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Land Dispute-मेरे परिवार को बदनाम करने रचा जा रहा है राजनीतिक षड्यंत्र- पूर्व भाजपा सांसद

सागर वॉच
 वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद लक्ष्मी नारायण यादव ने शनिवार को मीडिया से चर्चा के दौरान आरोप लगाया  कि उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे और मेरे परिवार को बदनाम करने के लिए यह राजनीतिक षड्यंत्र रचा जा रहा है। 

पहले मेरा मकान अतिक्रमण में होने का नोटिस दिया गया था और अब बेटे की जमीन को अतिक्रमण में बताकर फर्जी दस्तावेज बनवाने का आरोप लगाया जा रहा है। जमीन के दस्तावेज सही है। कार्रवाई गलत की जा रही है। जमीन खरीदते समय नगर निगम के दस्तावेजों में जांच की गई थी। इसके बाद ही खरीदी थी। 

उन्होंने दावा किया की कसाईखाना  की जमीन पर मेरे परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा अतिक्रमण नहीं किया गया है। 60 वर्ष के लंबे राजनैतिक जीवन में मेरा प्रयास रहा है कि मुझसे कुछ गलत न हो। जहां तक कानून की बात है। किसी भी व्यक्ति  ने यदि नियम खिलाफ  कार्य किया है। तो उसके खिलाफ कार्यवाही होना चाहिए मैं इस बात का पक्षधर रहा हूं।

उन्होंने कहा मामले में बेटा सुधीर यादव नगर निगम को मानहानि का नोटिस देगा। वहीं पुलिस विभाग मामले में निष्पक्ष जांच करे। निशाना बना कर की गई जा रही कार्रवाई भाजपा के पूर्व सांसद यादव ने कहा कि पिछले कुछ समय से मुझे और मेरे परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। इसके पीछे कुछ राजनीतिक लोग हैं। 

शुक्रवार को नगर निगम के अधिकारी अतिक्रमण हटाने के लिए आए थे। उन्होंने प्रवेशद्वार तोड़ दिया। मामले की जानकारी मिली तो लोग जमा हुए। उन्होंने दस्तावेज दिखाए तो अधिकारियों ने कहा था कि जानकारी के अभाव में कार्रवाई हो गई।

इसके बाद बेटे के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पार्टी और सरकार स्तर पर करूंगा शिकायत पूर्व सांसद यादव ने कहा कि निशाना बना कर की गई कार्रवाई को लेकर मैं चुप नहीं बैठूंगा। पार्टी और सरकार स्तर पर शिकायत करूंगा। जहां से मुझे न्याय मिलेगा। पुलिस भी मामले में निष्पक्ष जांच करें। 

गौरतलब है कि नगर निगम की कसाईखाना की जमीन पर कब्जा कर फर्जी दस्तावेज बनवाने के मामले में नगर निगम ने भाजपा से सागर के पूर्व सांसद के बेटे सुधीर यादव के खिलाफ मोतीनगर थाने में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया है।

Election Programme-मप्र में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का कार्यक्रम घोषित
सागर वॉच 4 दिसम्बर 2021मप्र में  त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष 2021-22 के लिये निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा हो गयी  है। निर्वाचन की घोषणा करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त बंसत प्रताप सिंह ने शनिवार को बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों  में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है, जो कि परिणाम घोषित होने तक प्रभावशील रहेगी। 

आदर्श आचरण संहिता के प्रावधान राजनैतिक दलों, अभ्यर्थियों, शासकीय विभागों एवं कर्मियों तथा त्रि-स्तरीय पंचायतों के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू होगी। यद्यपि पंचायत निर्वाचन गैर-दलीय आधार पर हो रहे है, परंतु आचार संहिता के प्रावधान राजनैतिक दलों पर सामान्य रूप से लागू होंगे। मतदान तीन चरणों में 6 जन
वरी, 28 जनवरी और 16 फरवरी 2022 में होंगे।


निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन तथा नाम निर्देशन-पत्र प्राप्त करने का कार्य प्रथम और द्वितीय चरण के लिये 13 दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये 30 दिसम्बर को शुरू होगा। नाम निर्देशन-पत्र प्राप्त करने की अंतिम तारीख प्रथम और द्वितीय चरण के लिये 20 दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये 6 जनवरी है। 

