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Panchayat Election Update- निर्वाचन आयोग ने किये  पंचायत चुनाव निरस्त,  मंत्री ने कहा धन्यवाद

सागर वॉच। 28 दिसम्बर 2021 नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायत चुनाव निरस्त करने के फैसले का स्वागत करते हुए आयोग को इस निर्णय के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है। मंत्री श्री सिंह ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री ने केबिनेट की बैठक में अध्यादेश वापस लेने का निर्णय लिया जिसके बाद ही राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनाव निरस्त किया जाना संभव हो सका। 

मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने यहां जारी बयान में कहा है कि सरकार का लक्ष्य ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी  आरक्षण के साथ चुनाव कराने का है। इसके लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है। हमने समय मांगा है ताकि सारी बाधाओं को शीघ्रता से दूर किए जाने पर कार्य हो सके। जितनी भी संवैधानिक प्रक्रियाएं  हैं उन्हें पूरा करते हुए शीघ्र चुनाव कराने की कोशिश होगी जिसमें ओबीसी वर्ग के लिए 27 फीसदी  आरक्षण के साथ जनप्रतिनिधित्व मिल सकेगा।

Nal-Jal Yojna-खुरई विधानसभा क्षेत्र के करीब 500 गांवों तक पहुंचेगा शुद्ध पेयजल

सागर वॉच। 16 दिसम्बर 2021
 

खुरई विधानसभा क्षेत्र के गांवों में घर-घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने के काम को और गति मिल गयी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में संपन्न कैबिनेट की बैठक में खुरई विधानसभा क्षेत्र के करीब 500 गांवों के लिए टोंटी से शुद्ध पेयजल पहुंचाने की परियोजना को स्वीकृत हो गयी है। परियोजना के अमल में 800 करोड़ से ज्यादा की लागत आएगी।

इस स्वीकृति के लिए खुरई से विधायक तथा मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया एवं खुरई के लोगों को इसकी शुभकामनाएं दी हैं। इस तरह भूपेन्द्र सिंह के प्रयास से खुरई को अब एक और बड़ी सौगात मिलने  रास्ता साफ हो गया है। खुरई को इस सौगात के लिए श्री भूपेन्द्र सिंह ने अथक प्रयास किये। श्री सिंह लगातार इस दिशा में सक्रिय रहे एवं उनकी कोशिशों को अब मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सफल कर दिया है।

भूपेन्द्र सिंह की कोशिशों के बाद अब खुरई विधानसभा में बहुत बड़ी ग्रामीण आबादी को पानी के लिए भटकने से राहत मिलेगी और उनके लिए साफ पानी का प्रबंध घर बैठे ही हो जाएगा। भूपेन्द्र सिंह जी के प्रयासों से यह खुरई के रहवासियों के लिए जल क्रांति के शुभारंभ का शुभ अवसर है।

खुरई विधानसभा क्षेत्र के जो गांव इस योजना का लाभ पाने जा रहे हैं,  उनमें रामछपरी, सेमरालोधी, खिरियाकलां, समसपुर, परसोन, अन्डेला, खटौरा, रौडा, हीरनछीपा, दुगाहाकलां, लालोई, उझनेठ, बिजरी, राडों मालगुजारी, नौधाना, चंद्रपुर, पिथोरिया, बांदरी करोली, मेहर, बेहरोल, खदेसरा, भारछा, परोदिया नैनागिर, ग्वारी, खरौसा, करैया गूजर, कठेली, मुकरामपुर, खजरा हरचंद्र, भीलोने, सिलोधा, घोरट, बगथरी पट्टी, सुमरेरी, बनहोत, गोलनी और गंभीरिया बुजुर्ग आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। 

आज स्वीकृत की गयी समूह जल प्रदाय योजना में खुरई के 323 तथा मालथौन के 234 गांव जोड़े जाने को मंजूरी दी गया है। इससे इन गांवों में रहने वाली आबादी को घर तक नल के माध्यम से जल सप्लाई का लाभ और जल्दी मिलने का रास्ता साफ हो गया है।


MP Housing Board-सभी निर्माण समय से एवं पूरी गुणवत्ता के साथ किये जाएं- भूपेन्द्र सिंह
सागर वॉच / 14 दिसम्बर 2021

मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल द्वारा सागर के उपनगर मकरोनिया में विकसित दो आवासीय योजनाओं में विकास के और अधिक काम होने का काम आसान कर दिया है।  

डॉ. हरिसिंह गौर नगर एवं पंडित दीनदयाल नगर में आवश्यक शेष कामों को करने के लिए अपने विशेषाधिकार के अंतर्गत कुल 5 करोड़ 4 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करते हुए उन्होंने मंगलवार को भोपाल में गृह निर्माण मंडल की बैठक में  इस संबंध में निर्देश प्रदान किए।

