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सागर वॉच। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि स्मार्ट सिटी में सीईओ के पद पर कार्यरत अधिकारी का सोच विकास आधारित होना चाहिए। स्मार्ट सिटी परियोजना का पैसा छोटे-छोटे कार्यों में खर्च करने की नीति उचित नहीं है, परियोजना की राशि बड़े विकास कार्यों में खर्च की जाना चाहिए.सागर के विकास के लिए एक साथ इतनी अधिक राशि मिलना आगामी कई वर्षों तक संभव नहीं हो सकेगा।

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मीडिया से अनौपचारिक चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी सागर में चल रहे अधिकांश विकास एवं निर्माण कार्य आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पूरे करा लिए जाएंगे.उन्होने कहा कि ऐसे में निर्माण कार्यो को पूरी गुणवत्ता और मजबूती के साथ कराया जाना चाहिए. 

मंत्री श्री सिंह ने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव पर आरक्षण को लेकर जब तक हाई कोर्ट में मामला लंबित है तब तक चुनाव कराने के संबंध में कुछ भी कहना कठिन है. सरकार सभी पक्षों पर सोचकर निर्णय करेगी। 


सागर में राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय खुलने की फिलहाल परिस्थितियां नहीं हैं सरकार के पास फिलहाल इस संबंध में कोई प्रस्ताव लंबित भी नहीं है यह बात नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र ठाकुर ने कहीं उन्होंने कहा कि सागर में छत्रसाल विश्वविद्यालय छतरपुर का नोडल केंद्र शीघ्र प्रारंभ करने की पहल की जाएगी जिससे सागर में निवासरत विद्यार्थियों को छोटी-छोटी समस्याओं के निराकरण के लिए छतरपुर नहीं जाना पड़ेगा।

मंत्री सिंह ने कहा कि स्मार्ट सिटी में सीईओ के पद पर कार्यरत अधिकारी का सोच विकास आधारित होना चाहिए अधिकारी आईएएस होने मात्र से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता प्रदेश में कई अन्य स्मार्ट सिटी में सीईओ के पद पर आईएएस अधिकारी है लेकिन वहां चल रहे काम संतोषजनक नहीं हैं।

 Press Meet- अव्यवस्थित काम से गड्ढों के शहर में तब्दील हुआ सागर -रघु ठाकुर

सागर वॉच। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के संरक्षक रघु ठाकुर ने कहा कि सागर शहर में विकास के नाम पर अव्यवस्थित ढंग से काम हुआ है बिना तारतम्य के विकास ने समूचे शहर को गड्ढे का शहर बना दिया है. 

 श्री ठाकुर आज अपने निवास पर पत्रकारों से औपचारिक चर्चा में मंहगाई के मुद्दे पर उन्होने कहा कि देश में बढ़ती हुई मंहगाई आम आदमियों के लिए मारक हो गई है. देश और प्रदेश की सरकारें केवल पेट्रोलियम पदार्थों और घरेलू गैस सिलेंडर के ऊपर टैक्स लगाकर ही चल रही हैं. भारत सरकार ने स्वीकार किया है कि जीएसटी से ढाई लाख करोड़ तो पेट्रोलियम पदार्थो से 5 लाख करोड़ रूपए की आय हुई है. 


उन्होने कहा कि यूरोप और अमेरिका सहित कई अन्य ऐसे देश हैं जहाँ पर पेट्रोलियम पदार्थों पर सरकारें टैक्स नहीं वसूलती हैं. लोहिया की दाम बांधों नीति लागू होना चाहिए. लोसपा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पेट्रोलियम पदार्थो और घरेलू गैस के दामों पर से सम्पूर्ण कर समाप्त किया जाए.

उन्होंने कहा कि चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने की बजाय डंडे सरकार दे रही है। सीएम शिवराज सिंह  पहले वादा कर चुके है इनकी भर्ती को लेकर। प्रदेश के चयनित शिक्षकों महिलाओं पर लाठीचार्ज कराने वाले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की जनता से माफी मांगे उन्हें मामा कहलाने का कोई अधिकार नहीं  है।  उनको नियुक्ति देना चाहिए। 


देश की संसद ने नूर कुश्ती का अड्डा बनी 

समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर ने कहा कि अफगानिस्तान में छह माह से हालात बिगड़ रहे थे। लेकिन संसद में गंभीरता से चर्चा नहीं  हुई। जबकि सामरिक, आर्थिक और वैश्विक दृष्टि से अहम है। हमारे देश की सीमा से जुड़ा मामला है। दूसरी चूक ड्रोन आतंकवाद को लेकर है। इसके लिए  तकनीकी विकास की जरूरत है। इनको लेकर सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों ने निराश किया है। उन्होंने संसद को नूरा कुश्ती का अड्डा बना दिया है।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बेरोजगारी बढ़ी वही डिजिटल और मशीनरी कामो को बढ़ावा देने की नीति से  आर्थिक हालात बिगड़े है। सरकार को इनको बन्द करना चाहिए । 
उन्होंने कहा कि कोरोना काल मे हुई मौतों का परिजनों को मुआवजा सरकारों को देना चाहिए। सुप्रीमकोर्ट ने भी इसके निःर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ही मुआवजा की राशि तय करे और मौतों के आंकड़ो की प्रक्रिया अपने हाथों में ले। 

Mud-Bath-स्मार्ट-सिटी-की -बदहाल-सड़कों-के-गड्ढे -हुक्मरानों-को-दिखाने-'आप'-का-कीचड-स्नान

सागर वॉच। स्मार्ट सिटी की सड़कों की बदहाली की और प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए "आप" आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शन का अनूठा तरीका ढूँढा। प्रदर्शन में आप पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शहर की मुख्य सड़कों के  कीचड से लबालब भरे गड्ढों को अपने प्रदर्शन का मंच बनाया। कार्यकर्ताओं ने पहले कीचड से भरे इन गड्ढों में स्नान किया और उसके बाद कीचड से सने हुए उन्हों शहर के विभिन्न इलाकों में घूम घूमकर जनता को सड़कों की बदहाली से अवगत करने की कोशिश की 

