीबीसीएस प्रणाली के अंतर्गत वर्ष 2020 और 2021 में उत्तीर्ण नियमित स्नातक एवं स्नातकोत्तर तथा 15 नवंबर 2019 के उपरान्त पी-एचडी, डी.एस.सी अथवा डी.लिट उपाधि अर्जित अभ्यर्थी दीक्षांत समारोह में सम्मिलित हो सकते हैं कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक सभी अभ्यर्थियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा 

इसके लिए अभ्यर्थियों को  विश्वविद्यालय पर अपलोड की गई सूचना अनुसार दिए गये लिंक पर निर्धारित शुल्क के साथ रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. जो अभ्यर्थी दीक्षांत समारोह में उपस्थिति के बिना डिग्री प्राप्त करना चाहते हैं, वे भी निर्धारित शुल्क के साथ रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. दीक्षांत समारोह के उपरांत डिग्री उनके पते पर प्रेषित की जायेगी



 दीक्षांत समारोह के मुख्य समन्वयक प्रो. नवीन कांगो ने बताया कि अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाईट पर दिए गये लिंक पर 05 दिसंबर 2021 तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.  जो अभ्यर्थी दीक्षांत समारोह में व्यक्तिशः सम्मिलित होंगे उन्हें दीक्षांत पोशाक प्रदान किया जाएगा जिसे वे स्मृति के रूप में रख सकते हैं


समारोह में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए दीक्षांत पूर्वाभ्यास भी आयोजित होगा जिसकी सूचना विश्वविद्यालय वेबसाईट पर अलग से दी जायेगी. सभी अभ्यर्थियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. कम से कम कोविड टीके के एक डोज का प्रमाण-पत्र और कन्टेनमेंट जोन से आने वाले अभ्यर्थियों के पास समारोह आयोजन से 72 घंटे पूर्व का निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट होना चाहिए विश्वविद्यालय आगमन पर उन्हें विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र से स्क्रीनिंग प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा

 Press Meet- डॉ गौर को भारत दिलाने सुप्रीम कोर्ट जाएगी गौर यूथ फोरम

सागर वॉच 
डा. सर हरीसिंह गौर जी को भारत रत्न मिले यह हम सभी की और यहाँ के जनमानस की वर्षों पुरानी मांग रही  है  इसे पूर्ण कराने हेतु "गौर यूथ फोरम  " की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एहतेशाम हाश्मी  और गौर यूथ फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा विवेक तिवारी,सुप्रीम कोर्ट में  याचिका लगाने जा रहे हैं 

 

कोरोना के चलते पिछले वर्ष यह संभव न हो सका था।  इसका  उद्देश्य सरकारो का ध्यान इस ओर आकृष्ट   कराना है कि डा गौर का नाम कि न मापदण्डों के चलते इस प्रक्रिया में शामिल किया जाये !  आज पत्रकारों से चर्चा करते हुये एडवोकेट  एहतेशाम ने बताया कि माननीय उच्चतम न्‍यायालय के संज्ञान में ये बात लाई जायेगी कि क्यों डा सर गौर को भारत रत्न नहीं दिया जा रहा जबकि व्यक्तित्व और समाज सेवा में उनसे कहीं बहुत पीछे के लोगों को इनसे सम्मानित किया जा चुका  है! इस संबध में सारी औपचारिकतायें पूर्ण कर ली गयीं  हैं और अगले  दस दिनों में  यह पिटीशन फाइल कर दी जायेगी

            

गौर यूथ फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. विवेक तिवारी ने कहा कि इस मांग के लिये अब आर पार की लड़ाई लडी जायेगी  यहाँ के सभी जनप्रतिनिधियों और जनता  का पूर्ण समर्थन हमारे साथ हैभारत के संविधान निर्माण में भी डा गौर का साथ रहा है! महान दानवीर , शिक्षाविद , विधिवेत्ता, लेखक, साहित्यकार सभी कुछ वह थे। फिर भी उन्हें अभी तक  इस  योग्य नहीं समझा गयाविवि से भी आज तक केवल एक बार प्रो. डीपी सिंह जी के समय प्रस्ताव भेजा गया था , बर्तमान कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता जी  से बहुत उम्मीदे हैं कि वह इस संबंध में प्रयास करेंगी ऐसा उन्होंने हाल ही में कहा है

