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Kharif Season-किसानों की सुविधा के लिए समिति से किया ज रहा है खाद वितरण

सागर वॉच/
कलेक्टर दीपक आर्य ने बताया कि किसानों को खाद उपलब्ध आसानी से हो इसके लिए जिला वितरण केंद्र की वितरण केंद्रों से एवं समितियों की वितरण केंद्र से खाद का वितरण कराया जा रहा है जहां पर समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है।

किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए गए जिसके तहत उनको समस्त खाद वितरण केंद्रों पर खाद प्राप्त करने के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। जिसके तहत बैठने के लिए कुर्सी, पानी, पंडाल एवं चाय की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई।

उन्होंने बताया कि कालाबाजारी रोकने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं जिसकी चलते कालाबाजारी करने वालों पर पुलिस कार्रवाई की गई है एवं उर्वरक को जब्त  किया गया है उन्होंने बताया कि किसान भाइयों को सुविधा से खाद उपलब्ध हो इसके लिए समस्त निजी वितरण केंद्रों पर पटवारियों एवं तहसीलदारों की नियुक्ति कर निगरानी की जा रही है।

कलेक्टर दीपक ने बताया कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष यूरिया डीएपी एनपीके का दुगुना वितरण 14 नवम्बर तक किया जा चुका है उन्होंने बताया कि 2021 में 31 मार्च 2021 तक 34000 मेट्रिक टन यूरिया 26500 मेट्रिक टन डीएपी एवं 1990 टन एनपीके की विक्रय किया गया था, जबकि इस वर्ष 1 अक्टूबर 22 से 15 अक्टूबर 2022 तक 16245 मेट्रिक टन यूरिया 18927 मेट्रिक टन डीएपी एवं 4204 में मेट्रिक एनपीके का विक्रय किया जा चुका है।

कलेक्टर श्री आर्य ने बताया कि विगत वर्ष 1 अक्टूबर 2021 से 15 अक्टूबर 2021 तक 11000 मेट्रिक टन यूरिया 11358 मेट्रिक एनडीएपी एवं 5469 मेट्रिक टन एनपीके का वितरण किया गया था। कलेक्टर श्री आर्य ने बताया कि 2022 में 40000 मेट्रिक यूरिया 30,000 मेट्रिक टन डीएपी एवं 5000 में मेट्रिक एनपीके की मांग है उन्होंने बताया कि इसी वर्ष सितंबर माह में अग्रिम भंडारण के रूप में 5838 मेट्रिक टन डीएपी का वितरण भी किया गया है।


Smart City Project-निर्माण स्थल पर हादसा हुआ तो निर्माण एजेंसी पर होगी सख्त कारवाई -कलेक्टर

सागर वॉच/ 17 जनवरी 2022/ कलेक्टर ने अधिकारीयों की साथ सोमवार को सागर स्मार्ट सिटी की विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण किया और सभी निर्माण स्थलों पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी को चेतावनी दी कि यदि निर्माण स्थल पर कोई हादसा हुआ तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दीनदयाल चौराहा से तिली तक बनने वाली स्मार्ट रोड-1 का निरीक्षण उन्होंने निर्देश दिए कि जहां-जहां निर्माण चल रहा है वहां पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करें और वृंदावन बाग की बावडी के किनारे पर भी सेफ्टी बोर्ड और रिफ्लेक्टर लगाएं।

Smart City Sagar

इसी सिलसिले में उन्होंने कहा कि नाला टेपिंग लाइन से इस तरह जोडा जाए कि पूरा पानी तेज गति से निकल जाए और भविष्य में जलभराव की स्थिति न बने।लाखा बंजारा झील में हो रहे इंबैंकमेंट और पिचिंग का काम के निरीक्षण पर उन्होंने कहा कि पिचिंग में बडे पत्थरों का उपयोग भी किया जाए और छोटे पत्थरों का उपयोग पैकिंग मटेरियल के तौर पर किया जाए। साथ ही संजय ड्राइव के काम में तेजी लाने के लिए कहा

कलेक्टर सह अध्यक्ष एसएससीएल ने कहा कि जहां भी हादसे होने की आशंका रहती है, वहां तुरंत पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए जाएं। इसके बाद उन्होंने स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज के कार्य का निरीक्षण भी किया। इस दौरान स्मार्ट सिटी और पीएमसी के इंजीनियर्स, पीएमसी टीम लीडर और संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

