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Get-Covid-19-Test-Report-Online-मप्र-के-नगरिकों-कोरोना-टेस्ट-के-रपट-मिलेगी-घर-बैठे

सागर वॉच @
मप्र में कोरोना की जांच करने वालों के लिए यह बड़ी राहत देने वाली खबर हैं ।  कोरोना की जांच का नतीजा जाने के उन्हें कहीं नहीं भटकना पड़ेगा बल्कि नतीजा घर बैठे ही पता चल जायेगा   कोविड-19 संबंधित आरटीपीसीआर टेस्ट का परिणाम ऑनलाइन देखा जा सकेगा

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नागरिकों के कोविड संबंधित आरटीपीसीआर टेस्ट का परिणाम जानने हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा ऑनलाइन सुविधा प्रारंभ की गई है। Corona Test Result लिंक पर क्लिक करके यह जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
नागरिक अपना मोबाइल नं (जो सैम्पल देते समय परीक्षण लैब/ सैम्पल संग्रहण केन्द्र को दिया गया है) एवं परीक्षण लैब, आईसीएएमआर पोर्टल से प्राप्त एसआरएफ आईडी की प्रविष्टि कर अपने सैम्पल का परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

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Congratulation-सागर-ने-जीता-दीनदयाल-उपाध्याय-पंचायत-सशक्तीकरण-पुरस्कार

सागर वॉच @
प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  ने  देशभर से  उत्कृष्ट  पंचायतों  की प्रतिस्पर्धा में  भाग लेने वालीं  74000 पंचायतों  में  से  पुरस्कार के लिए चुनी गयीं 313 पंचायतों  को   पुरस्कार  कि राशि  वर्चुअल  बटन दबाकर ट्रांसफर की।  

इसी  प्रतिस्पर्धा में सागर    जिला पंचायत को उत्कृष्ट कार्य हेतु पं. दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरूस्कार के साथ 50 लाख की राशि सीधे  प्राप्त हुयी । 

पुरूस्कार प्राप्त करने के लिये सागर जिला मुख्यालय पर जिला पंचायत की अध्यक्ष  दिव्या अशोक सिंह बामोरा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डाॅ. इच्छित गढ़पाले , अशोक  सिंह बामोरा,   जय गुप्ता जिला तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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 गौरतलब है कि पंचायतीराज दिवस 24 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा 5 श्रेणियों में पुरूस्कार ग्राम पंचायतों, जिला पंचायतों को प्रोत्साहन हेतु प्रतिवर्ष दिये जाते है। जिसमें पं. दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरूस्कार, जीपीडीपी पुरूस्कार, बाल हितैषी पंचायत पुरूस्कारी, नानाजी देशमुख पंचायत सशक्तिकरण पुरूस्कारी, ई पंचायत पुरूस्कार की ये पांच श्रेणियों में उनके कार्यो के मूल्यांकन के आधार पर होता है।

वर्चुअल कार्यक्रम में केन्द्रीय पंचायतीराज मंत्री  नरेन्द्र सिंह तोमर, माननीय मुख्यमंत्री म.प्र. शासन एवं समस्त राज्यों के माननीय मुख्यमंत्री की मौजूदगी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम संपूर्ण भारत से लगभग 5 करोड़ लोगों ने ऑनलाइन देखा। पुरूस्कार प्राप्त होने परं कलेक्टर  दीपक सिंह जिला पंचायत की अध्यक्ष  दिव्या अशोक  सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकरी जिला पंचायत डाॅ. इच्छित गढ़पाले द्वारा पंचायतीराज के जिले के समस्त जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी कर्मचारियों को दी बधाई।

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Summer-Vacations- अशासकीय-विद्यालयों-में-तीस-अप्रैल-तक-नहीं-होगा-भौतिक-कक्षाओं-का-संचालन

सागर वॉच । 
स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) एवं सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने बताया कि प्रदेश में कक्षा पहली से आठवीं तक के शासकीय एवं अनुदान प्राप्त समस्त विद्यालयों के लिए 15 अप्रैल से 13 जून 2021 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है। इसके साथ ही अशासकीय विद्यालयों में कक्षा पहली से आठवीं तक की कक्षाओं का भौतिक संचालन 30 अप्रैल 2021 तक नहीं किया जाएगा। 

इन कक्षाओं का ऑनलाइन शिक्षण कार्य जारी रह सकेगा। श्री परमार ने बताया कि प्रदेश में सभी शासकीय एवं अशासकीय छात्रावासों को तत्काल प्रभाव से बंद किया गया है। श्री परमार ने कहा कि वर्तमान कोरोना महामारी की परिस्थिति और विद्यालयीन छात्रों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। 