नाम निर्देशन-पत्रों की संवीक्षा प्रथम और द्वितीय चरण के लिये 21 दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये 7 जनवरी को होगी। अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की अंतिम तारीख और निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन प्रथम और द्वितीय चरण के लिये 23 दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये 10 जनवरी को अपराहृ 3 बजे तक है। मतदान (यदि आवश्यक हों) प्रथम चरण के लिये 6 जनवरी, द्वितीय चरण के लिये 28 जनवरी और तृतीय चरण के लिये 16 फरवरी 2022 को सुबह 7 बजे से अपराहृ 3 बजे तक होगा।

Election Programme-मप्र में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का कार्यक्रम घोषित

मतगणना तथा निर्वाचन परिणाम की घोषणा

मतदान केन्द्र पर पंच और सरपंच पद के लिये मतगणना मतदान समाप्ति के तुरंत बाद की जाएगी। जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य की विकासखण्ड मुख्यालय पर ईव्हीएम से मतगणना प्रथम चरण के लिये 10 जनवरी, द्वितीय चरण के लिये 1 फरवरी और तृतीय चरण के लिये 20 फरवरी 2022 को सुबह 8 बजे से की जाएगी। 

पंच और सरपंच पद के निर्वाचन परिणाम की घोषणा प्रथम चरण के लिये 11 जनवरी, द्वितीय चरण के लिये 2 फरवरी और तृतीय चरण के लिये 21 फरवरी 20222 को सुबह 10.30 बजे से की जाएगी। जनपद पंचायत सदस्य के लिये निर्वाचन परिणाम की घोषणा प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण के लिये 22 फरवरी को और जिला पंचायत सदस्यों के लिये 23 फरवरी 2022 को सुबह 10.30 बजे से की जाएगी।

Media Watch-04 DEC-अफ्रीका में पहचाने जाने से पहले से ही भारत में फ़ैल रहा था ओमिक्रान

नवभारत टाइम्स 
अख़बार ने  देश के विषाणु विशेषज्ञों के हवाले से छपी खबर में आशंका जताई है की अफ्रीका में पहचाने जाने से कहीं पहले से कोविड-19 का नया वैरियंट  ओमिक्रान  भारत में  मौजूद रहा है । यहाँ तक कि वह पहली व दूसरी लहर के दौरान भी आबादी के किसी छोटे धड़े में फैलता रहा हो 

खबर में यह भी  तर्क दिया  है कि  कर्नाटक में  बिना किसी ट्रैवलहिस्ट्री वाले शख्स के ओमीक्रोन से  संक्रमित होना भी साफ तौर पर इसी तरफ इशारा कर रहा है। ओमीक्रोन वेरिएंट से संक्रमित मरीजों में अबतक जो लक्षण दिख रहे हैं वे हल्के ही हैं। उन्होंने कहा, 'घबराने की कोई वजह नहीं है लेकिन लापरवाही के लिए भी कोई जगह नहीं है।

बीबीसी समाचार में  सुर्ख़ियों छाई खबर में बताया है कि पाकिस्तान के पंजाब के सियालकोट शहर में एक श्रीलंकाई नागरिक को ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डालने के बाद पूरी दुनिया के साथ-साथ पाकिस्तान में भी इसकी निंदा हो रही है। 

खबर के मुताबिक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने खुद भी " इसे बेहद शर्मनाक  दिन बताया " है । ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को सियालटकोट की एक फ़ैक्ट्री में काम करने वाले श्रीलंका के नागरिक प्रियांथा कुमारा को भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला बाद में उनके शव को जला दिया 

दैनिक भास्कर ने देश के मौजूदा सियासी हालातों से जुडी खबर को सुर्ख़ियों में छापी खबर में लिखा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के यूपीए से अलग होकर तीसरे मोर्चे बनाने के मनसूबे पर शिवसेना पानी फेरती दिख रही है। शिवसेना ने 'सामना' की संपादकीय में स्पष्ट किया है कि कांग्रेस को अलग करके मोदी का मुकाबला नहीं किया जा सकता है।

खबर में लिखा है कि मोदी और भाजपा का कांग्रेस का खत्म चाहना समझा जा सकता  है लेकिन मोदी व उनकी प्रवृत्ति के विरुद्ध लड़ने वालों को भी कांग्रेस खत्म हो, ऐसा लगना यह सबसे गंभीर खतरा है। ये प्रयास फासिस्ट वादी प्रवृत्ति को बढ़ावा देने जैसे हैं  यूपीए के समानांतर दूसरा गठबंधन बनाना यह भाजपा के हाथ मजबूत करने जैसा है।

