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Sagar Gourav Diwas-सागर को ज्ञान का सागर बनाया डॉ  गौर ने -मुख्यमंत्री

सागर वॉच/
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रख्यात शिक्षाविद और विधिवेत्ता डॉ. हरिसिंह गौर ने सागर को ज्ञान का सागर बनाया है। जन भावनाओं के अनुरूप डॉ. गौर को देश  का सर्वोच्च सम्मान दिलाने की  पहल की जाएगी। डॉ. हरिसिंह गौर के कृतित्व और व्यक्तिव से नई पीढ़ी को अवगत कराने के लिए उनकी जीवनी को पाठयक्रम में शामिल किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज सागर में डॉ. गौर की 153 वीं जंयती पर आयोजित सागर गौरव दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घोषणा की कि सागर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिये राजघाट बांध की ऊँचाई दो मीटर बढ़ाई जायेगी। इस पर लगभग 200 करोड़ रूपये अतिरिक्त व्यय आयेगा, जिसका प्रावधान अगले वित्त वर्ष में कर दिया जायेगा। भविष्य में निरन्तर बढ़ रहे सागर में पानी की कमी नहीं होगी।

कार्यक्रम में केन्द्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण एवं जल शक्ति राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल, लोक निमणि मंत्री गोपाल भार्गव, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह, राजस्व एवं परिवाहन मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत, सांसद राजबहादुर सिंह, विधायक शैलेन्द्र जैन, प्रदीप लारिया, महेश  राय, महापौर संगीता तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरासिंह राजपूत, मध्यप्रदेश  खनिज विकास निगम के उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह मोकलपुर, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार,डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता, गौरव सिरोठिया, संभागायुक्त मुकेश  शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक अनुराग, कलेक्टर दीपक आर्य, पुलिस अधीक्षक तरूण नायक सहित अन्य विशिष्टजन  उपस्थित थे।    


मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गौरव दिवस सरकारी नहीं, जन-जन का आयोजन है। किसी भी शहर, गाँव अथवा क्षेत्र का विकास केवल सरकार नहीं कर सकती, जब तक उसके साथ समाज का पूरा सहयोग न हो। अपने शहर, गाँव, क्षेत्र के विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। साथ ही इस पावन दिवस पर पाँच संकल्प लें - अपने जन्म-दिन पर एक पौधा जरूर लगायेंगे, आँगनवाड़ियों में सहयोग देंगे, बेटी के जन्म पर खुशियाँ मनायेंगे, पानी की प्रत्येक बूँद बचायेंगे और शहर को नशामुक्त बनायेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर देष- प्रदेष के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सागर विष्वविद्यालय से उत्तीर्ण सागर रत्नों को शाल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया। सम्मानित होने वालों में फिल्म अभिनेता श्री मुकेष तिवारी, श्री अषोक मिश्रा, सेवानिवृत्ति आई.ए.एस. श्री बी.आर नायडू, पदमश्री कपिल तिवारी, उच्च षिक्षा अनुदान आयोग के अध्यक्ष एवं सागर वि.वि. के पूर्व कुलपति श्री डी.पी. सिंह, प्रो. आर.पी. तिवारी, प्रो. जी.एस. वाजपेयी, प्रो. गौरी शंकर पाराषर, पत्रकार सर्वश्री शिवकुमार विवेक, राजेश सिरोठिया, शरद द्विवेदी, अमित जैन, योगाचार्य विष्णु आर्य, पदमश्री रामसहाय पाण्डे, चतुर्भुज सिंह राजपूत, प्रदीप जैन और कैलाश सिघंई शामिल थे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रिमोट का बटन दबा कर 120 करोड़ 50 लाख रूपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोर्कापण भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सागर के विकास में सर डॉ. हरिसिंह गौर के सहयोग को भुलाया नहीं जा सकता। अद्भुत थे डॉ. गौर, वे संविधान निर्माण सभा के सदस्य और प्रसिद्ध कानूनविद थे। उन्होंने अपना सारा धन सागर विश्वविद्यालय बनाने के लिये खर्च कर दिया। 