 

डा गौर को यह सम्मान मिले ऐसा सभी राजनेता विभिन्न मंचों से कह चुके है, और अब समय आ गया है कि उन्हें यह पुरस्कार मिलना चाहिये यही उन्हें सच्ची श्रंद्धाजलि होगी

Gour Utsav 2021-गौर जयंती  उत्सव नहीं अनुष्ठान है -कुलाधिपति बलवंत  राय जानी

सागर वॉच
 उन्होंने कहा कि डॉ. गौर का समूचा जीवन मनुष्य के अपराजेय जिजीविषा की जय-यात्रा है। उन्होंने जीवन-भर सर्वोच्चता की संकल्पना को अपने ढंग से सिरजा, सहेजा और साकार किया। आसमान की बुलंदी पर रहते हुए भी डॉ. गौर ने सागर की जमीनी हकीकतों को कभी भुलाया नहीं। वे जानते थे कि बुन्देलखंड की जय-यात्रा ज्ञान के रास्ते से होकर ही जायेगी। 

इस भूमि पर उन्होंने अपने पुरुषार्थ से ज्ञान की अनंत रष्मियों को संकलित कर सागर विश्वविद्यालय का रूप दे दिया। जीवन भर की जुटाई गयी निजी पूँजी को सार्वजनिक हित में इस तरह समर्पित कर गौर साहब ने जाहिर इतिहास का एक ऐसा अफसाना लिख दिया जिसे आज सारी दुनिया गुनगुना रही है। हमारा विष्वविद्यालय केवल बुन्देलखण्ड के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ज्ञान का अभिनव तीर्थ है. 

विश्वविद्यालय कोरोना की महामारी के दौरान भी लगातार क्रियाषील रहा। दुनिया भर के शीर्ष वैज्ञानिकों की में 20 वैज्ञानिक हमारे विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं। इस प्रतिष्ठित सूची में सम्मिलित हमारे विवि के भी शिक्षक हैं. ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र शिक्षकों, विद्यार्थियों और अधिकारियों की उपलब्धियों के लिए बधाई दी और कहा कि यह कोशिश हमारे संस्थापक के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक जागृत पहल है।  

उन्होंने विश्वविद्यालय  में जारी परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं के बारे में रूपरेखा भी प्रस्तुत किया उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों के चतुर्दिक विकास और अपनी अकादमिक प्रतिबद्धता के साथ ही अपने सामाजिक सरोकारों को भी नये ढंग से सृजित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि डॉ. गौर अपने प्रगतिशील सरोकारों के साथ व्यक्तिगत मुक्ति की जगह सामूहिक मुक्ति के हिमायती थे। अपनी मातृभूमि के लिए ज्ञान के उजाले का जो सपना देखा था, उसे उन्होंने अपनी आस्था और त्याग से पूरा किया, आज उनके जन्मदिवस पर हम सबका कर्तव्य बनता है कि हम अपने संस्थापक के सपनों को कभी बेरंग नहीं होने देंगे। 

 डॉ. गौर को मिले भारत रत्न: सांसद राजबहादुर सिंह

विशिष्ट अतिथि सागर लोक सभा सांसद श्री राजबहादुर सिंह ने कहा कि गौर साहब की 150 वीं जयन्ती के अवसर पर मैंने लोकसभा में डॉ. गौर को भारत रत्न देने की मांग उठाई थी. सरकार भी मेरी इस मांग पर विचार कर रही हैं लेकिन इस मुहिम में जनसहयोग भी उतना ही आवश्यक है।  

उन्होंने उम्मीद जताई कि डॉ. गौर को भारत रत्न मिले, इसके लिए जनभागीदारी और सबका सहयोग मिलेगा।  डॉ. गौर ने विश्वविद्याय के माध्यम से शिक्षा की अलख जगाई थी. इस बुंदेलखंड क्षेत्र में आज उन्हीं के कारण हम सब कुछ पढ़-बन पाए. इस अंचल के लोगों को शिक्षा के इस केंद्र का लाभ मिले इसके लिए ठोस प्रयास किये जाने चाहिए. 