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स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध सभी जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक एवं प्राचार्य को दिशा-निर्देश जारी किए गए है। कक्षा पहली से आठवीं तक की शालाओं में कार्यरत सभी शासकीय शिक्षक ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बोर्ड परीक्षाओं के पूर्ण होने तक मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।

 बोर्ड परीक्षा के दौरान पर्यवेक्षण या अन्य शासकीय कार्य के लिए ड्यूटी लगाए जाने पर आवश्यक रूप से उपस्थित होंगे। जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि बोर्ड परीक्षाएँ संबंधित बोर्ड, माध्यमिक शिक्षा मंडल, सीबीएसई, आईसीएसई इत्यादि के निर्देश के अनुसार ही आयोजित होंगी।

Kahi-Ankahi-सरकार-का-मुंह-न-ताकें-खुद-एहतियात -बरतें-कुलांचे-भरते-कोरोना-संक्रमण-से-बचने

कही-अनकही 

कोरोना संक्रमण अब कुलांचे भरने लगा है। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में रोज कोरोना पाजिटिव आने वाले मरीजों की संख्या  100 के आंकड़ें पार करती नजर आ रही है।

अकेले सागर जिले में ही कोरोना जो तेवर दिखा रहा है उसको देखते हुए लगता है कि अप्रैल  महीने के पहले पखवाड़े के खत्म होने के पहले ही कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा हजार को पार कर जाएगा।

ऐसा नहीं है  कि जिले में कोविड के जाल में सिर्फ आम नागरिक ही फंस रहे हों। मंत्री, संत्री, अफसर, व्यापारी व चिकित्सक तक इसके शिकंजे में फंसते नजर आ रहे हैं।

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राज्य सरकार, प्रशासन और समाज सेवी संगठन लोगों को कोरोना से बचने के लिए मास्क पहनने, मेल-मिलाप में दो गज की दूरी बनाए रखने व बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने के संदेश देने में लगे हुए हैं।

लोग बहुत हद तक इन निर्देशों को मान भी रहे हैं। लेकिन पड़ोस के जिले मे चुनावी माहौल के चलते राजनैतिक दलों खासकर -सत्ताधारी दल कोविड से बचने के ऐहतियाती कदमों को नजरंदाज करने के आरोपों से घिरे हुए हैं।

प्रदेश में बेलगाम सा हो रहा कोरोना संक्रमण के फैलाव के लिए प्रबंधन भी पहले की अपेक्षा कम चुस्त दिख रहा है। कोरोना उपचार की आड़ में अकूत संपत्ति बटोरने की हवस से निजी चिकित्सा संस्थानों के लिप्त होने के आरोपों का दौर भी आए दिन जोर पकड़ता दिख रहा है। 

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कोरोना उपचार के लिए जरूरी उपकरणों की खरीद व नमूनों की जांच में कमीशनखोरी व दवाओं की पैदा हुई किल्लत को भी कृत्रिम बताने के आरोपों में आ रही  तल्खी भी आम जनता महसूस करने लगी है।

कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने में सरकार की कथित ढिलाई के चलते आम जनता में यह चर्चा जोर पकड़ चुकी है कि चुनावों की प्रक्रिया पूरी नहीं होने तक सरकारें कोरोना नियंत्रण के लिए उतनी गंभीर शायद ही हों जैसी की जनता उनसे उम्मीद कर रही है।

अब वक्त आ गया है कि कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए आम लोगों को सरकार का मुंह ताकते रहने की जरूरत नहीं है। प्रदेश के हर नागरिक को अपने स्तर पर ही जितना अधिक हो सके उतना ऐहतियात बरतना चाहिए।

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 समाचार संक्षेप 

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सागर वॉच ।
 
कोरोना संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है। राज्य सरकार व प्रशासन भी बैठकों के जरिए बेहद चैकस होने का संदेश आए दिन जनता को दे रहा है। 

रविवार को आपदा प्रबंधन समिति की बैठक हुई। बैठक में जिसमें केन्द्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल व मप्र के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी आभासी माध्यम से (वर्चुअल मीटिंग) के जरिए शिरकत की।

बैठक में केन्द्रीय मंत्री पटेल ने बेकाबू होते कोरोना संक्रमण को थामने के लिए कई निर्देश दिए। उन्होंने बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय को पूरी तरह कोविड अस्पताल में तब्दील करने के लिए कहा। साथ ही निजी क्षेत्र की सहभागिता बढ़ाकर एक से ज्यादा कोविड उपचार केन्द्र खोलने के लिए भी कहा।