इस विश्वविद्यालय में आचार्य रजनीश और सुदर्शन जी जैसी अनेक हस्तियाँ पढ़ी हैं। मेरा सागर से गहरा रिश्ता है। मुझे भी कुछ समय सागर विश्वविद्यालय में दर्शन शास्त्र की पढ़ाई करने का अवसर प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आगामी एक वर्ष में सागर में 4770 करोड़ रूपये से अधिक के कार्य कराये जायेंगे। स्मार्ट सिटी योजना में सागर का इंदौर एवं भोपाल नगरों की तरह ही महानगर के रूप में विकास किया जा रहा है। सागर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक क्रांति हो रही है। प्रदेश में इंजीनियिंरग एवं मेडिकल की पढ़ाई हिन्दी में किये जाने का ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है। मेधावी बेटे-बेटियों की उच्च शिक्षा की पढ़ाई की फीस सरकार भर रही है। प्रदेश में बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 

लाड़ली लक्ष्मी योजना-2 शुरू की गई है। मध्यप्रदेश पहला राज्य है जहाँ बेटियों के साथ गलत कार्य करने वालों को फाँसी की सजा दी जाती है। माफियाओं और अपराधियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार गरीबों को तत्काल वित्तीय सहायता देने के लिये माइक्रो फायनेंस योजना प्रारंभ करने जा रही है, जिसमें 5 हजार रूपये की तुरंत सहायता दी जायेगी। इस राशि को हितग्राही बिना ब्याज के अपनी सुविधानुसार वापस कर सकेगा। तीर्थ-दर्शन योजना में अयोध्या के लिये ट्रेन भी चलाई जायेगी।

केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने हर गाँव, हर शहर का गौरव दिवस मनाने की जो परिकल्पना दी है, वह अत्यंत सराहनीय है। इससे क्षेत्रों का समग्र विकास तो होगा ही, साथ ही हर व्यक्ति क्षेत्र के प्राचीन गौरव को जान सकेगा। श्री पटेल ने कहा कि डॉ. हरिसिंह गौर ने सागर के विकास में अद्वितीय योगदान दिया है। हम उनके बताये मार्ग पर चलें।

सांसद राजबहादुर सिंह ने कहा कि डॉ. गौर ने बुंदेलखंड में ज्ञान का दीपक जलाया। डॉ. गौर ने षिक्षा के क्षेत्र में जहां विष्वविद्यालय दिया तो मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चिकित्सा के क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज दिया।  विधायक श्री शैलेन्द्र जैन ने कहा कि डॉ. गौर ने सागर में अशिक्षा के अंधकार को मिटाकर ज्ञान प्रकाष फैलाया। 

प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने डॉ. हरिसिंह गौर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर डॉ. हरिसिंह गौर के जीवन वृत्त पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम स्थल पर लगभग आधा घंटे तक मनमोहक आतिशबाजी भी की गई। पदमश्री श्री रामसहाय पाण्डे और उनके दल द्वारा प्रसिध्द बुंदेलखंडी राई नृत्य प्रस्तुत किया गया। गायक श्री उदित नारायण  एवं अन्य कलाकारों ने कार्यक्रम में आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। श्री उदित नारायण के मनमोहक गीतों और स्वर लहरियां से देर रात तक श्रोताओं ने पूरा आंनद लिया।
विकास कार्यो का लोकार्पण