डॉ. हरिसिंह गौर नगर तथा पंडित दीनदयाल नगर में कुल 568 भवनों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। अभी इन दोनों स्थानों पर आवासीय तथा व्यावसायिक श्रेणी के 37 प्लॉट बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। दोनों ही कॉलोनियां नगर निगम, सागर को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। 

मंगलवार को भोपाल में गृह निर्माण मंडल की बैठक में नगरीय विकास तथा आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने इन दोनों कॉलोनियों के लिए 5 करोड़ 4 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की। इस राशि से डॉ. हरिसिंह गौर नगर में बोहरे गेट से सब स्टेशन तक सड़क और नाली का निर्माण किया जाएगा। साथ ही पंडित दीनदयाल नगर में सागरश्री अस्पताल से लेकर सेन्ट्रल स्कूल तक तथा राठौर किराना से स्टेशन पहुंच मार्ग तक सड़क और नाली बनाई जाएगी। 

इस राशि का इस्तेमाल स्टेशन चैराहा और एचआईजी 119 से अंकुर कॉलोनी तक सड़क निर्माण के लिए भी होगा। इसी पैसे से डॉ. हरिसिंह गौर नगर में सेंट मैरी स्कूल के नजदीक खेल मैदान का विकास भी होगा। 

योजना के तहत स्मार्ट रोड से पुराने ओव्हरहेड टैंक तक सीसी रोड और सागरश्री अस्पताल से सेंट्रल स्कूल तक रोड डिवाइडर भी बनाया जाएगा। कॉलोनी की स्ट्रीट लाइट और सड़कों के निर्माण के कारण लाइन शिफ्टिंग का काम भी इस स्वीकृत राशि के माध्यम से कराया जाएगा।

 बैठक में मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण समय से एवं पूरी गुणवत्ता के साथ किये जाएं। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सभी काम में नागरिक सुविधाओं को लेकर कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 
Smart City Project Review-वर्ष 2019 में स्मार्ट सिटी मिशन में हुए कार्यों  में हुई अनियमितताओं की होगी जाँच

सागर वॉच
। 06 दिसम्बर 2021 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वर्ष 2019 में स्मार्ट सिटी मिशन में हुए कार्यों, उनके औचित्य, टेंडर प्रक्रिया, व्यय राशि तथा
की जाएगी। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 6 हजार 600 करोड़ रूपए राशि से 587 योजनाएँ संचालित हैं। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी सात शहरों में संचालित योजनाओं की वे स्वयं बिन्दुवार समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान मंत्रालय में स्मार्ट सिटी मिशन की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने बैठक में कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन में जनता की आवश्यकता और शहर की प्राथमिकता के अनुसार जन-प्रतिनिधियों और नगरवासियों की सलाह से कार्यों की प्राथमिकता तय होगी तथा उसके अनुरूप ही निर्माण कार्य संचालित किए जाएंगे।

स्मार्ट सिटी निर्माण में सौन्दर्यीकरण के स्थान पर उपयोगिता और जनता की सुविधा को प्राथमिकता बनाया जाएगा। कोई भी नया टेण्डर नहीं होगा और जो कार्य आरंभ नहीं हुए हैं उनकी समीक्षा की जाएगी। राशि का मितव्ययी और सही उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं सातों स्मार्ट सिटी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और सतना के जन-प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य नगरीय विकास को नई दृष्टि देना है। बड़े शहरों के साथ मझौले और छोटे शहरों का नियोजन भी भविष्य की व्यवहारिक आवश्यकताओं के अनुसार किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के वित्तीय संसाधनों का उपयोग केवल स्मार्ट सिटी तक ही सीमित नहीं रहे। 

इसके वित्तीय संसाधनों का उपयोग संपूर्ण शहर के विकास में सुनिश्चित किया जाए। मूलभूत कार्यों के लिए स्मार्ट सिटी से नगर निगम या अन्य एजेंसियों को राशि हस्तांतरित करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। 

स्मार्ट सिटी मिशन को शहरों के विकास का इंजन बनाना है। मिशन में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग संपूर्ण शहर के अधोसंरचना विकास में किया जाए, यह केवल सौन्दर्यीकरण तक सीमित न रहे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल में बंद पड़े कैमरों और सागर के निर्माणाधीन लाखा बंजारा तालाब की धीमी प्रगति पर अप्रसन्नता व्यक्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन, नगर निगम एवं पुलिस सहित नगरीय प्रबंधन से संबंधित विभिन्न एजेंसियों से बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्टार्टअप्स इंक्यूबेशन सेंटरों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए। स्टार्टअप्स की अवधारणा को युवाओं में उद्यमिता को विकसित करने के लिए औद्योगिक और तकनीकी संस्थाओं से आवश्यक सहयोग लिया जाए।

जानकारी दी गई कि स्मार्ट सिटी मिशन योजना के प्रथम चरण में जनवरी 2016 में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, द्वितीय चरण में सितम्बर 2016 से उज्जैन, ग्वालियर और तृतीय चरण में जून 2017 से सागर और सतना को लिया गया है। 