Income Tax Raid-कोचिंग  संस्थान ने छात्रों से मिली २५ करोड़ से अधिक की राशि छिपाई
सागर वाच आयकर विभाग ने 25-11-2021 को इंदौर के दो प्रमुख व्यापारिक समूहों पर छापे
मारी व तलाशी-जब्ती अभियान शुरू किया। पहला समूह खनन, मीडिया और केबल टीवी सेवाएं प्रदान करने के व्यवसाय से जुड़ा है और दूसरा समूह एक कोचिंग अकादमी चला रहा है। मध्य प्रदेश में 70 और 5 अन्य राज्यों सहित 70 से अधिक परिसरों की तलाशी ली गई।

तलाशी की कार्रवाई के दौरानकुछ व्यवसायों के वित्तीय रिकॉर्ड के समानांतर सेट सहित विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए जिन्हें जब्त कर लिया गया है। इन साक्ष्यों के आरंभिक विश्लेषण से विभिन्न कदाचारोंविशेष रूप से खनन व्यवसाय में बिक्री की आयकर चोरी का पता चलता है।

केबल टीवी सेवा के कारोबार में भी इसी तरह बड़े पैमाने पर कर चोरी पाई गई है। अन्य कदाचार जैसे पैसों का भुगतानसंदिग्ध बेनामी लेनदेननकद में किए गए बेहिसाब खर्चअचल संपत्तियों में अघोषित निवेश आदि के साक्ष्य भी मिले हैं।

जांच से पता चला है कि समूह ने प्रविष्टि संचालक द्वारा प्रबंधित विभिन्न मुखौटा कंपनियों से फर्जी असुरक्षित कर्ज के रूप में 40 करोड़ रुपये से अधिक की आवास प्रविष्टियां भी प्राप्त की हैं। 

तलाशी अभियान के दौरान मुख्य प्रविष्टि संचालकमुख्य संचालक और मुखौटा कंपनियों के कई नकली निदेशकों की पहचान करउनसे पूछताछ कर ली गई है। 

नकली निदेशकों और प्रमुख संचालकों ने स्वीकार किया है कि कंपनियां केवल कागजी संस्थाएं हैं और वे मुख्य प्रविष्टि संचालक के इशारे पर काम कर रही हैं।

कोचिंग ग्रुप के तलाशी अभियान से मिले और जब्त किए गए दस्तावेजी साक्ष्य स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि छात्रों से नकदी के रूप में प्राप्त 25 करोड़ रुपये से अधिक की राशि छिपाई गई है। 

जब्त किए गए सबूतों के विश्लेषण से यह भी संकेत मिलता है कि यह समूह व्यवस्थित रूप से अपनी विभिन्न फ्रेंचाइजी से मिली रॉयल्टी और लाभ की हिस्सेदारी से हुई आय को छिपा रहा है। 

इन खातों में 10 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब नकदी की रकम प्राप्त की गई है। तलाशी अभियान के दौरान दो करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद हुई है। जांच आगे जारी है।

News In Short-रात में बिछाई जायेगी पाइपलाइन

NEWS IN SHORT-समाचार संक्षेप 

 02 DEC 2021

🔘 शहर में परकोटा से गौर मूर्ति जाने वाले मार्ग पर जलापूर्ति एवं सीवर लाइन डाले जाने की  कवायद शुरू हो गयी है इस कार्य से जनता को असुविधा न हो इसके मद्देनजर प्रशासन ने खुदाई व पाइप बिछाने का कार्य रात में कराने का फैसला किया है 

जानकारी के मुताबिक सड़क के एक ओर जलापूर्ति लाइन व दूसरी ओर सीवेज की लाइन डाली जानी हैं  प्रशासन ने काम करने वाली एजेंसियों को ताकीद किया है कि वे हर एक दिन उतनी ही  खुदाई करें जितने की मरम्मत उसी दिन की जा सके । साथ ही इस कार्य में यातायात को किसी और दिशा में मोड़ने की जरूरत पड़े तो यातायात पुलिस की मदद लें  

समीक्षा बैठक 6 दिसम्बर को 

🔘 सागर संभाग के कमिश्नर मुकेश कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभागीय योजनाओं की संभागीय समीक्षा 6 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी।