Review Meeting- ख़राब राजस्व वसूली पर रुकेंगी  राजस्व अधिकारीयों की दो वेतन वृद्धियां
 सागर 22 दिसंबर 2021

एसडीएम अधिकारी अपनी-अपनी तहसीलों व राजस्व अधिकारियों के  पोर्टल पर आए नामांतरण आवेदनों की की नियमित समीक्षा करें। इसके अतिरिक्त अविवादित नामांतरण मामलों में शीघ्र आदेश पारित करें। ये निर्देश  कलेक्टर दीपक आर्य ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक कर राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों सहित राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान दिए। 

उन्होंने सभी राजस्व अधिकारी नियमित रूप से राजस्व न्यायालय में बठने के निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व वसूली में खराब प्रगति सम्बंधित  राजस्व अधिकारीयों की दो वेतन वृद्धि रोकने का प्रस्ताव  कमिश्नर को  भेजा जाएगा। कलेक्टर ने राजस्व अभिलेखों में सुधार के  निर्देश भी दिये। इस अवसर पर सयुंक्त कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी ,एसएलआर समस्त एसडीएम  एवं राजस्व अधिकारी मौजूद थे।


कलेक्टर आर्य ने कहा कि सागर जिले में राजस्व के प्रकरणों के निराकरण की स्थिति कम से कम 90 प्रतिशत होनी चाहिए। किसी भी स्थिति में राजस्व प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। आगामी दिनों में अभियान और विशेष शिविर चलाकर लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित कराएं। लापरवाही बरतने पर संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने निर्देष दिए कि नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के समस्त प्रकरणों का 15 दिवस में निराकरण करें।

कलेक्टर ने कहा कि न्यायालय के प्रकरणों में अनावश्यक पेशी बढ़ाने की प्रवृत्ति से बचें। अपील के प्रकरण समय पर पेश करें। इसी तरह दो साल से अधिक पुराने प्रकरण में दो दिवस से ज्यादा की पेशी नहीं बढ़ाएं। राजस्व न्यायालय की निरीक्षण टीप में ऐसी स्थिति पाए जाने पर सिविल प्रक्रिया संहिता का पालन नहीं करने पर राजस्व अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तुत की जाएगी।

उन्होंने पटवारी अमित कुमार यादव को लापरवाही के चलते निलंबित करने के निर्देश दिये। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन प्रकरण के मामले में सुधार लाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि, सभी एसडीएम प्रतिदिन इसकी मॉनीटरिंग करें। इसके साथ ही सीमांकन के मामले में आरआई के प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के बाद तहसीलदार/नायब तहसीलदार को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर आर्य ने एसडीएम एवं राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए  कि राजस्व अभिलेखों की त्रुटि सुधार करवाएं ताकि भूमि स्वामियों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके।  
अभिलेख शुद्धीकरण से आमजन को अत्यधिक लाभ दिलाने की अहम जिम्मेदारी राजस्व अधिकारियों पर है। अभिलेख शुद्धिकरण के बाद बैंक से ऋण प्राप्त करने और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं का भूमिधारक द्वारा लाभ लिया जा सकेगा। 

अभिलेख सुधार में खसरा क्षेत्रफल सुधार-शून्य रकबा, रिक्त भूमि स्वामी, सक्रिय मूल्य एवं बटांक, मिसिंग खसरा, भूमि का प्रकार एवं भूमि स्वामी का प्रकार और अल्फा न्यूमेरिक खसरा सुधार जैसी अशुद्धियों को दूर किया जा सकता है।    

कलेक्टर ने समस्त राजस्व अमले को फौती नामांतरण, खसरा रकबा एवं अन्य नक्शा संबंधित प्रकरणों का सुधार एवं डायवर्सन डाटा एन्ट्री में अभिलेखों में सुधार के कार्य शीघ्रता से करने के निर्देश 
दिए।

  Field Survey-उल्दन परियोजना से  आठ हजार  हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित-कलेक्टर

सागर 17 दिसम्बर 2021

बंडा विकासखंड की उल्दन परियोजना से कुल 80000 हेक्टेयर भूमि संचित हो गई इस परियोजना में 28 ग्राम प्रभावित होंगे । जिसमें निजी भूमि 3425 एवं शासकीय भूमि 1626 हेक्टेयर का उपयोग होगा शेष भूमि वन विभाग की होगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में 530 हेक्टेयर भूमि वन विभाग की डूब क्षेत्र में जाएगी। इस परियोजना जिले के  ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल योजना के माध्यम से घर घर पानी भी उपलब्ध होगा