इन सात स्मार्ट शहरों में प्रदेश की नगरीय आबादी की 34.8 प्रतिशत आबादी निवासरत है। मिशन में क्षेत्र आधारित विकास में मुख्य अधोसंरचना कार्य जैसे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और ट्रांसफर स्टेशन्स, जल प्रदाय, फ्लाई ओवर तथा ब्रिज, पार्क, उद्यान, खेल परिसर, ऊर्जा दक्ष लाईटिंग, पुरातत्व धरोहर संरक्षण में रिस्टोरेशन, लेक डेव्हलपमेंट के लिए कार्य किये जा रहे हैं। 

इसके अलावा  बायो मैथेनाइजेशन प्लांट, मल्टीलेवल पार्किंग व नॉन मोटराईज ट्रांसपोर्ट संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। पैन सिटी के अंतर्गत संपूर्ण शहर के लिए एकीकृत कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर, इंटेलीजेंट ट्रेफिक मैनेजमेंट, स्टार्टअप इंक्युबेशन सेंटर, स्मार्ट क्लास रूम, स्मार्ट पोल जैसी गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।

बैठक में स्मार्ट सिटी मिशन में ग्वालियर में सांस्कृतिक एवं पुरातत्व संग्रहालय, भोपाल की सदर मंजिल, ग्वालियर के टाउन हॉल, इंदौर की हरिराव होलकर छतरी एवं गांधी हॉल, ग्वालियर फोर्ट की फसाड लाइटिंग, उज्जैन के महाकाल मंदिर एवं निर्माणाधीन श्री महाकाल मंदिर परिसर, इंदौर की कान्ह नदी संरक्षण एवं सौन्दर्यीकरण परियोजना,  साथ ही जबलपुर के गुलउआ ताल, भोपाल के स्मार्ट पार्क, ग्वालियर की एनर्जी एफिशिएंट एलईडी स्ट्रीट लाइट, भोपाल के आर्च ब्रिज की चर्चा हुयी

बैठक में सागर के निर्माणाधीन फ्लाईओवर, भोपाल, इंदौर एवं उज्जैन के बायोमिथिनेशन प्लांट, भोपाल एवं इंदौर के अपशिष्ट ट्रांसफर स्टेशन, सौर ऊर्जा संयंत्र जबलपुर, इंदौर की छप्पन दुकानें, जबलपुर के खेल परिसर, उज्जैन के गणेश नगर स्मार्ट स्कूल, जबलपुर की मल्टीलेवल पार्किंग, भोपाल और इंदौर के स्टार्टअप्स इंक्यूबेशन सेंटर तथा ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर में चल रहे इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर की जानकारी दी गई।

स्मार्ट सिटी परियोजना की समीक्षा बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Gour Utsav 2021- केंद्रीय विश्वविद्यालय से जो लाभ मिलने थे नहीं मिले -कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह

सागर,मप्र/ 26 नवंबर
/ मप्र के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री का कहना है कि वो निःसंकोच कह सकते हैं कि डॉ. हरिसिंह केन्द्रीय विश्वविद्यालय को केन्द्रीय दर्जा मिलने से स्थानीय लोगों को जो लाभ मिलने थे वो नहीं मिल सके हैं। इसकी वजह विश्वविद्यालय में जिस तरह के कुलपति आने थे उस तरह के कुलपति यहां नहीं आए। इस विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में पचास फीसदी स्थान स्थानीय विद्यार्थियों को आरक्षित किए जाने चाहिए।

 मप्र के सबसे पुराने विश्वविद्यालय सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. हरिसिंह गौर की 152 जयंती के अवसर पर डॉ. हरिसिंह केन्द्रीय विश्वविद्यालय के परिसर में आयोजित गौर-उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने आए मप्र शासन के केबिनेट मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि दानवीर के रूप मे महाभारत के किरदार कर्ण के बाद अगर किसी का नाम लिया जा सकता है तो वह डॉ. हरिसिंह गौर ही हैं जिनके दान से सागर  विश्वविद्यालय  की स्थापना हुई। राजा कर्ण के बाद इतिहास में ऐसे उदाहरण नहीं मिलते हैं।

केबिनेट मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि मप्र के पहले विश्वविद्यालय सागर विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय  बनवाने के लिए लंबे समय तक चले छात्र आंदोलन में उन्हों ने भी शिरकत थी। जब आंदोलन चल रहा था तब वह छात्रसंघ के सचिव थे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के चलते उन्हें सात महीने तक प्रदेश की विभिन्न जेलों में रहने का अवसर मिला।

उन्होंने अफसोस जताया कि सागर विश्वविद्यालय के केन्द्रीय बनने के बाद स्थानीय लोगों को जो लाभ मिलने थे वो नहीं मिल सके। इसकी वजह केन्द्रीय विश्वविद्यालय बनने के बाद विश्वविद्यालय में जिस तरह के कुलपति आना थे उस तरह के कुलपति यहां नहीं आए। उन्होंने कहा कि हालांकि विश्वविद्यालय की नवनियुक्त कुलपति नीलिमा गुप्ता स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में बढ़ रहीं हैं।