ऑटो रिक्शा वाहनों की धरपकड़ जारी 

🔘 परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर के निर्देश एवं उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा आदेश पारित किये गये है कि प्रदेश में बिना परमिट एवं नियम विरुद्ध चल रहे यात्री आटो रिक्शा पर तत्काल कार्यवाही की जाये। आदेश के परिपालन में गुरुवार को परिवहन विभाग के प्रवर्तन अमले ने बम्होरी चौराहा एवं सिरोंजा पर आटो रिक्शा वाहन चालकों को दस्तावेज पूर्ण कराकर ही वाहनों का संचालन करने की नसीहत दी । 

इसी सिलसिले में 60 आटो रिक्शा वाहनों की जांच की गयी जिनमें से 6 वाहनों के दस्तावेज नहीं पाये जाने पर उन्हें जब्त कर उनके खिलाफ मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत्  9000 रूपए का जुरमाना वसूला गया। 

महा टीकाकरण अभियान हर बुधवार को 

🔘 प्रदेश में अब तक कोविड -19 वैक्सीनेशन की  कुल 8.76 करोड़ खुराक दी  जा चुकीं  हैंइनमे से 5.11 करोड़ प्रथम खुराक तथा 3.64 करोड द्वितीय खुराक शामिल है द्वितीय खुराक  के लिए पात्र नागरिकों का शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन 25 दिसंबर 2021 तक पूर्ण करना शासन की प्राथमिकता है । 

इसी सिलसिले में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने समस्त कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि द्वितीय खुराक की उपलब्धि शत-प्रतिशत हासिल करने हेतु सभी विभागों के समन्वय के साथ 8, 15 एवं 22 दिसंबर (प्रत्येक बुधवार) को प्रदेश में कोविड-19 वैक्सीनेशन महाअभियान आयोजित किया जाए। 

फसल बीमा की खबर गाँव-गाँव पहुंचाएगा जागरूकता रथ 

🔘 गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर से कलेक्टर दीपक आर्य ने प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के जागरूकता रथ को रवाना किया। यह जागरूकता रथ गांव-गांव घूमकर किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी देगा। इस जागरूकता रथ के द्वारा किसानों की विभिन्न जिज्ञासाओं, समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा। यह रथ सभी ब्लाक के गांवों में जाएगा। इस अवसर पर व्हाट्सएप पीहू चैट के नंबर 7304524888 एवं किसान पाठशाला पुस्तिका भाग-1 का भी विमोचन किया गया।

नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने की कवायद शुरू 

🔘 भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्यप्रदेश में फोटो निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य में दावे-आपत्तियाँ दाखिल करने की अवधि 5 दिसम्बर, 2021 तक बढ़ाई गई है। तिथि में वृद्धि का उद्देश्य सभी पात्र व्यक्तियों को दावे और आपत्तियाँ दाखिल करने के लिये और समय उपलब्ध कराना है। आयोग ने पहले यह तिथि 30 नवम्बर निर्धारित की थी।

इस अवधि में ऐसे पात्र मतदाता, जिनकी आयु एक जनवरी, 2022 को अथवा उससे पूर्व 18 वर्ष पूर्ण हो गई है और मतदाता-सूची में उनके नाम दर्ज होने से शेष हैं, तो संबंधित क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी द्वारा उनके घर जाकर सम्पर्क कर आवेदन प्राप्त किये जायेंगे।

Samwaad-दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने में विद्यालय एवं समाज  महत्वपूर्ण
सागर वॉच / 02 दिसंबर/ 
योगदान है
 यह विचार डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय  में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के अभिभावकों के प्रशिक्षण के दौरान अभिभावकों से संवाद करते हुए  सागर के डॉ. संजय शर्मा ने व्यक्त किये  

उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानने एवं उसको प्रोत्साहित करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर देना आवश्यक है अभिभावक एवं समुदाय का भावात्मक लगाव बच्चों के आत्मविश्वास को बढाता है. नई शिक्षानीति इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएगी जहाँ विद्यालय और अभिभावक मिलकर शिक्षायी माहौल को समावेशी बनायेंगे।

प्रशिक्षण समन्वयक डायट सागर के प्राध्यापक डॉ. प्रवीण गौतम ने बताया कि दिव्यांग बच्चों के पालकों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण में दिव्यांगजन  अधिनियम-2016 के अंतर्गत समावेशी एवं समग्र शिक्षा, गृह आधारित शिक्षा सहित शासन की प्रमुख योजनाओ के विषय में विस्तार से चर्चा की गई।

जिला शिक्षा केंद्र सागर  के आर.के. आसाटी  ने समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत संचालित योजनाओ एवं सुविधाओं के बारे में अभिभावकों को अवगत कराया. इस डॉ दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में सागर संभाग के दिव्यांग बच्चों के अभिभावक सहभागिता कर रहे थे.