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह ने सागर गौरव दिवस के आयोजन में 120 करोड़ 50 लाख  के विकास कार्यो का लोकार्पण किया इन कार्यो में प्रमुख रूप से स्मार्ट रोड (एस आर-2) का निर्माण कार्य 58.78 करोड़ रू., इक्यूबेशन सेंटर बिल्डिंग 18.04 करोड़ रू. , सिटी स्टेडियम भवन का पुनर्विकास कार्य 13.21 करोड़ रू., कुंआ एवं बावड़ी का जीर्णोद्वार 3.74 करोड़, कामकाजी महिला छात्रावास 2.12 करोड़ रू., 07 महिला सुविधा गृह 1.87 करोड़ रू., 02 हाइजेनिक फूड प्लाजा 77 लाख रू., नजरबाग पैलेस जीर्णोद्वार 39 लाख रू., 05 लीटर पिकर व्हीकल्स 3.80 करोड,़ 36 करोड़ 26 लाख रू. लागत के आर.ओ.बी राजकीय राजमार्ग और 2 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सागर के गौरव दिवस के अवसर पर गौर मूर्ति, तीन बत्ती पर आयोजित कार्यक्रम में सागर के प्रसिद्ध व्यंजनों की जमकर तारीफ की। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जमुना मिठिया की चिरौंजी की बर्फी जहां पूरे देश विदेश में प्रसिद्ध है, वही सागर का गुजराती नमकीन प्रदेश एवं दिल्ली तक  धूम मचा रहा है । उन्होंने कहा कि विजय टॉकीज के जैन की मंगोड़ी एवं तीन बत्ती के नंदू गुप्ता का पान पूरे बुंदेलखंड में प्रसिद्ध है । मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जहां सागर के व्यंजन से सागर का नाम सुशोभित होता है, वही डॉ.गौर  सागर की भूमि के कण-कण में विराजमान है।

उन्होंने कहा कि जब हम कहीं भी जाते हैं तो जमुना मिठिया की चिरौंजी की बर्फी , गुजराती नमकीन ले जाना नहीं भूलते। उन्होंने मंच पर से ही कहा कि आज मुझे चिरौंजी की बर्फी अवश्य खाना है, जिस पर नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जमुना मिठिया की दुकान मंच के पीछे है, तब उन्होंने कहा कि ठीक है, आज चिरौंजी की बर्फी अवश्य ही मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार भारत बेकरी की गुलाब बिस्कुट भी सागर की पहचान है। मुख्यमंत्री के मुंह से सागर के व्यंजनों की तारीफ सुनकर हजारों की संख्या में मौजूद दर्शकों ने ताली बजाकर श्री चौहान का अभिवादन किया।

Gour Utsav-गौरव दिवस पर दौ सौ करोड़  के विकास कार्यों का होगा लोकार्पण

सागर वॉच/
प्रख्यात  शिक्षाविद्, संविधानवेत्ता और विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. हरिसिंह गौर की जंयती पर 26 नवबंर को गौर मूर्ति, तीनबत्ती पर हो रहे सागर गौरव दिवस के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल होगें। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान शाम 4ः15 बजे भोपाल से हैलीकॉप्टर से रवाना होकर शाम 5 बजे पुलिस लाइन स्थित हैलीपेड पर आयेगें। श्री चौहान रात 8 बजे तक सागर गौरव दिवस के मुख्य कार्यक्रम में उपस्थित रहेगें। मुख्यमंत्री सागर हैलीपेड पर उतरने के पश्चात सीधे विश्विविद्यालय स्थित गौर समाधि जायेंगे और समाधि पर पुष्पाजंलि अर्पित करेंगे। उसके पश्चात गोपालगंज, बस स्टैण्ड से होते हुए तीनबत्ती पहुंचेगे तथा गौर मूर्ति पर माल्यापर्ण करेंगे।  वे रात्रि 8 बजे भोपाल के लिए रवाना होंगे।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  भूपेन्द्र सिंह ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 26 नवम्बर को सागर में ऐतिहासिक कार्यक्रम होगा। जंयती और सागर गौरव दिवस का मुख्य कार्यक्रम शाम 5 बजे से गौर मूर्ति, तीनबत्ती में प्रारंभ होगा। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान इन्क्यूबेशन सेंटर की बिल्डिंग और नागेश्वर बावड़ी के जीर्णोद्वार कार्य के साथ अन्य कार्यो का भी लोकार्पण करेंगे। इस दौरान पंडित, पुरोहित एवं वटुको द्वारा मंत्रोच्चार एवं शंख ध्वनि की जाएगी। इस अवसर पर केरल से विषेषरूप से बुलाए गए वाद्य यंत्रो की प्रस्तुति भी होगी। ड्रोन से गौर मूर्ति पर पुष्प वर्षा भी की जाएगी। गणमान्य जन भी गौर प्रतिमा पर माल्यापर्ण करेंगे। 