उत्सव नहीं बल्कि अनुष्ठान :कुलाधिपति प्रो.जानी

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलाधिपति प्रो. बलवंतराय शांतिलाल जानी ने कहा कि डॉ. गौर की जयन्ती पर बौद्धिक समुदाय और जनभागीदारी को देखकर ऐसा लग रहा है कि यह उत्सव नहीं बल्कि अनुष्ठान है. लोगों की डॉ. गौर के प्रति श्रद्धा और सम्मान देखकर मेरा मन आह्लादित है. पूर्व विद्यार्थियों की विश्वविद्यालय के प्रति सोच की मैं प्रशंसा करता हूँ. डॉ. गौर अर्वाचीन समय के भामाशाह हैं. निश्चित तौर पर यह विश्वविद्यालय तेजस्वी विकास करेगा.  




' समय'  और 'मध्य भारती का विमोचन

इस अवसर पर अलग-अलग श्रेणी में विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया. पत्रकारिता विभाग के प्रायोगिक समाचार-पत्र ' समय'  और 'मध्य भारती' शोध पत्रिका के 80वें अंक के विमोचन के साथ ही कई शिक्षकों की पुस्तकों का भी विमोचन हुआ. इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्यों और सेवाओं के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. ललित मोहन ने किया. 

    तीनबत्ती पर ये हुए शामिल   



सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ हरिसिंह गौर की 152 वी जयंती शुक्रवार को सागर में उत्साह पूर्वक मनाई गई ।तीन बत्ती स्थित गौर प्रतिमा पर कुलपति प्रोफ़ेसर नीलिमा गुप्ता ने  माला पहनाई ।इस अवसर पर सांसद राजबहादुर सिंह पूर्व सांसद लक्ष्मी नारायण यादव, पूर्व सांसद आनंद अहिरवार ,डॉ सुरेश आचार्य सुखदेव प्रसाद तिवारी ,चतुर्भुज सिंह राजपूत ,डॉ सुखदेव मिश्रा ,डॉ अशोक अहिरवार, संदीप बाल्मीकि SVN के कुलपति डॉ अनिल तिवारी ,राजीव टंडन मनीष पुरोहित,सन्तोष सहगोरा,पंकज सिंघई ,जगदेव सिंह ठाकुर आशीष ज्योतिषी ,मुन्ना लाल यादव ,सुरेश जाट बहादुर यादव, भोलेश्वर तिवारी ,सुरेंद्र गाडेवार, पप्पू फुसकेले, अनिल पुरोहित, राकेश शर्मा,  विवेक तिवारी ,मीडियाकर्मियों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे ।

Gour Utsav 2021- केंद्रीय विश्वविद्यालय से जो लाभ मिलने थे नहीं मिले -कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह

सागर,मप्र/ 26 नवंबर
/ मप्र के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री का कहना है कि वो निःसंकोच कह सकते हैं कि डॉ. हरिसिंह केन्द्रीय विश्वविद्यालय को केन्द्रीय दर्जा मिलने से स्थानीय लोगों को जो लाभ मिलने थे वो नहीं मिल सके हैं। इसकी वजह विश्वविद्यालय में जिस तरह के कुलपति आने थे उस तरह के कुलपति यहां नहीं आए। इस विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में पचास फीसदी स्थान स्थानीय विद्यार्थियों को आरक्षित किए जाने चाहिए।

 मप्र के सबसे पुराने विश्वविद्यालय सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. हरिसिंह गौर की 152 जयंती के अवसर पर डॉ. हरिसिंह केन्द्रीय विश्वविद्यालय के परिसर में आयोजित गौर-उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने आए मप्र शासन के केबिनेट मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि दानवीर के रूप मे महाभारत के किरदार कर्ण के बाद अगर किसी का नाम लिया जा सकता है तो वह डॉ. हरिसिंह गौर ही हैं जिनके दान से सागर  विश्वविद्यालय  की स्थापना हुई। राजा कर्ण के बाद इतिहास में ऐसे उदाहरण नहीं मिलते हैं।