उन्होंने कहा कि डॉ हरिसिंह गौर चाहते तो नागपुर, दिल्ली कहीं भी विश्वविद्यालय स्थापित कर सकते थे लेकिन उन्होंने बुंदेलखंड की गरीबी व अशिक्षा को घ्यान में रख कर सागर में ही विश्वविद्यालय स्थापित किया। उनको भरोसा था कि यहां विश्वविद्यालय शुरू होने से अंचल की गरीबी व अशिक्षा दूर होगी। उन्होंने कहा कि देश दुनिया में नाम कमा रहें लोगों में से कई लोग तो इस क्षेत्र  अगर विश्वविद्यालय न होता तो शायद आगे की पढ़ाई ही पूरी नहीं कर पाते।

सागर देश का 18 वां विश्वविद्यालय था व यहां ऐसे विषय में पढ़ाई शुरू हुई जो विषय देश की किसी भी अन्य यूनिवर्सिटी में नहीं पढ़ाए जाते थे। इतना ही नहीं डॉ गौर इन विषयों को पढ़ाने के लिए दुनिया के जाने-माने शिक्षकों को विश्वविद्यालय लेकर आए। जिनमें विश्वविख्यात डॉ वेस्ट जैसे प्रोफेसर का भी नाम शामिल है। 

उन्होंने कहा कि डॉ हरिसिंह गौर ने कभी नहीं चाहा कि विश्वविद्यालय उनके नाम से जाना जाए। उन्होंने अपनी वसीयत में भी इस बात का  जिक्र किया था । लेकिन राजनैतिक कारणों से सागर विश्वविद्यालय का नाम बदल कर उनके नाम पर कर दिया गया। नाम बदले जाने के पहले सारी दुनिया में यह विश्वविद्यालय को सागर विश्वविद्यालय के रूप में ही जाना जाता था।

उन्होंने कहा कि डॉ गौर का सपना था कि बुंदेलखंड के विद्यार्थी पढ़ें उन्हें अच्छी शिक्षा मिले। उन्होंने कहा कि विश्वविद्याय के केन्द्रीय बन जाना खुशी का विषय है लेकिन स्थानीय लोगों को लाभ दिलाने के लिहाज से इस विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में पचास फीसदी स्थान स्थानीय बच्चों को आरक्षित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कोई नयी बात नहीं है ऐसी व्यवस्था बनारस विश्वविद्यालय व एएमयू (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) में पहले से ही चल रही है।

उन्होंने कहा कि अभी भी डॉ. हरिसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय के बाईलॉज (उपनियम) नहीं बनें हैं। अतः उनके बनाते समय ऐसी व्यवस्था की जा सकती हैं। उन्होंने आरक्षण के मसले पर जोर देते हुए कहा कि " सागर केन्द्रीय विश्वविद्यालय में बुंदेलखंड के विद्यार्थियों को पचास फीसदी आरक्षण मिलना ही चाहिए।"

इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नई शिक्षा नीति लेकर आए हैं जो रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर जोर देती है। इस सिलसिले में उन्होंने कुलपति से आग्रह किया कि डॉ हरि सिंह गौर  केन्द्रीय विश्वविद्यालय में भी होटल प्रबंधन, इंजीनियरिंग कॉलेज, पर्यटन शिक्षा, पेपर एंड प्लास्टिक के पाठ्यक्रम इसके अलावा फिजियोथैरैपी, क्लीनिकल पैथोलॉजी, ऐयरोस्पेस इंजीनियरिंग जैसे पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि सागर एड्यूकेशन का हब (शिक्षा का केन्द्र ) बने  लेकिन इसके लिए सागर को जरूरत है एक हवाई अड्डा की। उन्होंने कहा कि संयोग से इस समय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मप्र से ही है और वो सागर में हवाई अड्डा शुरू करने के लिए कोशिश करेंगें।

Furniture-Cluster-उद्योग-मंत्री-का-आश्वासन-जल्द-बनेगा-फर्नीचर-क्लस्टर

 
सागर वॉच यातायात के दबाव को कम करने के लिये शहर की आरा मशीनों को विस्थापित कर   एक टिंबर क्लस्टर बनाया जायेगा। यह आश्वासन अल्प प्रवास पर सागर आये प्रदेश के उद्योग मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने टिम्बर व्यापारी संघ द्वारा आरा मशीनों को एक निश्चित एवं सुरक्षित जगह पर स्थानांतरित करने की मांग किये जाने पर दिया 

टिम्बर मर्चेन्ट एशोसिऐशन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने विधायक शैलेंद्र जैन के नेतृत्व में रविवार को उद्योग मंत्री से मुलाकात की एवं उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