सागर तथा मकरोनिया में कीचड़,धूल,गड्ढे युक्त सड़कों एवं गलियों की मरम्मत की मांग को लेकर गुरूवार को आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कीचड़ में स्नान किया। कीचड़ में स्नान कर जनप्रतिनिधियों को दिखाना चाहा की सड़कों पर पैदल या मोटर साइकिल से चलकर बताये तब आपको मालूम चलेगा कि सागर तथा मकरोनिया की आम जनता किस दुःख और परेशानी से गुज़र रही है।

संजय ड्राइव ट्रैफिक पार्क के पास कीचड़ स्नान कर आप कार्यकर्ताओं ने नगर भ्रमण किया और होटल सागर सरोज के पास बने गड्ढों में पुनः कीचड़ स्नान किया फिर  विभिन्न मार्गो से होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे जहाँ सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दो ज्ञापन सौंपे।एक ज्ञापन मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान के नाम तथा दूसरा ज्ञापन जिलाधीश सागर के नाम सौंपा गया। ज्ञापन में सात सूत्रीय मांग रखी गयी। प्रमुख मांग सड़को की मरम्मत तथा नव निर्माणरत सड़को में घटिया सामग्री का इस्तेमाल एवं डीपीआर के दिशा निर्देशों के उल्लंघन की जांच की मांग एवं दोषियों पर कार्यवाहीं की मांग की गयी।

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आम आदमी पार्टी  के प्रवक्ता एवं ज़ोन प्रभारी डॉ धरणेन्द्र जैन ने आरोप लगाया है  कि  सागर की सड़कों पर गड्ढे,धूल एवं कीचड़ के लिये मुख्य रूप से सागर विधायक शैलेन्द्र जैन,प्रशासक एवं आयुक्त नगर निगम सागर, सीवर प्रोजेक्ट से संबंधित ठेकेदार,जलापूर्ति  प्रोजेक्ट से संबंधित ठेकेदार सहित तमाम इंजीनियर दोषी है।

प्रवक्ता का जैन का कहना है कि शहर की बदहाली के लिये व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए विधायक सागर को इस्तीफा दे देना चाहिये। साथ ही दोषी अधिकारी कर्मचारियों ठेकेदारों पर कार्यवाही प्रस्तावित होना चाहिये।

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सागर वॉच  मप्र की सागर स्मार्ट सिटी में खेलों को बढ़ावे देने की लिए  किए गए  शोध  व विकास कार्यों से चर्चित क्रिकेट खिलाड़ी काफी प्रभावित हुए हैं । उन्होंने ट्वीट के जरिए सागर स्मार्ट सिटी के इन प्रयासों की तारीफ करते हुए लिखा है कि यह स्मार्ट कदम है इससे बच्चों को उनकी जरूरत के मुताबिक खेल की सुविधाएं मिलेंगीं इससे खेलों में नौकरियां भी बढ़ेंगीं व खेलों का विकास भी होगा। टीम के प्रयासों के लिए  सहवाग ने बधाई भी दी।


प्रख्यात क्रिकेटर वीरेन्द्र सहवाग के इस ट्वीट के जवाब में मप्र के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने भी ट्वीट कर  सहवाग का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान  नेतृत्व में  मप्र सरकार प्रदेश में  खेलों के लिए  बेहतरीन आधारभूत ढांचा व सुविधाएं विकसित करने के लिए संकल्पबद्ध है।

इस सिलसिले में सागर स्मार्ट सिटी के कार्यकारी निदेशक राम प्रकाश अहिरवार ने बताया कि  खेल सुविधाओं के विकेन्द्रीयकरण  के लिए शहर के सभी 48 वार्डों में खेल सुविधाओं के विकास करने के कई फायदे हैं  जैसे वार्ड विशेष के बच्चों की जिस खेल में ज्यादा रूचि हैं उस वार्ड में उसी  खेल से जुड़ी सुविधाएं मुहैया कराईं जा रहीं हैं। 


वार्ड स्तर के खेल स्थानों में अधिक से अधिक बच्चे  इन सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगें। क्योंकि यह व्यवहारिक नहीं है खेलों में रूचि रखने वाले सभी बच्चे शहर के बड़े स्टेडियम या खेल मैदानों में रोज जा सकें। इसके अलावा  वार्ड स्तर के इन खेल पार्कों   में स्थानीय बुजुर्गों व महिलाओं के लिए भी  सैर करने व  स्वच्छ हवा व धूप लेने का मौका मिलेगा।

स्मार्ट सिटी के कार्यकारी निदेशक श्री अहिरवार के मुताबिक इन खेल पार्कों में  स्थानीय बच्चों की रूचि के मुताबिक पारंपरिक खेलों कबड्डी , मलखंभ, खो-खो जैसे खेलों की सुविधाएं भी विकसित की जा रहीं हैं। जिससे आधुनिक खेलों के साथ -साथ पारंपरिक खेलों और खिलाड़ियों का भी विकास हो सके। 


इन पार्कों के  निर्माण के कार्य में लगी कंपनी  के जरिए खेलों व खेल सुविधाओं के विकास के लिए कराए गए शोध कार्य के दौरान दल ने शहर के विभिन्न वार्डों में घूम-घूम कर  शहर के लोगों से चर्चा कर यह पता लगाया कि  किस वार्ड में कौन सा खेल खेला जाता है ताकि वहां उसी  खेल  से जुड़ी सुविधाएं  महैया कराई जा सकें ।

टीम ने यह भी जानने की कोशिश की  कि शहर में किन-किन खेलों के प्रशिक्षक उपलब्ध हैं लेकिन उन्हें  बच्चे नहीं मिलते हैं  और किन खेलों के बच्चों को  प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।  टीम ने अपने शोध कार्य में खेल व खेल सुविधाओं के विकास को लेकर वाणिज्यिक पहलू से भी गौर किया ताकि खेलों और खेल सुविधाओं के विकास के साथ शहर में रोजगार के अवसर भी बढ़ सकें और इन पार्कों के रखरखाव का खर्च भी निकाला जा सके।