केबिनेट मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि मप्र के पहले विश्वविद्यालय सागर विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय  बनवाने के लिए लंबे समय तक चले छात्र आंदोलन में उन्हों ने भी शिरकत थी। जब आंदोलन चल रहा था तब वह छात्रसंघ के सचिव थे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के चलते उन्हें सात महीने तक प्रदेश की विभिन्न जेलों में रहने का अवसर मिला।

उन्होंने अफसोस जताया कि सागर विश्वविद्यालय के केन्द्रीय बनने के बाद स्थानीय लोगों को जो लाभ मिलने थे वो नहीं मिल सके। इसकी वजह केन्द्रीय विश्वविद्यालय बनने के बाद विश्वविद्यालय में जिस तरह के कुलपति आना थे उस तरह के कुलपति यहां नहीं आए। उन्होंने कहा कि हालांकि विश्वविद्यालय की नवनियुक्त कुलपति नीलिमा गुप्ता स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में बढ़ रहीं हैं।

उन्होंने कहा कि डॉ हरिसिंह गौर चाहते तो नागपुर, दिल्ली कहीं भी विश्वविद्यालय स्थापित कर सकते थे लेकिन उन्होंने बुंदेलखंड की गरीबी व अशिक्षा को घ्यान में रख कर सागर में ही विश्वविद्यालय स्थापित किया। उनको भरोसा था कि यहां विश्वविद्यालय शुरू होने से अंचल की गरीबी व अशिक्षा दूर होगी। उन्होंने कहा कि देश दुनिया में नाम कमा रहें लोगों में से कई लोग तो इस क्षेत्र  अगर विश्वविद्यालय न होता तो शायद आगे की पढ़ाई ही पूरी नहीं कर पाते।

सागर देश का 18 वां विश्वविद्यालय था व यहां ऐसे विषय में पढ़ाई शुरू हुई जो विषय देश की किसी भी अन्य यूनिवर्सिटी में नहीं पढ़ाए जाते थे। इतना ही नहीं डॉ गौर इन विषयों को पढ़ाने के लिए दुनिया के जाने-माने शिक्षकों को विश्वविद्यालय लेकर आए। जिनमें विश्वविख्यात डॉ वेस्ट जैसे प्रोफेसर का भी नाम शामिल है। 

उन्होंने कहा कि डॉ हरिसिंह गौर ने कभी नहीं चाहा कि विश्वविद्यालय उनके नाम से जाना जाए। उन्होंने अपनी वसीयत में भी इस बात का  जिक्र किया था । लेकिन राजनैतिक कारणों से सागर विश्वविद्यालय का नाम बदल कर उनके नाम पर कर दिया गया। नाम बदले जाने के पहले सारी दुनिया में यह विश्वविद्यालय को सागर विश्वविद्यालय के रूप में ही जाना जाता था।

उन्होंने कहा कि डॉ गौर का सपना था कि बुंदेलखंड के विद्यार्थी पढ़ें उन्हें अच्छी शिक्षा मिले। उन्होंने कहा कि विश्वविद्याय के केन्द्रीय बन जाना खुशी का विषय है लेकिन स्थानीय लोगों को लाभ दिलाने के लिहाज से इस विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में पचास फीसदी स्थान स्थानीय बच्चों को आरक्षित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कोई नयी बात नहीं है ऐसी व्यवस्था बनारस विश्वविद्यालय व एएमयू (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) में पहले से ही चल रही है।

उन्होंने कहा कि अभी भी डॉ. हरिसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय के बाईलॉज (उपनियम) नहीं बनें हैं। अतः उनके बनाते समय ऐसी व्यवस्था की जा सकती हैं। उन्होंने आरक्षण के मसले पर जोर देते हुए कहा कि " सागर केन्द्रीय विश्वविद्यालय में बुंदेलखंड के विद्यार्थियों को पचास फीसदी आरक्षण मिलना ही चाहिए।"

इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नई शिक्षा नीति लेकर आए हैं जो रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर जोर देती है। इस सिलसिले में उन्होंने कुलपति से आग्रह किया कि डॉ हरि सिंह गौर  केन्द्रीय विश्वविद्यालय में भी होटल प्रबंधन, इंजीनियरिंग कॉलेज, पर्यटन शिक्षा, पेपर एंड प्लास्टिक के पाठ्यक्रम इसके अलावा फिजियोथैरैपी, क्लीनिकल पैथोलॉजी, ऐयरोस्पेस इंजीनियरिंग जैसे पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि सागर एड्यूकेशन का हब (शिक्षा का केन्द्र ) बने  लेकिन इसके लिए सागर को जरूरत है एक हवाई अड्डा की। उन्होंने कहा कि संयोग से इस समय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मप्र से ही है और वो सागर में हवाई अड्डा शुरू करने के लिए कोशिश करेंगें।

Gour-Utsav-2021-बिना-विद्यार्थी-के-शिक्षक-अस्तित्वहीन-है-अरुंधती कावडकर

सागर वॉच। 24 नवम्बर
 विश्वविद्यालय ज्ञान और  गुरुत्व के केंद्र के रूप में होने चाहिए. विद्यार्थी गुरुत्व के स्पर्श से ही आगे बढ़ता है. उसके जीवन में गुरु का बहुत महत्त्व होता है. गुरु को भी अपने विद्यार्थियों को समझने की योग्यता होनी चाहिए शिक्षक अपने विद्यार्थियों के कारण ही शिक्षक कहलाता है. बिना विद्यार्थी के शिक्षक अस्तित्वहीन है 

यह विचार विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयन्ती सभागार में आयोजित गौर व्याख्यानमाला श्रृंखला के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: उच्च शिक्षा की नवाचारी भूमिका विषय पर आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सुश्री अरुंधती कावडकर, अखिल भारतीय महिला प्रकल्प सहप्रमुख एवं पालक अधिकारी, महाकौशल प्रान्त एवं मध्यभारत, भारतीय शिक्षण मंडल ने व्यक्त किये

उन्होंने  कहा कि  राष्ट्रीय शिक्षा नीति मातृभाव से प्रेरित है। एर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन की संकल्पना राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अहम हिस्सा है. यहीं से एक विद्यार्थी की नींव पड़ती है उन्होंने कहा कि नए भारत को गढ़ने के लिए भारतमाता को जानना बहुत ही आवश्यक है नदियों, पर्वतों और प्रकृति के सभी घटकों को जानना-पहचानना एक विद्यार्थी के लिए बहुत ही जरूरी है 

Gour-Utsav-2021-बिना-विद्यार्थी-के-शिक्षक-अस्तित्वहीन-है-अरुंधती कावडकर

इसी सिलसिले में मुख्य अतिथि
मुकुल कानिटकर ने कहा कि गुरु के बिना भारत का विश्वगुरु बनाना असंभव है
 राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में ऐसे कई बिंदु हैं जो शिक्षक को नवाचार की पूरी स्वायत्तता देते हैं एक शिक्षक को नवाचार करने के लिए संस्था और सरकारों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए

उन्होंने कहा कि शासन केंद्रित व्यवस्था से समाज के अंतिम व्यक्ति का हित नहीं संभव है समाज केंद्रित व्यवस्था से ही अंतिम व्यक्ति का कल्याण संभव है राष्ट्रीय शिक्षा नीति पढ़ते समय उसमें हमें स्व मन का भाव मिलता है उसमें बहुत सी जीवनोपयोगी और तार्किक बातें हैं जिनके माध्यम से भारतीयता का बोध पैदा होता है