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इस सिलसिले में मंत्री सकलेचा द्वारा तत्काल कार्यवाही करने हेतु सागर जिला कलेक्टर दीपक सिंह एवं सागर जिला उद्योग महाप्रबंधक मंदाकनी पाण्डेय को सागर औद्योगिक क्षेत्र सिद्गुवा में सर्वसुविधायुक्त फर्नीचर क्लस्टर तैयार करने हेतु निर्देशित किया। जिससे  व्यापारी सुलभतापूर्वक अपने व्यापार को संचालित कर सके साथ ही  ।

मंत्री सकलेचा ने इसी क्षेत्र में फर्नीचर ट्रेड में रुचि रखने वाले लोगो के लिए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने हेतु निर्देशित किया ताकि अन्य लोग भी इस क्षेत्र व्यापार हेतु आगे आये। मंत्री से मुलाकात करने वालों में टिम्बर एसोसिएशन के अध्यक्ष  दिनेश भाई पटेल, सचिव  विजय भूषण ,सह सचिव श्री सुनील ,जनरल सेक्रेटरी विजय पटेल,  लक्ष्मी भाई पटेल,  देवेंद्र सिंह चावला, ईश्वर भाई पटेल , शरीफ उद्दीन,महेंश राय ,इंद्रप्रीत सिंह होरा,विजय भाई पटेल ,महेश राय,  राम अवतार पांडे ,श्री गब्बर अजवानी,  शैलेश केशरवानी, भीमसरिया,मोहन भाई पटेल,नरेंद्र पाल सिंह अजमानी, मनजीत भाटिया, आदि उपस्थित थे।


सागर सराफा अध्यक्ष एवं मप्र एसएएसएस के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम सोनी ने भी प्रदेश सरकार में सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री ओमप्रकाश  सकलेचा से मुलाकात कर हॉलमार्क व एचयूआईडी से होने वाली व्यवहारिक परेशानियों की जानकारी देकर सरकार के ध्यान में यह मामला लाने की बात की है। 

Emerging-Smart-City-मुख्यमंत्री-करेंगे-सागर-के-पहले-एलिवेटेड-मार्ग-का-भूमिपूजन

सागर वॉच। मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि सागर के विकास में कभी भी बजट की कमी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि शहर के चकराघाट से बस स्टैंड तक एक नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनकर तैयार होगा जिससे शहर कि यातायात की समस्या से निजात मिलेगी शीघ्र ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा भूमि पूजन कराया जायेगा।

रविवार को स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत संजय ड्राइव रोड के निर्माण कार्य का शिलान्यास एवं स्पार्क इन्क्यूबेशन सेंटर की वेबसाइट के लोकार्पण कार्यक्रम व् तिली अस्पताल रोड स्थित निजी अस्पताल से कनेरा देव चौराहे तक आठ करोड़ 75 लाख की लागत से बनने वाली रोड के भूमि पूजन के अवसर पर मध्य शासन के नगरीय विकास मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि सागर स्मार्ट सिटी ने विकास के रास्ते से भारत के नक्शे पर अपनी पहचान स्थापित की है।

इस मौके पर उन्होंने सागर के निवासियों से आव्हान किया कि उन्हें भी इंदौर वासियों की तर्ज पर अपना सागर प्रथम स्थान पर लाना होगा। जैसे इंदौर वासियों का अब स्वभाव बन गया है कि, प्रत्येक स्पर्धा में अव्वल नम्बर पर रहे इसी प्रकार सागर वासियों को संकल्प लेना होगा कि वो भी हमेशा नंबर वन पर रहे ।

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सागर लाखा बंजारा झील की सौन्दर्यीकरण को मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि इसमें जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना है क्योंकि जो भी कंपनी इस कार्य को कर रही है उसके लिए 18 माह का समय दिया गया था और 18 माह में 3 माह से अधिक कोरोना काल में चले गए इसलिए रचनात्मक सोच रखते हुए सागर लाखा बंजारा झील सौन्दर्यीकरण की दिशा में कार्य करना होगा

शहर कि जनता को जल्मद ही सागर का नया रूप देखने को मिलेगा यह आश्वासन देते हुए नगरीय विकास मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि मप्र शासन में मंत्री के समय से ही वो सागर का कर्ज चुकाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं और विकास तब तक करते रहेंगें जब तक सागर का संपूर्ण विकास करने का उनका कर्ज पूर्ण नहीं होता।


इस अवसर पर जहाँ सांसद राजबहादुर सिंह ठाकुर ने सागर से दूध डेरियों के विस्थापन से शहर कि यातायात एवं आवागमन में आसानी होने की बात कही वहीं सागर विधायक शैलेंद्र जैन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के माध्यम से ही सागर स्मार्ट सिटी में शामिल हुआ है और सागर का निरंतर विकास हो पा रहा है ।