वार्ड स्तर पर इन खेल सुविधाओं के विकास करने के पीछे की सोच के बारे में  स्मार्ट सिटी सागर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल सिंह ने बताया कि  आजकल मां-बाप की सबसे बड़ी परेशानी है बच्चों को अधिक से अधिक समय मोबाईल पर गुजारना है  जिससे उन्हें सेहत संबंधी कई समस्याएं भी  पैदा हो जातीं है।। 

कोविड  महामारी के दौरान  चल रही ऑन लाईन  कक्षाओं के कारण यह समस्या और भी गंभीर हुई है। ऐसे में बच्चों को मोबाईल से दूर कर खेल के मैदान तक लाने की पहली जरूरत उनके लिए घर के आसपास मुहल्ला स्तर पर खेला सुविधाओं का मुहैया कराना भी जरूरी है। ताकि उनकी खेलों के प्रति रूचि को और बढ़ाया जा सके। इससे न केवल उनकी सेहत सुधरेगी बल्कि नए-नए खिलाड़ी भी सामने आ पाएंगें। साथ ही वार्ड  के बुजुर्गों व महिलाओं के लिए भी  घूमने, कसरत करने का  स्थान मिल जाएगा।


राहुल सिंह के मुताबिक इस कवायद से यह भी पता चला कि शहर के  लोगों  का शरीर किस तरह के खेलों के अनुकूल है व किस तरह की कमजोरियां उनमें है। खेल  के जानकारों  के सुझावों के आधार पर तय हुआ कि  किस तरह के खेल व व्यायाम सुविधाएं  मुहैया कराईं जांए जिससे खिलाड़ियों की  क्षमताओं का विकास व उनकी कमजोरियां दूर हो सकें।  इसी  अध्ययन के आधार पर सागर स्मार्ट सिटी शहर के सभी 48 वार्डें में खेल-क्षेत्र  (प्ले-एरिया) विकसित कर रहा है।

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सागर वॉच।
 
भ्रष्ट प्रशासन ने तालाब के बीचों बीच सीवेज लाइन बिछाकर प्रशासन ने यह सिद्ध कर दिया है कि यह सरकार अंधे और गूंगों की है। सैकड़ों करोड़ खर्च करने के बाद भी तालाब की डी सिल्टिंग ज्यों का त्यों है प्रशासन केवल पानी ही खाली कर पाया है। सागर की लाख बंजारा झील के जीर्णोद्धार के लिए चल रहे कामों  कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने  दुख व्यक्त करते हुये इसे भीषण भ्रष्टाचार का नमूना बताया। 

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गुप्ता ने रविवार को मीडिया से अनौपचारिक चर्चा में बताया कि   पूरी दुनिया में जल संरचनाओं से सीवेज लाइन को काटा जाता है किंतु सागर में इसे तालाब से ही गुजार दिया गया है। एनजीटी एवं उच्च न्यायालय के आदेशों की खुली अवहेलना हो रही है निर्णयों की विद्रूपता पर पर्दा डालने के लिए बनाई गई कमेटियों की कोई भी रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं ने मिलकर लाखा बंजारा की ऐतिहासिक विरासत को बर्बाद कर दिया है।

 भूपेंद्र गुप्ता ने पूरे प्रदेश में ईमानदार बिजली उपभोक्ताओं की लूट का विषय उठाते हुए कहा कि बड़े हुए फर्जी बिलों के कारण ईमानदार उपभोक्ता का जीना मुश्किल हो गया है उन्होंने कहा सागर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। यहां तो स्वयं भाजपा के स्थानीय विधायक ने इस लूट को पकड़ा है और बताया है कि 308027 यूनिट के बिल जिन उपभोक्ताओं को दिए गए थे,वे सुधारने के बाद 222666 यूनिट के ही रह गए। 17 लाख 70 हजार की ज्यादा वसूली उपभोक्ताओं से की जा रही थी। 


यह तो मामला खुद भाजपा के विधायक ने पकड़ा है लेकिन यह लूट पूरे प्रदेश में जारी है सरकार ने जानबूझकर शासकीय विद्युत उत्पादन इकाइयां बंद कर रखी हैं और निजी क्षेत्र की कंपनियों से अनाप-शनाप कीमत पर बिजली खरीदी जा रही है। सिंगाजी की तीसरी यूनिट तो चंद दिन भी नहीं चली परफारमेंस गारंटी टेस्ट भी नहीं दे सकी और आज 360 दिन हो गए हैं उसके बावजूद उसे फिर से नहीं चलाया जा सका है ।

अकेले सिंगाजी में लगभग दो हजार करोड़ का नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई ईमानदार उपभोक्ताओं से की जा रही है और आज की परिस्थिति में सिंगाजी की चौथी इकाई भी बंद हो गई है। मध्य प्रदेश के ईमानदार उपभोक्ता को यह पता होना चाहिए कि बिजली कंपनियां 2000 मेगावाट से अधिक सस्ती बिजली सरेंडर कर रही हैं और चार गुनी कीमत पर मंहगी बिजली खरीदी जा रही है और इसकी कीमत ईमानदार उपभोक्ता दे रहा है। समय रहते अगर उपभोक्ता खड़ा नहीं हुआ तो उसकी जेब से हजारों करोड़ निकाल लिए जाएंगे।   

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आज की बात 

आज फिर खबर आई कि स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। जिल्ले जिलाही ने फिर वही राग आलापा है काम समय पर पूरा करें, काम गुणवत्ता पूर्ण करें जरूरत हो तो काम के लिए आदमी और मशीनें बढ़ा लें। यह सब पढ़ कर शहर के लोग विचलित से नजर आ ने लगते हैं। उनके मन में लगातार ऐसे ही सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन प्रगति बैठकों में अधिकारियों को वह काम क्यों नजर नहीं आते हैं जो हफ्तों-महीनें से अधूरे पड़े हैं। जिनके कारण शहरवासियों को बड़ी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है।


अगर स्मार्ट सिटी के विकास कार्यों में से कथित एसआर-2 सड़क की ही बात करें तो काली चरण चौराहे से सिविल लाईन चौराहे के बीच चल रहा कार्य महीने भर से ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी अधूरा पड़ा है और दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहा है। साईं मंदिर के सामने सड़क किनारे खोदी गई नाली महीनों से खुली पड़ी है और कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इतने से ही स्मार्ट सिटी के इंजीनियरों का मन नहीं भरा तो इस काम को अधूरा छोड़ कर द्वारका काम्प्लेक्स के आगे बड़े-बड़े गडृढे कर दिए। यही हाल दीपक होटल के पास का हैवहां भी नाली खोदकर लावारिश सी छोड़ दी गयी है।