इसके पश्चात  पदमश्री रामसहाय पाण्डे  एवं प्रसिध्द गायक उदित नारायण के गीतों की प्रस्तुति होगी। स्मार्ट सिटी सागर एवं अन्य विकास कार्यो का प्रस्तुतिकरण होगा। मुख्यमंत्री मंच से 200 करोड़ के विकास कार्यो का लोकार्पण करेंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान संत श्री रावतपुरा सरकार भी मौजूद रहेंगे।

उन्होंने बताया कि घर-घर रंगोली, सजावट, दीप उत्सव, विद्युत साज-सज्जा आतिशबाजी की तैयारी की गई है। सागर के हर नागरिक का मानना है कि डॉ. गौर का सागर के लिए अमूल्य योगदान है। इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। सागर की जनता और समाज के सभी वर्गो, छात्र-छात्राओं , बच्चों में गौर जयंती सागर गौरव दिवस को लेकर अपूर्व  उत्साह है।  

 

Gour Youth Forum- डॉ गौर को भारत रत्न दिलाने शुरू किया पोस्टकार्ड अभियान

सागर वॉच/
डॉ हरिसिंह गौर को भारत रत्न प्रदान करने के लिए "  गौर यूथ फोरम " ने आज विश्वविद्यालय में पोस्टकार्ड अभियान चलाया! इस अभियान के दौरान गौर यूथ फोरम  के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ विवेक तिवारी ,महामंत्री सत्यम रजक ,उपाध्यक्ष अक्षत जैन , मोहित प्रताप सिंह , आनंद कौतु , दीपांशु साहू ,सिद्धार्थ शुक्ला, शैंकी बुंदेला ,राजेश्वरी लोधी , राहुल अहिरवार आदि  उपस्थित रहे!

Gour Utsav-खजाने की तरह हैं विश्वविद्यालय के लिए एलुमनाई-कुलपति

सागर वॉच/
डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में गौर उत्सव के अंतर्गत गौर व्याख्यानमाला का आयोजन विश्वविद्यालय एलुमनाई एसोसिएशन के तत्त्वावधान में किया गया जिसका विषय था भारतीय ज्ञान परंपरा एवं चरित्र निर्माण था । मुख्य वक्ता विवि के पूर्व कुलपति प्रो एस पी व्यास थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता ने की. मंच पर प्रो. आर के त्रिवेदी, प्रो. के एस पित्रे एलुमनाई एशोशिएसन के अध्यक्ष मौजूद रहे.

कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता ने कहा कि आज विश्वविद्यालय की ख्याति पूरे शहर, प्रदेश और हर जगह व्याप्त है. उन्होंने कहा कि एलुमनाई विश्वविद्यालय के लिए वह चीज है जिससे विश्वविद्यालय जिंदा रहता है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन गुरुकुल परंपरा में व्यक्ति का व्यक्तित्व विकास गुरु ही करते हैं । यदि हम शिक्षा को आगे ले जाना चाहते हैं तो हमें एलुमनाई को साथ में लेना होगा। 

एक अच्छा शिक्षक समस्या से पार ले जाता है. हमें यह सोचना है कि जिंदगी में हम क्या करना या पाना चाहते हैं तभी हम लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। हमें चाहिए कि लाख आंधियां चलें लेकिन दीपक जलता रहे, इस तरह के श्रम और दृढ़ संकल्प से ही लक्ष्य हासिल होता है।