विधायक श्री जैन ने कहा कि सागर में ग्रीन सिटी ऑफ द मध्य प्रदेश के लिए भी कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा युवाओं के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर की वेबसाइट के लोकार्पण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह सेंटर सागर के युवाओं के लिए मील का पत्थर सागर साबित होगा उन्होंने कहा कि पुराने आरटीओ भवन परिसर में तैयार किया जा रहा यह इन्क्यूबेशन सेंटर संपूर्ण बुंदेलखंड में पहला होगा ।


उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सागर के प्राचीन पंडित मोतीलाल नेहरु उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 19 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक टाउन हॉल तैयार भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सागर में 169 आंगनवाड़ी केंद्र 28 करोड़ की लागत से तैयार करने की योजना भी तैयार की गई है । उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में सागर एकमात्र ऐसा नगर होगा जिसमें प्रत्येक वार्ड में पार्क, खेल मैदान एवं जिम तैयार किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर कलेक्टर दीपक सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि यह सड़क 8 करोड़ 75 लाख की लागत से बन रही है और इसके बन जाने पर सागर की एक तिहाई आबादी को आवागमन में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि सड़क के पास चौपाटी भी तैयार कराई जाएगी जिससे सागरवासी लाखा बंजारा झील पर आकर मनोरंजन कर सकेंगे।

इस अवसर पर सागर सांसद राजबहादुर सिंह ठाकुर,विधायक श्री शैलेंद्र जैन, कलेक्टर दीपक सिंह,नगर निगम कमिश्नर आरपी अहिरवार, स्मार्ट सिटी के सीईओ राहुल सिंह राजपूत,डॉ प्रणयकमल खरे, श्याम तिवारी ,नवीन भट्ट ,लक्ष्मण सिंह,वीरेंद्र पाठक,विनय मिश्रा, सहित गणमान्य नागरिक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे ।

Minister's-Byte-हर-वर्ग-के-साथ-खड़ी-प्रदेश-सरकारः-गोविंद-सिंह-राजपूत

सागर वॉच @ 21 मई 2021

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण के बाद जिनकी मृत्यु हुई है उनको ₹100000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई जिसका स्वागत एवं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की जनता को लेकर बहुत ही संवेदनशील है उन्होंने कोरोना काल में हर वर्ग की चिंता करते हुए यथा संभव हर वर्ग की मदद की है। 

कोरोना काल में 1 दर्जन से अधिक योजनाओं के माध्यम से सभी वर्गों की सहायता प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा की गई है। श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा उन बच्चों के लिए ₹5000 प्रति माह की सहायता दी गई है जिनके माता पिता की मृत्यु कोरोना के कारण हुई है इतना ही नहीं इन बच्चों की शिक्षा का ध्यान भी सरकार रखेगी इन बच्चों को निःशुल्क शिक्षा तथा राशन की व्यवस्था भाजपा सरकार द्वारा की जाएगी।


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रदेश में समस्त शासकीय कर्मचारियों की तथा उनके परिवार की चिंता करते हुए यह योजना बनाई गई थी अगर किसी शासकीय कर्मचारी की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो जाती है तो ऐसी स्थिति में उस कर्मचारी के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति तथा ₹500000 अनुग्रह राशि दी जाएगी गरीब निःशक्त व्यक्तियों के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत 500000 तक का मुफ्त इलाज निजी चिकित्सालय में करवाने की योजना बनाई गई जिसमें अब आयुष्मान कार्ड धारक कोरोना का इलाज निजी अस्पताल में करवा सकते हैं।

पत्रकार हो या अधिवक्ता सब की है चिंता

श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  हर वर्ग की चिंता करते हैं शासकीय कर्मचारियों के अलावा प्रदेश के अधिवक्ताओं तथा पत्रकारों के लिए भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कोरोना काल में योजना बनाई गई है जिसमें की प्रदेश के अधिवक्ताओं को 25000 तक का इलाज मुफ्त किया जाएगा। अगर वह कोरोना से संक्रमित होते हैं साथ ही पत्रकारों के लिए कोरोना संक्रमण होने पर उनका निशुल्क इलाज किया जाएगा। इतना ही नहीं अगर कोई शासकीय कर्मचारी कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए संलग्न है और यदि सेवा में रहते संक्रमण के पश्चात उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसे कोरोना युद्ध माना जाएगा।


क्षेत्र में 24 घंटे दौड़ रही एंबुलेंस

राजस्व एवं परिवहन मंत्री ने कहा कि जनता की सेवा के लिए सुरखी विधानसभा क्षेत्र में 24 घंटे एंबुलेंस दौड़ रही है ताकि किसी को भी अस्पताल पहुंचने में देरी ना हो घर घर स्वास्थ्य कर्मचारी पहुंचकर जांच कर रहे हैं पूरे क्षेत्र में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा निशुल्क दवाई वितरण किया जा रहा है कोरोना से लड़ने के लिए क्षेत्रवासियों के साथ हमेशा मैं और मेरा परिवार खड़ा है।