इन  अधूरे पड़े कामों से जहां  दिन भर यहां यातायात के जाम होने के हालात बने रहते हैं। वहीं बारिश होने के बाद से सड़कों पर प्रतिदिन दुपहिया वाहनों के फिसलने की घटनाएं हो रहीं है। यह वह मार्ग हैं जहां से जिले के सजग अधिकारी भी निकलते है। लेकिन वे भी स्मार्ट सिटी के इन अधूरे पड़ें कामों से नजरें फेर कर लगातार कार्यो की प्रगति समीक्षा बैठक करते रहते है।

ऐसा ही हाल शहर के अन्य हिस्सों का भी है। तहसीली से तिली के बीच के हिस्से में स्मार्ट कार्य करने वाले विभाग ने पूरी सड़क एक साथ खोद दी। जबकि सामान्यतः होता यह है कि निर्माण कंपनियां पहले सड़क के आधे हिस्से को बनाती हैं उसके पूरा हो जाने के बाद सड़क के दूसरे हिस्से पर काम शुरू करतीं है।

तिली चौराहे से बस स्टैंड वाले मार्ग पर जगह-जगह तालाब की मिटटी जमी हुई है जिस पर फिसल कर वाहनों के गिरने का सिलसिला चलता ही रहता है। लेकिन इस मिट्टी को हटाने का घ्यान स्मार्ट कार्य करने वालों को अभी तक नहीं आया। अब लोगों ने कहना शुरू कर दिया है कि बेतरतीब ढंग से चल रहे शहर के विकास कार्यां को स्मार्ट तरीके से किए जा रहे काम कैसे मान लें ?

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सागर वॉच
 भोपाल और इंदौर की तरह अन्य स्मार्ट सिटी भी पीपीपी और कन्वर्जेंस के प्रोजेक्ट बनायें। स्मार्ट सिटी में पूरे अधिकार आपके पास ही हैं। अत: सभी प्रोजेक्ट समय-सीमा में पूरा करवाने की जिम्मेदारी भी आपकी ही है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने यह निर्देश स्मार्ट सिटी और मेट्रो रेल के कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये।

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श्री सिंह ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट हमारे प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसमें शहर के सम्पूर्ण विकास की अवधारणा निरूपित की गई है। अत: स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि शहर में संचालित सीवेज और जल आपूर्ति परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करें।

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6566 करोड़ के 567 प्रोजेक्ट

स्मार्ट सिटी मिशन में 7 स्मार्ट सिटी में 6566 करोड़ 70 लाख के 567 प्रोजेक्ट बनाये गये हैं। इनमें से 1577 करोड़ के 273 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। शेष प्रोजेक्ट पूरा करने की समय-सीमा निर्धारित कर दी गयी है। भोपाल में 939 करोड़ के 75, इंदौर में 942 करोड़ के 161, जबलपुर में 940 करोड़ के 99, ग्वालियर में 926 करोड़ के 49, उज्जैन में 940 करोड़ 60, सागर में 964 करोड़ के 69 और सतना में 914 करोड़ रुपये के 54 प्रोजेक्ट बनाये गये हैं। इस दौरान संचालक टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग श्री अजीत कुमार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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सागर वॉच। मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि सागर के विकास में कभी भी बजट की कमी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि शहर के चकराघाट से बस स्टैंड तक एक नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनकर तैयार होगा जिससे शहर कि यातायात की समस्या से निजात मिलेगी शीघ्र ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा भूमि पूजन कराया जायेगा।

रविवार को स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत संजय ड्राइव रोड के निर्माण कार्य का शिलान्यास एवं स्पार्क इन्क्यूबेशन सेंटर की वेबसाइट के लोकार्पण कार्यक्रम व् तिली अस्पताल रोड स्थित निजी अस्पताल से कनेरा देव चौराहे तक आठ करोड़ 75 लाख की लागत से बनने वाली रोड के भूमि पूजन के अवसर पर मध्य शासन के नगरीय विकास मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि सागर स्मार्ट सिटी ने विकास के रास्ते से भारत के नक्शे पर अपनी पहचान स्थापित की है।

इस मौके पर उन्होंने सागर के निवासियों से आव्हान किया कि उन्हें भी इंदौर वासियों की तर्ज पर अपना सागर प्रथम स्थान पर लाना होगा। जैसे इंदौर वासियों का अब स्वभाव बन गया है कि, प्रत्येक स्पर्धा में अव्वल नम्बर पर रहे इसी प्रकार सागर वासियों को संकल्प लेना होगा कि वो भी हमेशा नंबर वन पर रहे ।

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सागर लाखा बंजारा झील की सौन्दर्यीकरण को मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि इसमें जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना है क्योंकि जो भी कंपनी इस कार्य को कर रही है उसके लिए 18 माह का समय दिया गया था और 18 माह में 3 माह से अधिक कोरोना काल में चले गए इसलिए रचनात्मक सोच रखते हुए सागर लाखा बंजारा झील सौन्दर्यीकरण की दिशा में कार्य करना होगा

शहर कि जनता को जल्मद ही सागर का नया रूप देखने को मिलेगा यह आश्वासन देते हुए नगरीय विकास मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि मप्र शासन में मंत्री के समय से ही वो सागर का कर्ज चुकाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं और विकास तब तक करते रहेंगें जब तक सागर का संपूर्ण विकास करने का उनका कर्ज पूर्ण नहीं होता।


इस अवसर पर जहाँ सांसद राजबहादुर सिंह ठाकुर ने सागर से दूध डेरियों के विस्थापन से शहर कि यातायात एवं आवागमन में आसानी होने की बात कही वहीं सागर विधायक शैलेंद्र जैन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के माध्यम से ही सागर स्मार्ट सिटी में शामिल हुआ है और सागर का निरंतर विकास हो पा रहा है ।