सार्थक जीवन ही सफलता का पैमाना है . प्रोण् व्यास
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो व्यास ने कहा कि जिंदगी में यह मायने नहीं रखता कि हम जिंदगी में कितने सफल हुएए बल्कि मायने यह रखता है कि जिंदगी हमने कितने सार्थक ढंग से जी है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में बुद्धए कबीरए गांधी तथा तुलसीदास का उल्लेख करते हुए बताया कि हमारी भारतीय ज्ञान परंपरा में सच को पहचानने तथा ज्ञान को अर्जित करना इन मनीषियों ने आसान किया है। कबीर ने वह कहा जो उन्होंने देखाण् जब मैं था तब हरि नहीं अब मैं हूं हरि नाही । यही दर्शन है । जो हमने देखा है वही सत्य हैण् ज्ञान के आयोजन से व्यक्ति का चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास होता है जो उसके मानव धर्म निभाने में दिखता है । उन्होंने कहा कि सर हरिसिंह गौर नाम उन सर्वोपरि महान दानवीर में से एक है जो जानते थे कि हमने शिक्षा पा लिया तो सब कुछ पाया जा सकता है। 
स्वागत भाषण एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो, के एस पित्रे ने दिया,सचिव प्रो पुणतांबेकर ने एसोसिएशन का विवरण प्रस्तुत किया और जनवरी 2023 में आयोजित की जाने वाली मेगा मीट का भी विवरण प्रस्तुत कियाण् दियाण् उन्होंने 75 पेंटिंग्स भेंट करने के संकल्प को पूर्ण करते हुए विश्वविद्यालय को अपनी बनाई पेंटिंग्स भेंट कीण् प्रो पी अग्रवाल ने कार्यक्रम में एलुमनाई एसोसिएशन को पुनः जीवंत करने के लिए कुलपति प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता का धन्यवाद किया और प्रो व्यास का परिचय प्रस्तुत किया। 

संचलान डॉ शालिनी चोइथरानी ने कियाण् पूर्व छात्र अमरकांत जैन ने आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में प्रो चंदा  बेन, प्रो सुबोध जैन, प्रो पाटिल, कुलसचिव संतोष सोहगौरा, विवि के कई शिक्षकए छात्र और अधिकारी मौजूद रहे,  कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण तथा समस्त छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

Gour Utsav-किसानों का घर टपकता है तब भी दुआ बारिश की करता है

सागर वॉच/
डॉ. हरिसिंह गौर विवि के सांस्कृतिक परिषद द्वारा आयोजित किए जा रहे 9 दिवसीय गौर गौरव उत्सव के तृतीय दिवस में मिमिक्री एवम भाषण प्रतियोगिता विवि के स्वर्ण जयंती सभागार में संपन्न हुई। मिमिक्री में छात्रों ने जानवरों, फिल्मी कलाकारों, नेताओं, वाहनों आदि की आवाज़ों को निकाल कर दर्शकों को खूब हंसाया। छात्र प्रदीप रजक ने मुर्गे, गधे और कुत्ते की आवाज़ निकल कर वाह वाही लूट ली।