 

Traffic Management-यातायात नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान की मुहिम हुई  तेज
 सागर 2 दिसम्बर 2021 सागर स्मार्ट सिटी द्वारा तैयार किए गए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के माध्यम से अभी तक सिर्फ सिविल लाइंस चौराहा पर ई-चालान काटे जा रहे थे। लेकिन अब सावधान हो जाइये क्योंकि शहर के पांच और चौराहों पर ई-चालान की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 

अब इन छह चौराहों में से किसी पर भी आपने रेड लाइट सिग्नल का उल्लंघन किया या बिना हेलमेट गुजरे या फिर मोटर साइकिल पर तीन सवारियां दिखीं तो आपके घर स्पीड पोस्ट से चालान पहुंच जाएगा। ई-चालान की राशि ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से 15 दिन के अंदर जमा करना होगी।

शहर में ई-चालान की कार्रवाई का दायरा बढाया गया है। अभी तक सिर्फ सिविल लाइंस चौराहा पर ई-चालान किया जाता था। अब कबूलापुल, परेट मंदिर चौराहा, राजघाट तिराहा, इंदिरा नेत्र चिकित्सालय के पास का यू-टर्न और राधा तिराहा पर भी ई-चालान शुरू किए गए हैं।


इन स्थानों पर लगे कैमरे यातायात नियमों का उल्लंघन पकडेंगे और ऑटोमैटिक तरीके से चालान जारी हो जाएगा। यह चालान स्पीड पोस्ट के माध्यम से संबंधित व्यक्ति के घर पहुंचेगा, जिसका भुगतान ऑनलाइन तरीके से या यातायात चौकी कटरा में ऑफलाइन किया जा सकता है। 

रेड लाइट सिग्नल का उल्लंघन करने या बाइक पर तीन सवारी होने पर 500 रुपये का चालान किया जाता है, जबकि बिना हेलमेट सफर करने वालों का 250 रुपये का चालान काटा जाएगा। चालान की राशि जमा नहीं करने वालों पर जिला परिवहन अधिकारी कार्रवाई करते हैं।

Yog Ayog- योग शिक्षा से मिलेगी परोपकारी नागरिक  तैयार करने में मदद-मुख्यमंत्री

सागर वॉच
 मध्यप्रदेश में योग आयोग का गठन किया जाएगा। योग की शिक्षा का कार्य अभियान के रूप में चलेगा। साथ ही योग विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों और अनुभवी योगाचार्यों से मार्गदर्शन प्राप्त किया जाएगा। खेल विभाग की गतिविधियों में भी योग को शामिल किया जाएगा। 

राष्ट्रभक्त, चरित्रवान और परोपकारी नागरिक तैयार करने में भी योग की शिक्षा का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ न्यास के संस्थापक स्वामी रामदेव, उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण के साथ चर्चा के पश्चात यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने योगपीठ सभाकक्ष में स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, न्यास के पदाधिकारियों, विद्यार्थियों, उपस्थित नागरिकों, विद्वतजन और आमंत्रित श्रोताओं को अपने संबोधन से मंत्र-मुग्ध कर दिया। 

योगपीठ के सभाकक्ष में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भारतीय सनातन संस्कृति, भारतीय योग परम्परा, विश्व के राष्ट्रों में भिन्न-भिन्न विचारधाराओं के प्रारंभ और समाप्त होने के साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन, वर्तमान वैश्विक चुनौतियों और भारत के नेतृत्व को मिल रहे समर्थन के संबंध में विस्तार से विचार व्यक्त किए। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मनुष्य द्वारा मन, शरीर, बुद्धि और आत्मा के सुख की चाह को विभिन्न दृष्टांतों के साथ प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान बाबा रामदेव की उपस्थिति में योगपीठ, हरिद्वार में 'वैश्विक चुनौतियों का सनातन समाधान-एकात्म बोध' संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