विधायक श्री जैन ने कहा कि सागर में ग्रीन सिटी ऑफ द मध्य प्रदेश के लिए भी कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा युवाओं के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर की वेबसाइट के लोकार्पण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह सेंटर सागर के युवाओं के लिए मील का पत्थर सागर साबित होगा उन्होंने कहा कि पुराने आरटीओ भवन परिसर में तैयार किया जा रहा यह इन्क्यूबेशन सेंटर संपूर्ण बुंदेलखंड में पहला होगा ।


उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सागर के प्राचीन पंडित मोतीलाल नेहरु उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 19 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक टाउन हॉल तैयार भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सागर में 169 आंगनवाड़ी केंद्र 28 करोड़ की लागत से तैयार करने की योजना भी तैयार की गई है । उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में सागर एकमात्र ऐसा नगर होगा जिसमें प्रत्येक वार्ड में पार्क, खेल मैदान एवं जिम तैयार किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर कलेक्टर दीपक सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि यह सड़क 8 करोड़ 75 लाख की लागत से बन रही है और इसके बन जाने पर सागर की एक तिहाई आबादी को आवागमन में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि सड़क के पास चौपाटी भी तैयार कराई जाएगी जिससे सागरवासी लाखा बंजारा झील पर आकर मनोरंजन कर सकेंगे।

इस अवसर पर सागर सांसद राजबहादुर सिंह ठाकुर,विधायक श्री शैलेंद्र जैन, कलेक्टर दीपक सिंह,नगर निगम कमिश्नर आरपी अहिरवार, स्मार्ट सिटी के सीईओ राहुल सिंह राजपूत,डॉ प्रणयकमल खरे, श्याम तिवारी ,नवीन भट्ट ,लक्ष्मण सिंह,वीरेंद्र पाठक,विनय मिश्रा, सहित गणमान्य नागरिक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे ।

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सागर वॉच @ 
स्मार्ट सड़क गलियारा ( Smart Road Corridor) की समीक्षा बैठक में  एस आर-2 तिली तिराहे से सिविल लाइन मार्ग के प्रगतिरत कार्यों में आ रही तकनीकी समस्याओं को सुलझाने  के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं इंजीनियरों स्मार्ट रोड के बेहतर निर्माण कार्य को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये। साथ ही स्मार्ट रोड कॉरिडोर के कामकाज में तेजी लाने के लिए  मशीनों व मानव क्षमता  बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुयी ।

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स्मार्ट रोड कोरीडोर के वर्तमान में चल रहे कार्य के साथ-साथ स्मार्ट रोड फेस-2 अंतर्गत शहर को अन्य शहरों से जोड़ने वाली सड़कों के विकास व  उन सड़कों पर साईकिल पथ, फुटपाथ, सुसज्जित लाईट एवं अन्य स्मार्ट घटकों के निर्माण के सम्बन्ध में भी निर्देश दिये गये। इसी सिलसिले में शहर की सड़को पर रौशनी  व्यवस्था में सुधार करने के लिए ऊर्जा-किफायती प्रकाश खम्बों  के साथ-साथ सौर ऊर्जा संयंत्र को स्थापित करने हेतु विस्तृत परियोजना रपट तैयार किया जाना है 

सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कार्यालय के सभाकक्ष में जिला कलेक्टर सह अध्यक्ष सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड दीपक सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक संपन्न हुई। कलेक्टर  ने सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा सागर शहर में विकसित की जाने वाली विभिन्न परियोजनाओं के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा कर तेजी से गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने हेतु निर्देशित किया। 


उक्त बैठक में निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक श्री आर. पी. अहिरवार, सागर स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राहुल सिंह राजपूत, कार्यपालन यंत्री अभिषेक सिंह राजपूत, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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सागर वॉच@
शहर के 48  वार्डों में बनने वाले बागान एवं क्रीडा क्षेत्र  के निर्माण से नागरिकगण अपने घर के पास ही परिवार, बच्चों एवं दोस्तों के साथ  पार्क के आनंद के साथ-साथ ही स्वास्थ्य लाभ ले पाएंगे । पार्कों के निर्माण से शहर में हरियाली का स्तर भी बढ़ेगा। स्वच्छ वायु के साथ शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी।


ये विचार मंत्री-नगरीय विकास एवं आवास विभाग म.प्र.शासन,भूपेन्द्र  सिंह स्मार्ट सिटी योजना अंर्तगत 48 वार्डों में पार्को एवं प्ले एरिया के निर्माण एवं पुन-र्विकास कार्यों का अम्बेडकर नगर वार्ड के अम्बेडकर पार्क भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किये  इस मौके पर नगर विधायक शैलेन्द्र जैन, निगमयुक्त सह कार्यकारी निदेशक सागर स्मार्ट सिटी आर पी अहिरवार, सीईओ  राहुल सिंह राजपूत एवं अन्य जन प्रतिनिधियों भी मौजूद थे


मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने यहां लगभग 11.56 करोड रू. की लागत से शहर के विभिन्न वार्डों में स्थल उपलब्धता अनुसार 48 पार्को एवं प्ले एरिया के निर्माण एवं पुनर्विकास कार्यों का भूमिपूजन कर सम्बोधित करते हुए कहा की हम सब के लिए अति प्रसन्नता की बात है की देश की 100 स्मार्ट सिटीज में तीसरे राउंड में चयनित 30 स्मार्ट सिटीज में से सागर ने दूसरा स्थान पाया।

इसी सिलसिले में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान का  सागर को 100 स्मार्ट सिटीज में चुने जाने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। सिंह ने कहा किजनप्रतिनिधियों, अधिकारीयों और आप सब की मेहनत से सागर ने यह स्थान पाया है। अब सब प्रयास करेंगे की सागर को स्मार्ट बनाने और आने वाले समय में सागर और ऊंचा स्थान प्राप्त करायें। 