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वहीं प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री सिंह ने लाॅकडाउन का सख्ती से पालन कराने, कोविड दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के लिए जिला स्तर पर खोली गई खुली जेल को खंड स्तर पर भी शुरू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कोविड नमूनों की जांच तय समय सीमा में किए जाने पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को के नमूने की जांच के नतीजे 24 घंटें के अंदर दिए जाएं।

इसी बैठक के जरिए जिला कलेक्टर ने भी जिले के निजी अस्पतालों को कोविड के उपचार के सिलसिले में निर्देश जारी किए। कलेक्टर ने कहा कि राज्य शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक तय इलाज की कीमतों को निजी अस्पताल प्रवेश द्वारा पर ही प्रदर्शित करें।

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कोविड संक्रमण 

सागर जिले में रविवार को कोविड संक्रमण के संदिग्ध मरीजों में से 165 मरीज पाजिटिव आए। यह संख्या अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा बताया जा रहा है।

टीकाकरण

मप्र के नगरीय विकास मंत्री ने रविवार से शुरू हुए टिकाकारण उत्सव के सिलसिले में जिला प्रशासन को 45 साला से अधिक आयु वाले सभी पात्र लोगों का सौ फीसदी टीकाकरण किए जाने के निर्देश दिए। वहीं कांग्रेस पार्टी के अनुषंगी संगठन सेवादल ने चमेली चैक स्थित कोविड टीकाकरण केन्द्र पर व्यवस्थाओं को संभालने की जिम्मेदारी ली।  

सेवादल के जिला अध्यक्ष शिंटू कटारे ने सागर वाॅच को बताया कि उनके टीम के सदस्य क्षेत्र के बुजुर्ग लोंगों को घरों से टीकाकरण केन्द्र लाने व टीककारण के उपरांत वापिस घर तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। साथ ही टीकाकरण केन्द्र पर लोगों को मुफ्त मास्क वितरण, व पेयजल आदि का इंतजाम भी कर रहे हैं।

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सागर वॉच ।(विशेष रपट ) मधुर तिवारी I दिल में कुछ करने का जुनून हो तो फिर पद, कद, उम्र, तजुर्बा, 
छोटा-बड़ा कुछ भी मायने नहीं रखता। यह साबित कर रहा है एक 17 वर्षीय किशोर और उसका संकल्प। दरअसल हम बात कर रहे हैं शहर से लगे भैंसा निवासी आफताब बहना की। हाल ही में सदर स्थित एक सरकारी स्कूल से 11वीं की परीक्षा पास कर 12वीं में पहुंचे आफ़ताब ने देश को स्वच्छ बनाने का संकल्प ले लिया है। उसे जहां भी गंदगी (डिस्पोजल, पन्नी, प्लास्टिक का कचरा आदि) नजर आती है वह अपना काम छोड़ उसे साफ करने में जुट जाता है।

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ऐसा ही नजारा सोमवार दोपहर पुराने कलेक्टर कार्यालय में नजर आया। जहां बिना किसी से कुछ कहे यह किशोर कचरा चुन -चुन  कर कचरे के डब्बे में   में डाल रहा था । आसपास खड़े लोगों ने जब उसे बुलाकर कुछ रुपए देने चाहे तो उसने मदद लेने से इनकार कर दिया और सभी को साफ-सफाई रखने और गंदगी न फैलाने की अपील की। गंदे से कपड़े पहने, कचरा बीन रहे युवक की बात सुन सभी स्तब्ध रह गए और उसके काम की सराहना की।

- अफसर बनने की है चाह ..

आफताब का कहना था कि वह पढ़ाई कर एक अफसर बनना चाहता है। उसने बताया कि उसके मरहूम पिता की दिली तमन्ना थी कि उनके बच्चे पढ़-लिखकर अफसर बने । आफताब ने बताया कि यही कारण है कि वह और उसके भाई मेहनत-मजदूरी करने के बाद भी मन लगाकर पढ़ाई में जुट जाते हैं। आफ़ताब की इसी मेहनत का परिणाम है कि उसने दसवीं की परीक्षा 77 प्रतिशत अंको के साथ उत्तीर्ण की थी, अब 12वीं में उससे भी ज्यादा अंक लाकर अव्वल आना चाहता है। 

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- प्रशासन दे ध्यान

आफताब ने बताया कि पिता की मौत के बाद वह और उसके भाई मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। परिवार का राशन कार्ड भी नहीं और उसे बनवाने के लिए वह महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। सोमवार को भी वह अपना राशन कार्ड बनवाने के लिए एसडीएम कार्यालय आया था और वहां आसपास कचरा देख उसे साफ करने में जुट गया।