शिक्षक और संस्था दोनों का कार्य नवोन्मेष करना है आज के शिक्षक और विद्यार्थी को लीक से हटकर सोचना चाहिए. यही समय की मांग है पहले हम आयातित ज्ञान पर निर्भर थे लेकिन आज इस शिक्षा नीति के माध्यम से हम भारतीय शिक्षा पद्धति की बात कर पा रहे हैं यही इसका सुफल है मातृभाषा में पठन-पाठन के लिए हमें अनुवाद पर निर्भरता ख़त्म करते हुए मातृभाषा में पाठ्य सामग्री तैयार करना चाहिए. यह काम शिक्षकों का है यह चुनौती भी है हमें इसी को अवसर में बदलना है और यही नवाचार है। यह सृजनशीलता का अवसर भी है

Gour-Utsav-2021-बिना-विद्यार्थी-के-शिक्षक-अस्तित्वहीन-है-अरुंधती कावडकर

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. बलवंत राय शांतिलाल जानी ने कहा कि डॉ. हरीसिंह गौर की दैवीय विलक्षणता ही है कि हम प्रतिवर्ष उनके जन्मदिन को एक उत्सव के रूप में मनाते हैं

वह एक विश्वविद्यालय स्थापित करने और सब कुछ दान कर देने वाले एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक स्वप्नद्रष्टा थे जो उन्होंने भावी भारतीय युवा पीढ़ी के लिए देखा था आज बहुत सी विदेश की संस्थायें भारतीय युवा मेधा को अपने यहाँ शिक्षा और रोजगार के लिए आकर्षित कर रही हैं

डॉ गौर ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने कैम्ब्रिज में पढ़ाई तो की लेकिन वे भारतीय युवा पीढी के लिए भारत में कैम्ब्रिज जैसी संस्था शुरू करने का संकल्प लेकर भारत वापस आ गये यह विश्वविद्यालय उसी सपने की देन है भारतीय युवाशक्ति प्रचंड मेधा संपन्न है, इसका पलायन नहीं होना चाहिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति इसके लिए संकल्पित है  राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बहुआयामी क्रियान्वयन के माध्यम से  डॉ. गौर द्वारा स्थापित यह विश्वविद्यालय केवल सागर और मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए अनुकरणीय बनेगा 

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के संस्थापक महान शिक्षाविद् एवं प्रख्यात विधिवेत्ता, संविधान सभा के सदस्य एवं दानवीर डॉ. सर हरीसिंह गौर के 152वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 21 नवंबर से 26 नवंबर तक आयोजित 'गौर उत्सव' के चौथे दिन 'आचार्य शंकर भवन' (मानविकी एवं समाज विज्ञान व्याख्यान कक्ष कॉम्प्लेक्स) का लोकार्पण मुकुल मुकुंद कानिटकर, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, भारतीय शिक्षण मंडल, नागपुर, कुलाधिपति प्रो. बलवंतराय शांतीलाल जानी एवं कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ

Gour-Utsav-2021-गौर-उत्सव-के-पहले-दिन-बही-काव्य-गंगा


सागर वॉच
21 नवंबर। गौर उत्सव के पहले दिन बही काव्य-गंगा ‘कुछ मन की, कुछ माटी की’ आयोजन में शिक्षकों ने सुनाईं कवितायें विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयन्ती सभागार में ‘कुछ मन की, कुछ माटी की’ शीर्षक से शिक्षकों के काव्य पाठ का आयोजन संपन्न हुआ

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों में अपार प्रतिभाएं हैं, उनकी प्रतिभा के हर क्षेत्र का लाभ विश्वविद्यालय को मिलना चाहिए साथ ही शिक्षकों को भी अपनी प्रतिभाओं को निखारने का अवसर मिलना चाहिए. विश्वविद्यालय इसके लिए सबसे सुयोग्य स्थल है यह शिक्षकों का, शिक्षकों द्वारा और शिक्षकों के लिए किया गया आयोजन है