भाषण प्रतियोगिता के विषय "आत्मनिर्भर भारत एवम ग्रामीण विकास" पर छात्र कुलदीप केशरवानी ने लिज़्जत पापड़ कंपनी का उदाहरण देते हुए, अपना वक्तव्य दिया जोकि सात महिलाओं से शुरू हुई थी और आज 45 हजार महिलाए उसके द्वारा रोजगार प्राप्त कर रही हैं। अदिति नाहर ने कोविड 19 के बाद विश्व गुरु बनने पर भारत की जीत पर जोर दिया। दीनदयाल अहिरवार ने डॉ हरिसिंह गौर के उदाहरण से आत्मनिर्भरता पर विचार रखे। केतुल जैन ने वर्तमान सरकार की चुनौतियों पर विचार रखे। महक देवलिया ने कहा कि गांधी के पदचिन्ह ही आत्मनिर्भरता की नींव है। अलीशा आफरीन खान ने स्वदेशी औषधियों और खान पान पर जोर दिया। ऋतिक नागर ने केरल और तमिलनाडु की सरकारों के द्वारा पंचायतों को दिए अधिकारों की बात कही। रिती तिवारी ने भारतीय किसानों की पारंपरिक तरीकों पर जोर देने की बात कही। साहिल खान ने मेक इन इंडिया पर विचार रखे।
मिमिक्री प्रतियोगिता में सात स्कूलों ने भाग लिया ,तथा भाषण प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों के 37 छात्र छात्राओं ने भाग लिया।
भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. किरण आर्य, डॉ. बबलू राय, डॉ. अरविंद कुमार गौतम एवम मिमिक्री विधा के निर्णायक डॉ. राकेश सोनी, श्री बालमुकुंद अहिरवार, एवम श्री राघवेन्द्र सिंह लोधी थे।
कार्यक्रम के अतिथि विवि के प्रभारी कुलपति प्रो. पी के कठल, प्रो. आर के त्रिवेदी, डॉ. राजू टंडन, प्राचार्यबीटीआईई महाविद्यालय, डॉ. आशीष पटैरिया, प्राचार्य बीकेपी महाविद्यालय थे ।
उपसंहार तथा आभार ,राष्ट्रीय छात्र सांसद के विजयी छात्र प्रताप राज तिवारी ने पढ़ा।मंच संचालन छात्रा अर्ची, देवकुमार, सौरभ एवम श्रुति ने किया ।
गौर गौरव दिवस के चतुर्थ दिवस में आचार्य शंकर भवन में दोपहर 12 बजे से ललित कलाओं , पेंटिंग, पोस्टर , रंगोली आदि की प्रतियोगिता आयोजित की जावेगी।

 Press Meet- डॉ गौर को भारत दिलाने सुप्रीम कोर्ट जाएगी गौर यूथ फोरम

सागर वॉच 
डा. सर हरीसिंह गौर जी को भारत रत्न मिले यह हम सभी की और यहाँ के जनमानस की वर्षों पुरानी मांग रही  है  इसे पूर्ण कराने हेतु "गौर यूथ फोरम  " की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एहतेशाम हाश्मी  और गौर यूथ फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा विवेक तिवारी,सुप्रीम कोर्ट में  याचिका लगाने जा रहे हैं 

 

कोरोना के चलते पिछले वर्ष यह संभव न हो सका था।  इसका  उद्देश्य सरकारो का ध्यान इस ओर आकृष्ट   कराना है कि डा गौर का नाम कि न मापदण्डों के चलते इस प्रक्रिया में शामिल किया जाये !  आज पत्रकारों से चर्चा करते हुये एडवोकेट  एहतेशाम ने बताया कि माननीय उच्चतम न्‍यायालय के संज्ञान में ये बात लाई जायेगी कि क्यों डा सर गौर को भारत रत्न नहीं दिया जा रहा जबकि व्यक्तित्व और समाज सेवा में उनसे कहीं बहुत पीछे के लोगों को इनसे सम्मानित किया जा चुका  है! इस संबध में सारी औपचारिकतायें पूर्ण कर ली गयीं  हैं और अगले  दस दिनों में  यह पिटीशन फाइल कर दी जायेगी

            

गौर यूथ फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. विवेक तिवारी ने कहा कि इस मांग के लिये अब आर पार की लड़ाई लडी जायेगी  यहाँ के सभी जनप्रतिनिधियों और जनता  का पूर्ण समर्थन हमारे साथ हैभारत के संविधान निर्माण में भी डा गौर का साथ रहा है! महान दानवीर , शिक्षाविद , विधिवेत्ता, लेखक, साहित्यकार सभी कुछ वह थे। फिर भी उन्हें अभी तक  इस  योग्य नहीं समझा गयाविवि से भी आज तक केवल एक बार प्रो. डीपी सिंह जी के समय प्रस्ताव भेजा गया था , बर्तमान कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता जी  से बहुत उम्मीदे हैं कि वह इस संबंध में प्रयास करेंगी ऐसा उन्होंने हाल ही में कहा है

 

डा गौर को यह सम्मान मिले ऐसा सभी राजनेता विभिन्न मंचों से कह चुके है, और अब समय आ गया है कि उन्हें यह पुरस्कार मिलना चाहिये यही उन्हें सच्ची श्रंद्धाजलि होगी