खुद की कॉलेज को बना दिया कोविड सेंटर

जैसीनगर में कोविड सेंटर खोलने के लिए कहीं जगह नहीं मिल रही थी जिस पर राजस्व एवं परिवहन मंत्री ने खुद की निजी कॉलेज को ही कोविड सेंटर में तब्दील कर दिया ताकि क्षेत्र की जनता को इलाज मिल सके इसके साथ ही श्री राजपूत द्वारा राहतगढ़ में 50 बिस्तर का कोविड सेंटर बनाया गया बिलहरा में भी एक कोविड सेंटर तैयार किया गया है जिसमें निःशुल्क उपचार के साथ मरीज को भोजन की व्यवस्था है।

ऑफिस में खोल दिया कॉल सेंटर

क्षेत्रवासियों की कोरोना से लड़ने में मदद करने के लिए राजस्व एवं परिवहन मंत्री ने अपने ऑफिस में ही कॉल सेंटर खोल दिया है जिसमें क्षेत्रवासी अपने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर बात कर सकते हैं तथा उनकी समस्याओं को हल करने के लिए कर्मचारी सलाह देते हैं इसके अलावा उनके नाम पता लेकर स्वास्थ्य सेवाएं उन तक पहुंचाई जाती हैं।


मरीज से करते हैं रोज बात

क्षेत्रवासियों से कोरोना संक्रमण के चलते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं फोन पर राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत लगातार संपर्क में रहते हैं जो व्यक्ति कोरोना संक्रमित हैं उनसे वीडियो कॉलिंग द्वारा बात करके उनकी समस्याएं सुनी जाती है तथा उनका मनोबल बढ़ाया जाता है इतना ही नहीं किल कोरोना अभियान के अंतर्गत गांव-गांव पहुंचकर कोरोना के प्रति लोगों को राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत द्वारा जागरूक किया जा रहा है जरूरतमंदों को 5 माह का निःशुल्क राशन वितरित कर उन्हें कोरोना गाइडलाइन का पालन करने का आग्रह किया जा रही है।

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वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप में गौरझामर जनपद पंचायत की पूरे अमले पर हुई कारवाई 

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जनपद पंचायत देवरी के जांच प्रतिवेदन पर कार्रवाई करते हुए गौरझामर पंचायत में एक ही कार्य का दो बार भुगतान व एक से ज्यादा वित्तीय अनियमितताएं करने के आरोप में एक पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है।

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इसके अलावा सरपंच, ग्राम रोजगार सहायक के खिलाफ धारा 92 के तहत मामला दर्ज कराया गया है। साथ ही जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, खंड समन्वयक, सहायक इंजीनियर, क्षेत्रीय पर्यवेक्षक व तकनीकि अमले को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

मंत्री का आकस्मिक निरीक्षण, गैरहाजिर मिला पूरा अमला 

मप्र के लोक निमार्ण विभाग के मंत्री ने अपने गृह नगर गढ़ाकोटा  सरकारी अस्पताल का बीती रात आकस्मिक निरीक्षण किया। मंत्री को निरीक्षण के दौरान अस्पताल मे चिकित्सक सहित सारा अमला नदारद पाया। मंत्री की इस  दौरे से बौखलाए विभागीय आला अफसरों ने कारवाई की नाम पर बड़े अधिकारीयों को नॉटिस दिए लेकिन छोटे कर्मचारियों में से कुछ की नौकरी खा गए कुछ को निलंबित कर दिया ।

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इस मामल को संज्ञान मे लेते हुए  जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अस्पताल मे पदस्थ चिकित्सक व विकासखंड चिकित्सा अधिकारी को नोटिस जारी किया है। जबकि छोटे कर्मचारियों में से एक एएनएम को सेवा से पृथक करने व वार्ड बाय को निलंबित कर दिया है।

उप -चुनाव में अंतरजिला सीमा पर स्थित मतदान केन्द्रों पर रहेगे सख्त निगरानी 

सुरखी विधानसभा क्षेत्र मे आगामी नवंबर को होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में कलेक्टर सभागार मे प्रशासनिक अमले की बैठक आयोजित की गई।

बैठक मे उप-चुनाव के सिलसिले में अंतरजिला सीमाओं पर स्थित सुरखी विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों की निगरानी रखने के सिलसिले में विचार-विमर्श किया गया।

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जिला कलेक्टर ने बताया कि सीमावर्ती मतदान केन्द्रों में नजर रखने के लिहाज से चेकपोस्टों मे चैकस निगरानी रखी जाएगी। जिले में अंतरजिला सीमाओं पर स्थित मतदान केन्द्रों में विदिशा जिल की सीमा से लगते वाले 5 मतदान केन्द्र राहतगढ़ थानांतर्गत हैं वहीं रायसेन जिले की सीमा से लगने वाले कुल 23 मतदान केन्द्रों में से 11 मतदान केन्द्र राहतगढ़ थानांतर्गत,  09 मतदान केन्द्र जैसीनगर थानांतर्गत व 03 मतदान केन्द्र सुरखी थानांतर्गत आते हैं ।