योग विज्ञान का महत्व

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने योग विज्ञान के महत्व की जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे अनेक वर्ष से नियमित रूप से योग कर रहे हैं। मुख्य रूप से प्राणायाम, भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम, कपाल भाति आदि के साथ ही श्वांस लेने और छोड़ने के अभ्यास कर रहे हैं। गति के साथ साँस लेने के साथ नई ऊर्जा, नई चेतना और नई शक्ति शरीर को मिलती है, साँस छोड़ने पर अनेक विकार और कुविचार बाहर निकल आते हैं।

सनातन परम्परा में निहित हैं विश्व की समस्याओं के समाधान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी चुनौतियों का समाधान हमारी सनातन परम्परा में पहले से ही मौजूद है। मेरा-तेरा करने का भाव छोटे दिल वालों का होता है, जो विशाल ह्रदय वाले होते हैं, वह कहते हैं पूरी दुनिया ही मेरा परिवार है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि दो इच्छाएँ हर व्यक्ति की होती हैं। एक कोई कभी मरना नहीं चाहता और दूसरा सब सुखी जीवन चाहते हैं। मनुष्य शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा का समुच्चय है। अगर मनुष्य को सुखी होना है तो इन चारों को सुखी करना होगा। आज धरती का शोषण हो रहा है।

ग्लोबल वार्मिंग के विषय पर पूरा विश्व चिंतित 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भारत को विश्व का सिरमौर बनाने के लिए लगे हैं। हम इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। ग्लोबल वार्मिंग के विषय पर पूरा विश्व चिंतित है। हमारे प्रधानमंत्री हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में वन-सन, वन-ग्रिड और वन-वर्ल्ड की बात कर चुके हैं। 
समावेशी विकास के लिए शांति आवश्यक है। यह विश्व में सबसे बड़ी चुनौती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वैभवशाली और गौरवशाली राष्ट्र का निर्माण हो रहा है। राष्ट्र के पुनर्निर्माण के कार्य में स्वामी रामदेव जैसे व्यक्तित्व भी यह उत्तरदायित्व निभा रहे हैं।

एकात्म भाव भारतीय संस्कृति का मूल भाव

हमारी परम्परा में वसुधैव कुटुम्बकम् की बात कही गई है। सारी दुनिया एक परिवार की तरह है। प्राणियों में सद्भावना और विश्व के कल्याण का विचार भारत ने दिया। सर्व-कल्याण का भाव और सभी को आत्म-भाव से देखने की दृष्टि का समर्थन किया गया है। जीव-जन्तु, कीट-पतंग सबमें एक ही चेतना व्याप्त है। 

एकात्म भाव भारतीय संस्कृति का मूल भाव है। भगवान का नरसिंह अवतार हुआ, जिसका अर्थ है कि विश्व में समस्त प्राणियों का सह-अस्तित्व हैं। हमारे आराध्य देवी-देवता लक्ष्मी जी, सरस्वती जी, भगवान शिव और विष्णु भगवान भी पशु-पक्षियों के साथ दृष्टव्य होते हैं। वृक्षों की पूजा हजारों साल से हो रही है। भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की पूजा की परम्परा के निर्वहन की प्रेरणा दी। भौतिकता की अग्नि में झुलस रहे विश्व को भारत का दर्शन राह दिखाएगा।

योग स्वस्थ रहने का क्रांतिकारी माध्यम

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना काल में पतंजलि योगपीठ के सहयोग से मध्यप्रदेश में करीब ढाई लाख लोगों ने योग से निरोग का लाभ लेकर स्वास्थ्य लाभ लिया। आज रोगों के उपचार के लिए अनेक औषधियों का प्रयोग होता है, लेकिन योग का अपना विशेष महत्व है। अनेक रोगों का समाधान योग में समाहित है। योग स्वस्थ रहने का एक क्रांतिकारी और कारगर माध्यम है।

मध्यप्रदेश विकास का पर्याय बना: स्वामी रामदेव

योगपीठ न्यास के संस्थापक स्वामी रामदेव ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राष्ट्रधर्म और सेवाधर्म को सबसे ऊपर रखा है। मध्यप्रदेश की पहचान गड्डों वाली सड़कों के राज्य के रूप में थी। आज मध्यप्रदेश विकास का पर्याय बना है। बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा, अंत्योदय के भाव को महत्व देने वाले मुख्यमंत्री श्री चौहान योग, आध्यात्म और भारतीय संस्कृति में विश्वास रखते हैं। आजादी के अमृत महोत्सव में मध्यप्रदेश योग के क्षेत्र में सबसे ऊपर होगा। योग रचना-धर्मिता और मनुष्य की प्रतिभा को बढ़ाता है। योग कर्मकांड नहीं है, जीवन का उत्सव है।