यह विचार कलेक्टर दीपक आर्य ने शुक्रवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी क्षितिज सिंघल के साथ बंडा विकासखंड की उल्दन डैम परियोजना के निरीक्षण के दौरान व्यक्त किए।उन्होंने बताया की डूब में आने  वाले किसानों को पुनर्स्थापित करने से पहले  उपलब्ध कराई जा रही है सारी सुविधाए एवं डूब क्षेत्र में आने वाले किसानों के हितों को ध्यान में रखा जायेगा  । उक्त 

कलेक्टर दीपक आर्य ने बंडा विकासखंड की उल्दन  परियोजना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना 2610 करोद  रुपए की लागत से तैयार की जा रही है जिसमें बंडा, सागर, मालथौन, छतरपुर जिले के अनेक गांव को लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि बंडा विकासखंड में 377 09 ,शाहगढ़ में 15253 ,माल्थोन में 14860 एवं छतरपुर जिले की बकस्वाहा में 12178 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी ।

उन्होंने बताया कि इसमें कुल 80000 हेक्टेयर भूमि संचित हो गई उन्होंने कहा इसके अतिरिक्त इस परियोजना की तैयार होने से सागर जिले की ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल योजना के माध्यम से भी घर घर नल की माध्यम से पानी उपलब्ध होगा उन्होंने बताया कि इस परियोजना में 28 ग्राम प्रभावित होंगी। जिसमें निजी भूमि 3425 एवं शासकीय भूमि 1626 हेक्टेयर का उपयोग होगा शेष भूमि वन विभाग की होगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में 530 हेक्टेयर भूमि वन विभाग की डूब क्षेत्र में जाएगी ।

कलेक्टर आर्य ने बताया कि इस कंपनी पर योजना को टी पीएल पी सी आइ पी एल के द्वारा तैयार की जा रही है। जो कि दिसंबर 2023 तक पूर्ण होगी। कलेक्टर दीपक आर्य ने कहा कि शासन की गाइडलाइन के परिपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जावेगी ।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किये गए सर्वे में किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जावे बार-बार अनेक बार भी अगर सर्वे का मौका आता है तो करें लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि कोई भी कमी न रह जाए जिससे विस्थापित हो रहे 28 ग्रामों के किसान परेशान न हो ।

कलेक्टर आर्य ने समस्त विस्थापित हो रहे किसानों से कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि जहां भी बांध बनने में जो ग्राम की भूमि एवं मकान जो क्षेत्र में आ रहे हैं वहां के किसानों को पुनर्स्थापित करते वक्त वह सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है जिन के हकदार है। इसके अलावा एसडीएम शशि मिश्रा, तहसीलदार संजय दुबे, नायब तहसीलदार सरिता एवं सभी विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।   

Smart-City-Under-Scanner-निर्माण-कार्यों-की-जाँच-कराएँ-व-बिलों-का-भुगतान-रोकें-विधायक



सागर वॉच।
 
स्मार्ट सिटी के तहत करीब एक हजार करोड़ के निर्माण कार्य चल रहे है। जिनमे कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई है। नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह का गृह जिला होने के नाते  भी निर्माण कार्यों भारी अनिमियतता व् गुणवत्ताहीन कार्य होने की शिकायतें मिल रहीं हैं जिनके चलते स्थानीय विधायक ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर निर्माण कार्यों की जाँच कराये जाने व बिलों का भुगतान रोकने की सिफारिश की है 

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स्मार्ट सिटी सागर में हो रहे निर्माण कार्यो में देरी और घटिया निर्माण को लेकर अब नाराजगी सामने आने लगी है। सागर के भाजपा से विधायक शेलेन्द्र जैन ने  शहर में स्मार्ट सिटी के अंतर्गत चल रहे स्मार्ट रोड निर्माण में विलंब एवं अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर दीपक आर्य को पत्र लिखा है। 

जिसमें उन्होंने  उल्लेख किया है  कि सागर नगर में चल रही स्मार्ट रोड निर्माण परियोजना के परिपेक्ष आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि सागर शहर के प्रमुख मार्गों का ₹80 करोड़ की लागत से निर्माण प्रस्तावित था इसके अंतर्गत तिली तिराहे से सिविल लाइन चौराहे तक महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी

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लेकिन आपको यह बताते हुए अत्यंत क्षोभ हो रहा है कि निर्माण एजेंसी द्वारा इस सड़क के निर्माण हेतु 75 दिवस का समय नियत किया गया था परंतु 6 माह बीत जाने के बाद भी के निर्माण अपनी पूर्णता की ओर जाता दिखाई नहीं दे रहा है इस सड़क निर्माण को लेकर क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों एवं आम जनता के द्वारा शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

इन निर्माण कार्यों का मैंने एवं आपके साथ अनेकों बार निरीक्षण किया है इसमें पाया गया है कि निर्माण एजेंसी एवं ठेकेदार द्वारा कार्य में गुणवत्ता का पालन नहीं किया जा रहा है। विगत दिनों सिविल लाइन क्षेत्र में इनके द्वारा बनाए गए कल्वर्ट की गुणवत्ता को मैंने मौके पर जाकर देखा था जिसमें अत्यंत घटिया निर्माण किया गया था और उसमें जिस लोहे का इस्तेमाल किया गया था। वह परिवहन की दृष्टि से अत्यंत कमजोर था, निर्माण के दौरान जगह-जगह पानी की लाइन को तोड़ने की भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं लोगों को कई कई दिनों तक पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।


इनके निर्माण कार्य की गुणवत्ता के परीक्षण की जिम्मेदारी जिस पीएमसी के पास है, उनके इंजीनियर के द्वारा भी घनघोर लापरवाही की जा रही है यह सब बातें एक जनप्रतिनिधि के नाते असहनीय है।

इस पत्र के माध्यम से आपसे आग्रह करना चाहता हूं कि इनके कार्यों की निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जाए एवं गुणवत्ता के परीक्षण के लिए नियुक्त पीएमसी के स्थान पर किसी उपयुक्त कंसलटेंट को नियुक्त किया जाए और जब तक यह जांच पूरी नहीं हो जाती इनके समस्त भुगतानों पर प्रतिबंध लगाया जाए।


Review-Meeting-सागर-जिले-में-सड़क-सेतु-निर्माण-में-आ-रहीं-हैं-दिक्कतें

सागर वॉच। राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग सागर के अंतर्गत 10 सड़कों का निर्माण 831 किलोमीटर में किया जा रहा है। इसी प्रकार सागर छतरपुर ,विदिशा सागर ,शाहगढ़ से टीकमगढ़ ,सागर से बीना ,कुल 236 किलोमीटर की सड़कों का भी कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। यह जानकारी राष्ट्रीय राजमार्ग  के जिला अधिकारी पंकज व्यास ने जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई अधोसंरचना एवं सड़क विकास की समीक्षा बैठक में दी। इसी सिलसिले में जिला कलेक्टर ने सड़क एवं सेतु बनाने में आ रही समस्याओं को तत्काल प्रभाव से निराकरण के निर्देश दिये।  

समीक्षा बैठक में बताया गया  कि सागर बीना रोड पर जेरई में बनने वाले आरोबी के मुद्दे पर जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में बन रही सड़कों एवं विज में आ रहे अतिक्रमण एवं बिजली के खम्बों  को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और कार्य शीघ्रता से किया जाए।

बैठक में कलेक्टर ने सागर कानपुर रोड पर बन रहे मकरोनिया के निकट आरओबी को दिसंबर के पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक मैं राष्ट्रीय राजमार्ग राजकीय मार्ग एवं मुख्य जिला मार्ग के संबंध में भी विस्तार से  चर्चा की गई।

मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम की समीक्षा में गढ़पहरा धामोनी मार्ग पर भोजपुरा पहाड़ी पर स्खलन की घटना को रोकने के लिए तत्काल कार्य योजना बनाई जाए जिससे यहां होने वाली भू-स्खलन को  रोका जा सके ।


कलेक्टर ने मोतीनगर-तिली-पथरिया मार्ग एवं दमोह-पथरिया-गढ़ाकोटा मार्ग को तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सागर रहली मार्ग का उन्नयन ,सागर दमोह मार्ग फोरलेन का कार्य की वस्तुस्थिति की भी जानकारी ली ।

वर्षा में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत 

पीडब्ल्यूडी के कार्यों की समीक्षा में  निर्देश दिए कि वर्षा काल में हुई क्षतिग्रस्त सड़कों का मरम्मत कार्य शीघ्र कराया जाये । लोक निर्माण विभाग के हरिशंकर जयसवाल ने बताया कि 68 किलोमीटर की सड़क का मरम्मत कार्य किया गया है।