विधायक जैन ने कहा की सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा शहर के 48 वार्डों में निर्मित एवं पुनर्विकसित किये जाने वाले पार्को एवं प्ले एरिया के निर्माण कार्य की शुरुआत सागर के सबसे अंतिम वार्ड अंबेडकर नगर में बने अम्बेडकर पार्क के भूमिपूजन के साथ की जा रही है। स्मार्ट सिटी मिशन अंतर्गत सागर के सभी 48 वार्डों मे अत्याधुनिक उपकरणों सहित पार्क एवं प्ले एरिया का निर्माण सागर स्मार्ट सिटी द्वारा किया जायेगा।

इन पार्कों में खुले जिम, बच्चों के खेलने हेतु झूले फिसलनी, सुंदर हरियाली, फव्वारे, बैठने हेतु बैंच, रौशनी , महिला, पुरूष एवं दिव्यांगों हेतु अलग-अलग शौचालय  आदि सुविधाएं स्थल उपलब्धता अनुसार दी जायेंगी। सुबह की सैर करने के लिए धावक पथ /पदचालन पथ  का निर्माण किया जायेगा। इसके साथ ही शहर में 50000 पौधों के रोपण का संकल्प भी सभी के साथ लिया।


निगमयुक्त आर पी अहिरवार ने कहा की हमारे सागर शहर में हवा में पाये जाने वाले धूल मिट्टी के कणों की मौजूदगी  पार्क निर्माण एवं पौधारोपण के कारण घटी है। इन सुव्यवस्थित स्मार्ट पार्क से  वातावरण स्वच्छ रखने में भी मदद मिलेगी।

 इन पार्को में स्थल उपलब्धता अनुसार खेल सुविधाएँ लॉन, वर्टीकल फ्लॉवर गार्डन, फाउंटेन, लाइटिंग, ओपन एयर थिएटर, पिकनिक एरिया, गजेंबो, किड्स प्ले एरिया, वॉक - वे, बच्चों के खेलने के लिए किड्स प्ले एरिया, योगा एंड अरोबिक्स एरिया, जेन गार्डन और हर्बल गार्डन बनाया जायेगा। जिन वार्डों में जगह कम है उनमे स्थल उपलब्धता अनुसार वॉलीबॉल, बैडमिंटन, खो-खो आदि खेलों हेतु सुव्यवस्थित प्ले एरिया तैयार किये जायेंगे।सागर स्मार्ट सिटी सीईओ राहुल सिंह राजपूत ने भूमिपूजन कार्यक्रम में आभार प्रकट किया।

India-Smart-City-Contest-2020-सागर-स्मार्ट-सिटी-को-मिला-प्रदेश-में-पहला-और-देश-में-दूसरा-स्थान

सागर वॉच @
इंडिया स्मार्ट सिटी कांटेस्ट-2020  में मध्यप्रदेश को देश में दूसरा स्थान मिला है।  इसी प्रतियोगिता में मप्र राज्य की पांच स्मार्ट सिटी को अलग-अलग वर्गों में कुल ग्यारह पुरस्कार मिले हैं। 
इंडिया स्मार्ट सिटी कांटेस्ट में सागर ने सिटी अवार्ड की तीसरे के दौर वाले शहरों में देश में दूसरा स्थान पाया है।  

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मालवा अंचल की शान इंदौर को बिल्ट एनवायरमेंट थीम सहित सैनिटेशन और कार्बन क्रेडिट फाइनेंसिंग मैकेनिज्म के लिए पहला स्थान मिला है। क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम के लिए भोपाल को अर्बन एनवायरमेंट थीम में पहला स्थान मिला है। कल्चर थीम में ही ग्वालियर के डिजिटल म्यूजियम ने भी देश में तीसरी पायदान पर जगह बनाई है। स्मार्ट सिटी के तहत राजधानी भोपाल ने क्लीन एनर्जी के लिए चेन्नई के साथ देश में पहला स्थान हासिल की है। 

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राज्य और केंद्र शासित राज्यों की कैटेगिरी में हमारा मध्यप्रदेश देश में दूसरे पायदान पर पहुंच गया है। साथ ही सिटी अवार्ड की श्रेणी में इंदौर को देश में पहला और संस्कारधानी जबलपुर को देश में तीसरा दर्जा मिला है। सिटी अवार्ड के ओवरऑल विनर के रूप में इंदौर ने सूरत के साथ मिलकर पहला स्थान पाया है। 

प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने इस कामयाबी के लिएसागर सहित भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के प्रशासन और स्थानीय लोगों को बधाई दी है।  


कलेक्टर ने दी बधाई

सागर स्मार्ट सिटी की इस उपलब्धि पर कलेक्टर दीपक सिंह ने स्मार्ट सिटी के सभी अधिकारियों-आरपी अहिरवार(कार्यकारी निदेशक), राहुल सिंह(मुख्य कार्यकारी अधिकारी) सहित सभी कर्मचारियों को बधाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने समस्त ज़िले वासियों को भी इस सफलता के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि, उन्हें पूरा विश्वास है कि, जल्द ही स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत चल रहे प्रचलित समस्त कार्य पूर्ण होंगे एवं सागर वासियों को स्मार्ट सिटी के तहत और अधिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।


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साग़र वॉच। 
देशभर में स्मार्ट सिटी के माध्यम से कई तरह के कार्य चल रहे हैं। इनमे साग़र की लाखा बंजारा झील के जीर्णाेद्धार एवं पुर्नविकास तथा सौन्दर्यीकरण  परियोजना को   प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट (नेशनल इंपार्टेंट प्रोजेक्ट्स )की सूची में शामिल किया गया है जो कि जलशक्ति अभियान के तहत संभवत: प्रदेश के साथ-साथ देश का एकमात्र प्रोजेक्ट होगा बताया जा रहा है।

स्मार्ट सिटी सागर के सीईओ राहुल सिंह के मुताबिक  लगभग 92 करोड़ रूपए की लागत से स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लाखा बंजारा झील के जीर्णोद्धार एवं पुर्नविकास सौन्दर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है जो कि जलशक्ति अभियान के तहत लिया गया है.  देशभर में स्मार्ट सिटी के माध्यम से कई तरह के कार्य चल रहे हैं। कुछ ऐसे प्रोजेक्ट्स भी है जो लीक से हटकर है। उनमे से एक साग़र झील परियोजना है। 


स्मार्ट सिटी सागर के सीईओ ने बताया कि इस  प्रोजेक्ट के  पूर्ण होने के बाद सागर की तस्वीर बदली हुई नजर आयेगी। 92 करोड़ रूपए की लागत से सागर झील के इस  प्रोजेक्ट में गाद निकालने  सहित अन्य कार्यों पर केवल 23 करोड़ जबकि 70 करोड़ रूपए झील की सूरतेहाल बदलने  पर खर्च होगें. जिसमें 16 घाटों का सौन्दर्यीकरण  होगा। वहीं साढ़े पांच किमी के पैदल भ्रमण के लिए तीन मीटर चौड़ा रास्ता बनेगा। यहाँ तक कि मोंगा बंधान पर भी पदयात्रा के लिए रास्ता बनाया जायेगा.  