नए कृषि कानून किसान विरोधी -कांग्रेस 

जिला शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हाल ही मे संसद द्वारा पारित किए गए कृषि कानूनों के विरोध स्वरूप उपनगर मकरोनिया मे धरना दिया।

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धरने के दौरान कांग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष व जिला शहर कांग्रेस की अध्यक्ष ने कृषि कानूनों को किसान विरोधी व उद्योगपतियों को लाभ दिलाने वाला बताया ।


Read In English I HindiLocal-Bodies-Yearning-for-CMOs-प्रभारी सीएम्ओ-बनकर-मौज-कर-रहें-हैं-लिपिक-लेखपाल

सागर वॉच। 26 सितंबर।
(अवनीश जैन ) / 
बुंदेलखंड के सागर संभाग के छह जिलों में स्थित पचास निकायों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पद खाली पड़े हैं और प्रभारियों के भरोसे चल  रहे है. आलम यह है कि दमोह नगर पालिका और पथरिया नगर परिषद में तो पिछले चार वर्ष से एक उपयंत्री सीएमओ के प्रभार में .रह चुके हैं तो कहीं पर लिपिक तो कहीं पर लेखापाल प्रभारी सीएमओं बने बैठे है.

    नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ठाकुर के गृह जिले की दस नगर पालिकाएं  मुख्या नगर पालिका अधिकारी पदस्थ नहीं  होने के चलते प्रभारियों के भरोसे चल रहीं हैं । जहाँ रहली नगर पालिका में मुख्य लिपिक कम लेखापाल नितिन नारायण पांडे के स्थान पर अजय गुमास्ता राजस्व उप निरीक्षक को प्रभार सौंपा गया है तो वहीँ नगर परिषद शाहपुर में उपयंत्री वीर विक्रम सिंह पौने दो वर्षों से सीएमओं के प्रभार में है।

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 दमोह जिले का हाल भी कुछ ऐसा ही है, वहां दमोह नगर पालिका में वर्षों से पदस्थ उपयंत्री कपिल खरे 8 नबंवर 2016 से प्रभारी सीएमओ के रूप में काम देख रहे है साथ ही  पथरिया नगर परिषद का भी काम देख रहे है हटा नगर पालिका में भी सुशील अग्रवाल प्रभारी सीएमओ के रूप में हैं 

पन्ना जिले में नगर परिषद अजयगढ़ में लेखापाल, नगर परिषद ककरहटी में सहायक राजस्व निरीक्षक, नगर परिषद अमानगंज और नगर परिषद पवई में राजस्व उपनिरीक्षक नगर पालिका चला रहे हैं 

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 छतरपुर जिले में नगर पालिका नौगांव में राजस्व निरीक्षक तो नगर पालिका महाराजपुर में राजस्व उपनिरीक्षक सीएमओ के प्रभार में है. नगर परिषद हरपालपुर और गढ़ी मलहरा में सहायक ग्रेड 1 प्रभारी के रूप में काम कर है. नगर परिषद चंदला में राजस्व उपनिरीक्षक तो बारीगढ़ में राजस्व उपनिरीक्षक और राजनगर में सहायक राजस्व अधिकारी प्रभारी बने बैठे है.नगर परिषद खजुराहों में भी लेखापाल लखन तिवारी प्रभारी सीएमओ के रूप में कार्य देख रहे है. नगर परिषद बड़ा मलहरा में मुख्य लिपिक कम लेखापाल साहब बने बैठे हैं 

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टीकमगढ़ जिले में  घुवारा में राजस्व उपनिरीक्षक, बक्स्वाहा में सहायक ग्रेड 1 प्रभारी बने बैठे है. नगर परिषद कारी में स्वास्थ्य अधिकारी को मुख्य नगर पालिका अधिकारी का प्रभार दे दिया गया है. बड़ा गांव में राजस्व उपनिरीक्षक, खरगापुर में राजस्व उपनिरीक्षक, पलेरा में सहायक ग्रेड 2, जतारा में राजस्व उपनिरीक्षक, लिधौरा खास में सहायक ग्रेड 2, पृथ्वीपुर में राजस्व उपनिरीक्षक, निवाड़ी में राजस्व निरीक्षक, तरीकरचला में राजस्व उपनिरीक्षक और नगर परिषद ओरछा में राजस्व उपनिरीक्षक डेढ़ दो साल से मुख्य नगर पालिका अधिकारी के प्रभार में चल रहे है. बाकी नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में लोकसेवा आयोग से चयनित मुख्य नगर पालिका अधिकारी पदस्थ हैं.

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    मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पद पर पदस्थापना न होने के कारण प्रभारी अधिकारियों की मनमानी आती रहती है. जिसका असर निकायों के विकास कार्यों पर भी पड़ता है और शासन की मंशानुरूप काम भी नहीं हो पाते हैं और निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री की शिकायतों के चलते गुणवत्ता पूर्वक कार्य भी पूर्ण नहीं हो पाते है