15 कार्य स्वीकृत,सभी कार्य अधूरे 

सेतु निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री आर्य ने निर्देश दिए कि सेतु निर्माण के कुल 15 कार्य स्वीकृत किए गए हैं जिनमें से 13 कार्य प्रगति पर हैं इनको शीघ्र पूरा किया जाए । 

13 कार्य अभी शुरू नहीं हुए,दो कार्य अवरुद्ध

पीआईयू के अधिकारी श्री परस्ते ने बताया कि जिले में 310 कार्य किए जाने हैं जिनमें से 245 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं, 50 कार्य प्रगति पर है, हालांकि  13 कार्य अभी शुरू नहीं हुए  है ,ओर दो कार्य अवरुद्ध हैं

Sagar-Collector-माफिया -के-खिलाफ-के-सख्त-करवाई-के-निर्देश-जारी

 सागर वॉच 
। 20 जुलाई 2021

जिला कलेक्टर ने शहर को माफिया मुक्त करने के लिए समस्त प्रकार के माफियाओं के खिलाफ  प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घरेलू गैस का उपयोग करने वाले  व्यावसायिक  प्रतिष्ठानों के खिलाफ अधिक से अधिक कार्यवाही कर  पुलिस प्रकरण बनाने के लिए कहा है। 

उन्होंने समस्त एसडीएम को स्पष्ट निर्देश दिए कि, प्रत्येक सप्ताह समस्त प्रकार के माफियाओं को चिन्हित कर उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही इस संबंध में समय सीमा बैठक में प्रतिवेदन भी प्रस्तुत करें।


कलेक्टर दीपक सिंह ने यह भी निर्देश दिए कि, आदतन अपराधियों की सूची बनाकर सुनियोजित तरीके से कार्यवाही करते हुए जिले को अपराध मुक्त किया जाए। उन्होंने मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत मिलावटी खाद्य पदार्थों की जाँच की प्रक्रिया निरंतर जारी रखें और अधिक से अधिक नमूने लेकर कार्यवाही करें जिससे जिले को मिलावट से मुक्त किया जा सके।

कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि मिलावट से मुक्ति अभियान में छोटे और  बड़े मिलावट खोरों पर  आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्यवाही व एफआईआर  कराना सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।


English: Hindi


सागर वॉच ।
  
सागर जिले में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने का आभास होते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला कलेक्टर ने अधिकारीयों के एक दल के साथ मंगलवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय में संचालित कोरोना नियंत्रण केंद्र  का के कामकाज का जायजा  लिया । 

निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने कोरोना नियंत्रक केंद्र में कसावट लाने के लिए  जारी किये निर्देशों के मुताबिक 

  • कोरोना नियंत्रण केंद्र "घर पर रहकर इलाज़ " (Home Isolation)  ले रहे व्यक्तियों की सार्थक लाईट एप पर आने वाले 6 पैरामीटर के माध्यम से दिन में दो बार वीडियो कालिंग से जानकारी लेकर परीक्षण करेंगे।
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  • साथ ही बीएमसी एवं ज्ञानोदय छात्रावास के कोविड वार्डो से यदि व्यक्ति अपने आपको एवं डाक्टर की सलाह पर स्वस्थ्य होना महसूस  करता है तो उसे होम क्वारेंटाईन किया जाये और यदि घर पर इलाज़ करा रहे व्यक्ति को परीक्षण के दौरान कोई समस्या आती है तो उसको तत्काल बीएमसी या ज्ञानोदय कोविड वार्ड में भर्ती करें । 
  • उन्होंने बीएसएनएल के माध्यम से कोरोना नियंत्रक केंद्र में सहायता केंद्र के नम्बर 1075 प्रारंभ करने के निर्देश  दिये । उन्होंने बताया कि इस नम्बर पर कोई भी व्यक्ति कभी भी कोरोना संबंधी समस्या बता सकता है। इस नम्बर पर एक समय में तीन व्यक्ति बात कर सकते है ।
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कोरोना नियंत्रक केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ नगर निगम आयुक्त, जिला पंचायत सीईओ, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, स्मार्ट सिटी सीईओ, बीएमओ, सहित डाक्टर्स अधिकारी मौजूद थे