वर्तमान में स्मार्ट सिटी के माध्यम से 428 करोड़ के 22 प्रोजेक्ट शुरू हो चुके है. वहीं 170 करोड़ के कार्यों की निविदाएँ भी प्रक्रिया में हैं. तिली तिराहे से सिविल लाईन चौराहे तक बन रही 2 किमी की स्मार्ट सड़क  का काम भी नवंबर अंत तक पूर्ण हो जायेगा और दिसंबर में लोकार्पण होगा.

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सागर वॉच। 09 जून
 शहर में एक बहुमंजिला कन्वेंशन सेंटर बनने का रास्ता साफ हो गया हैस्मार्ट सिटी के प्रस्तावित योजनाओं में से एक 12 मंजिला इमारत सागर कन्वेंशन सेंटर का निर्माण करने की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गयी है बुन्देलखंड की सबसे ऊंची बताई जाने वाली यह   ईमारत न केवल एक मिसाल होगी बल्कि ऊर्जा दक्ष  हरित मित्र भी होगी । 

इसमें दो आधार तालों में  पार्किंग की सुविधा दी जायेगी। कला एवं संस्कृति केंद्र, केंद्रीय एवं डिजिटल पुस्तकालय, बुक कैफे, कार्यालय क्षेत्र,ख्हाँ-पान के केंद्र व रेस्तरां, लोगों को रूकने हेतु डोरमेटरी, होटल, रिटेल काउंटरर्स हेतु दो मंजिलों में दुकानों  का निर्माण, लगभग 700 दर्शकों की क्षमता की बैठक व्यवस्था सहित ऑडीटोरियम, करीब 200 लोगों की बैठक व्यवस्था का सेमीनार हाल ,अन्य छोटे सेमीनार हॉल भी तैयार किये जायेंगे। 

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एक मंजिल पूरी तरह से खेल गतिविधियों जैसे स्क्वास, पूल, शतरंज , बिलियडर्स सहित अन्य इंडोर खेलों के लिए आरक्षित रहेगी। थियेटर, शोरूम्स सहित अन्य वाणिज्यिक गतिविधियों  का भी प्रावधान किया गया है। शिखर पर  रेस्टोरेंट एवं प्ले एरिया का भी निर्माण किया जायेगा। ईमारत में सौर ऊर्जा का भी प्रावधान किया गया है।  

इसके अलावा तलघर  एवं आधार तल  सहित कुल 7 मंजिला एक अन्य बिल्डिंग का निर्माण नागरिक सहायता केंद्र  के रूप में किया जायेगा जिसमें आयुष्मान कार्ड निर्माण, आधार कार्ड निर्माण, बैंक कियोस्क एवं अन्य सरकारी विभागों के जोन कार्यालय यहां व्यवस्थित स्थापित किये जायेंगे 

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बैठक में अटल पार्क में बुंदेलखड के इतिहास पर आधारित लाइटिंग व म्यूजिकल शो का जो कार्य कराया जा रहा है उसमें सागर के पुराने इतिहास सहित सागर के निर्माण से लेकर वर्तमान सागर तक की स्टोरी भी प्रस्तुत किये जाने के साथ- साथ ही त्योहारों आदि पर अलग-अलग प्रस्तुतियां के लिए विभिन्न थीम्स पर कार्य कराये जाने के सुझाव भी प्राप्त हुए । 

हेरीटेज कंजर्वेसन प्रोजेक्ट अंतर्गत चमेली चौक अस्पताल को भी लिया जाये। विभिन्न मुक्तिधामों में किये जाने वाले कार्यों के साथ ही यहां शांतिपाठ एवं अन्य मंत्रोच्चार हेतु साउंड सिस्टम भी लगाये जाना चाहिए इसके साथ ही कब्रिस्तान व क्रिश्चियनों हेतु बने ऐसे स्थानों के पुनर्विकास की योजना भी तैयार करें। सिटी फॉरेस्ट में रेस्टोरेंट, टायलेट्स, ओपन जिम जैसी अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाना चाहिए। जिससे शहर के नागरिकों को सुविधा मिले।

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जिला कलेक्टर के मुताबिक संभाग में सबसे ऊंची ऐसी ग्रीन बिल्डिंग सागर कन्वेंशन सेंटर का निर्माण व अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के साकार होने के बाद सागर की जो स्मार्ट शहर की परिकल्पना है वह पूर्ण हो सकेगी। यहां के नागरिकों को विशेष  सुविधाओं सहित बेहतर व व्यवस्थित बुनियादी ढांचा  प्रदान करना ही सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की प्राथमिकता है।

स्मार्ट सिटी द्वारा लिये गये प्रत्येक प्रोजेक्ट में भूमि विकास निगम अनुसार पार्किंग की सुविधा का विशेष ध्यान रख आगामी समय में इसकी मांग को देखते हुए ही निर्माण के साथ पार्किंग एरिया का प्रावधान करें। 

स्मार्ट आंगनवाड़ी प्रोजेक्ट स्थल चिन्हित कर स्मार्ट आंगनवाड़ी का निर्माण किया जायेगा । इसके लिए प्राइमरी स्कूलों के पास भी व्यवस्था की जा सकती है। ताकी उनमें आने वाले गरीब एवं दिव्यांग आदि बच्चों को नजदीक में ही सुविधाएं दी जा सकें। शहर में बुनियादी ढांचे के साथ ही सामाजिक विकास का कार्य भी किया जाये जो कि स्मार्ट सिटी मिशन अंतर्गत नागरिकों के जीवन स्तर सुधार में मुख्यतः शामिल है। जिससे शहर के कमजोर व उपेक्षित नागरिकों को भी सुविधाएं प्रदान कर उनका जीवन स्तर बेहतर बनाया जा सके। 