कहकशां हूँ मैं, सारे सितारे मुझमें.......बहता दरिया हूँ, सारे किनारे मुझमें.........
प्रो. नवीन कांगो ने गजल की प्रस्तुति दी और डॉ. गौर के जीवन-चरित्र पर कविता भी सुनाई. डॉ. राकेश सोनी ने माउथ ऑर्गन बजाते हुए गीतकार संतोष आनंद की रचना ‘इक प्यार का नगमा है.....महफ़िल में समां बांधा सपनों की इस नगरी में, कुछ सपने लेकर आई हूँ, शीर्षक से डॉ. वन्दना राजौरिया ने अपनी रचना का पाठ किया डॉ. पंकज तिवारी ने डॉ. गौर के अवदान पर केंद्रित कविता पाठ किया. कुलसचिव संतोष सोहगौरा ने महादानी डॉ. गौर पर स्वरचित कविता सुनाई
विश्वविद्यालय के शिक्षक-कवियों डॉ. पंकज तिवारी, प्रो. जी एल पुणताम्बेकर, डॉ. अफरोज, डॉ. अफरीन खान, डॉ. हिमांशु, डॉ. संजय कुमार, प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत, डॉ. कालीनाथ झा, प्रो. बी.के. श्रीवास्तव, डॉ. ललित मोहन, डॉ. किरण आर्या, डॉ. शशि कुमार सिंह, डॉ. रामहेत गौतम, डॉ. नीरज उपाध्याय, डॉ. त्रिलोकी नाथ ने अपनी काव्य रचनाओं का पाठ किया

कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ प्रो. पीपी सिंह, प्रो. पी के कठल, कुलसचिव संतोष सोहगौरा और संयोजक प्रो. नवीन कांगो ने सभी शिक्षक-कवियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और सागर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक और पत्रकार बंधु उपस्थित थे. संचालन सह-संयोजक डॉ. राजेन्द्र यादव ने किया और डॉ. आशुतोष ने आभार ज्ञापन किया.


इसके अलावा गौर उत्सव के पहले दिन विद्यार्थियों ने शब्द, चित्र और रंगों से अपने मन के डॉ. हरीसिंह गौर को दर्शाया
गौरतलब है कि डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के संस्थापक महान शिक्षाविद् एवं प्रख्यात विधिवेत्ता, संविधान सभा के सदस्य एवं दानवीर डॉ. सर हरीसिंह गौर के 152वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में 21 नवंबर से 26 नवंबर तक ‘गौर उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है

पहले दिन महाविद्यालयीन और स्कूल के विद्यार्थियों ने डॉ. गौर की जीवनी और उनके पर केंद्रित निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लिया यह दोनों प्रतियोगिताएं गर्ल्स डिग्री कॉलेज और एमएलबी स्कूल, सागर में आयोजित की गई थीं आयोजन के सह-संयोजक डॉ. राजेन्द्र यादव ने बताया कि दोनों प्रतियोगिताओं में सौ से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभागिता की. विश्वविद्यालय के शिक्षकों डॉ. अरविन्द कुमार और अरविन्द गौतम के निर्देशन में ये आयोजन संपन्न हुआ.

प्रतियोगिता स्थलों पर पहुँचकर कुलपति ने किया विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने प्रतियोगिता स्थलों पर पहुँचकर प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया. इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव संतोष सोहगौरा और उपकुलसचिव सतीश कुमार मौजूद रहे.
22 नवंबर 2021 को आयोजित कार्यक्रम
मीडिया अधिकारी डॉ. विवेक जायसवाल ने बताया कि 22 नवंबर को पूरे दिन खेल-कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है. सुबह 08.30 बजे से विश्वविद्यालय के शिक्षकों और अधिकारियों के बीच 20 ओवर का मैत्री क्रिकेट मैच होगा. 11.00 बजे से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए कबड्डी प्रतियोगिता रखी गई है

इसी के स
मानांतर 11 बजे से ही विश्वविद्यालय के विद्यार्थी वालीबाल प्रतियोगिता में भाग लेंगे. 12.00 बजे से विश्वविद्यालय के महिला शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी तथा महिला क्लब के सदस्यों के लिए म्यूजिकल चेयर और दोपहर 01.30 बजे से ‘टग ऑफ़ वॉर’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है. 22 नवंबर को आयोजित सभी प्रतियोगिताएं विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रांगण में संपन्न होंगी.