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ये सारे फैसले सागर स्मार्ट सिटी द्वारा शहर विकास के अनेक मुद्दों को लेकर स्मार्ट सिटी कार्यालय में एडवाइजरी (परामर्शी) समिति की 9वी बैठक संपन्न हुई। बैठक में सांसद  राजबहादुर सिंह, विधायक शैलेन्द्र जैन, जिला कलेक्टर सह अध्यक्ष  दीपक सिंह, नगर निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक  आर पी अहिरवार, स्मार्ट सिटी सीईओ  राहुल सिंह राजपूत, वरिष्ठ समाजसेविका श्रीमति मीना पिंपलापुरे (वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से),  देवेश गर्ग, इंजी.  प्रकाश चौबे,  राजू तिवारी, श्रीमति नेहा जैन, स्मार्ट सिटी सीएस  रजत गुप्ता, असिस्टेंट प्लानर श्री प्रवीण चौरसिया, पीएमसी से  योगेश (वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से) एवं टीम लीडर  संजय केड़िया सहित अन्य अधिकरी शामिल हुए।

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सागर वॉच । 
सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कार्यालय में निदेशक मंडल की 20वीं बैठक जिला कलेक्टर सह अध्यक्ष सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड दीपक सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। आभासी बैठक में सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा शहर की  विकास परियोजनाओं की समीक्षा कर उन्हें  सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई । 



बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में इन एजेंडे पर हुआ विचार 

# शहर के परकोटा मार्ग  के यातायात दबाव को  कम के लिए  परियोजना लेक साइड एलिवेटेड कॉरिडोर (चकराघाट से तीन माड़िया तक) के  निर्माण को  स्वीकृति दी गई।  
 
# नगर निगम स्टेडियम में भू-परिक्षण हो चूका है  खेल परिसर मैदान एवं नगर निगम स्टेडियम में प्रस्तावित  एकीकृत खेल परिसर का कार्य  प्रारंभ कराया जायेगा । 


# कोरोना काल  में शवदाह के लिए लकड़ी बढती मांग  को देखते हुए शहर में पांच नए विद्युत् शवदाह बनाये ल्बनाये जायेंगे । जिनमे से 4 शवदाह चार अलग -अलग मुक्तिधामों में शुरू होंगे जबकि मोतीनगर मुक्तिधाम में एक और विद्युत् शवदाह बनेगा । कोरोना काल के चलते शहर में शवों को सुरक्षित मुक्तिधाम तक पहुंचाने व अन्य दूरस्थ स्थलों से लाने-लेजाने हेतु शव वाहनों की आवश्यकता को देखते हुए प्रशीतक  युक्त 2 शववाहन क्रय करने की स्वीकृति दी गई।

#  अटल पार्क  में लाइट एवं साउंड शो सर्विस शुरू होगा ।   

शहर को पर्यावरणीय रूप से समृद्ध बनाने के लिए विभिन्न जगहों पर बढ़ी संख्या में  औषधीय व  फलदार पौधों व वृक्ष लगाये जायेंगे । 

स्मार्ट पोल प्रोजेक्ट, पब्लिक बाइक शेयरिंग सिस्टम, आई टी इनेविल्ड फायर फाइटिंग सिस्टम, पब्लिक लाइब्रेरी, रैनबसेरा, वूमन हाॅस्टल भी बनाये जायेंगे । 


 बैठक में जिला कलेक्टर सह अध्यक्ष  दीपक सिंह, नगरपालिक निगम आयुक्त सह कार्यकारी निदेशक आर. पी. अहिरवार, अन्य निदेशकों में नरेन्द्र वशिष्ठ(MoHUA, Delhi), स्वतंत्र निदेशक  नबरून भट्टाचार्यजी, मुख्य अभियंता के एल वर्मा, अधीक्षण यंत्री UADD जी एस सलूजा, अधीक्षण यंत्री पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट सागर राजेंद्र सिंह ठाकुर, सागर स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राहुल सिंह राजपूत, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।

English: Hindi


सागर वॉच ।
  
सागर जिले में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने का आभास होते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला कलेक्टर ने अधिकारीयों के एक दल के साथ मंगलवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय में संचालित कोरोना नियंत्रण केंद्र  का के कामकाज का जायजा  लिया । 

निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने कोरोना नियंत्रक केंद्र में कसावट लाने के लिए  जारी किये निर्देशों के मुताबिक 

  • कोरोना नियंत्रण केंद्र "घर पर रहकर इलाज़ " (Home Isolation)  ले रहे व्यक्तियों की सार्थक लाईट एप पर आने वाले 6 पैरामीटर के माध्यम से दिन में दो बार वीडियो कालिंग से जानकारी लेकर परीक्षण करेंगे।
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  • साथ ही बीएमसी एवं ज्ञानोदय छात्रावास के कोविड वार्डो से यदि व्यक्ति अपने आपको एवं डाक्टर की सलाह पर स्वस्थ्य होना महसूस  करता है तो उसे होम क्वारेंटाईन किया जाये और यदि घर पर इलाज़ करा रहे व्यक्ति को परीक्षण के दौरान कोई समस्या आती है तो उसको तत्काल बीएमसी या ज्ञानोदय कोविड वार्ड में भर्ती करें । 
  • उन्होंने बीएसएनएल के माध्यम से कोरोना नियंत्रक केंद्र में सहायता केंद्र के नम्बर 1075 प्रारंभ करने के निर्देश  दिये । उन्होंने बताया कि इस नम्बर पर कोई भी व्यक्ति कभी भी कोरोना संबंधी समस्या बता सकता है। इस नम्बर पर एक समय में तीन व्यक्ति बात कर सकते है ।
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कोरोना नियंत्रक केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ नगर निगम आयुक्त, जिला पंचायत सीईओ, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, स्मार्ट सिटी सीईओ, बीएमओ, सहित डाक्टर्स अधिकारी मौजूद थे