योग साधना में मप्र कर रहा है प्रगति :आचार्य बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण ने स्वागत भाषण में कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान का योग ऋषि के आँगन में स्वागत है। मध्यप्रदेश अन्न उत्पादन में आगे है और पूरे राष्ट्र को मध्यप्रदेश के शरबती गेहूँ का लाभ मिलता है। योग साधना में भी मध्यप्रदेश प्रगति कर रहा है। सभी ग्रामों और स्कूलों तक योग पहुँचाया जा रहा है। यह प्रशंसनीय है।

योगपीठ के सभाकक्ष में मुख्यमंत्री श्री चौहान के आगमन पर सभी उपस्थितों ने हर्ष के भाव से मुख्यमंत्री श्री चौहान और श्रीमती साधना सिंह चौहान का स्वागत किया।
Water Positive City-जल, जंगल और जमीन पर समग्र रूप से काम से बनेगा शहर  वाटर पॉजिटिव
सागर वॉच । 30 नवंबर 2021। स्मार्ट सिटी लिमिटेड शहर का वाटर स्कोर कार्ड तैयार कराने के लिए जल स्मृति फाउंडेशन के साथ काम कर रही है। पानी बचाने, उसके सदुपयोग और रिसाइक्लिंग के तमाम तरीके अपनाकर शहर को जल सकारात्मक  बनाया जाएगा। इसके लिए जल स्मृति फाउंडेशन कई स्तर पर वाटर स्कोर कार्ड तैयार करेगा। 

मंगलवार को इस संबंध में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें जल स्मृति की ओर से अंतरराष्ट्रीय जल विशेषज्ञ डॉ. भक्ति देवी ने वाटर स्कोर कार्ड की उपयोगिता और इसे तैयार करने के तरीकों के संबंध में विस्तार से बताया। 

डॉ. भक्ति देवी ने बताया कि जल सकारात्मक शहर  बनाने के लिए सिर्फ पानी बचाना ही काफी नहीं होता, बल्कि हमें
करना होगा। जल स्तर बनाए रखने के लिए काम करना है, पानी का दुरुपयोग रोकना है, वर्षा जल को संरक्षित करना है, जलस्रोतों को विकसित करना है और जल उपचार  के बाद जल को उपयोगी बनाना है। 

इसके अलावा हरियाली बढाकर हरित पट्टी  विकसित करने होंगे और जल आपूर्ति पर होने वाले खर्च को भी घटाना होगा। जब हम इन सभी चीजों पर समग्र रूप से काम करेंगे तो जल अंक सूची  में हमारे अंक बढेंगे और इसी आधार पर सागर जल सकारात्मक शहर  बनेगा।

इस दौरान नगर निगम आयुक्त सह कार्यकारी निदेशक सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड आरपी अहिरवार ने बताया कि सागर स्मार्ट सिटी और नगर निगम इनमें से ज्यादातर विषयों पर बडे स्तर पर काम कर रहे हैं। 

लाखा बंजारा झील और जलसंग्रह क्षेत्र  को पुनर्विकसित किया जा रहा है। कुआं और बावडी को दोबारा विकसित कर रहे हैं। जल उपचार  और एसटीपी का काम चल रहा है। पानी की बर्बादी रोकने के लिए पूरे शहर में नई पाइप लाइन डाली जा रही है। 

जलमल  नेटवर्क तैयार हो रहा है। इसके अलावा बारिश के पानी बहाव का  नेटवर्क भी तैयार किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी सीईओ श्री राहुल सिंह राजपूत ने बताया कि शहर में 48 पार्क बनाए जा रहे हैं। स्मार्ट रोड गलियारे  के किनारे पर भी हरित क्षेत्र  विकसित किए जा रहे हैं। शहर में सतत पौधरोपण से भी ग्रीनरी बढाने का काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि शहर का जल अंक सूची    तैयार करने के लिए जल स्मृति फाउंडेशन के साथ सहमती पत्र तैयार  किया गया है।

टिकाऊ विकास के चार लक्ष्य हासिल करेंगेः

संयुक्त राष्ट्र संघ ने पूरी दुनिया के लिए (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स) सतत विकास के 17 लक्ष्य तय किए हैं। जल अंक सूची  तैयार करने की प्रक्रिया में हम इनमें से चार लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। डॉ. भक्ति देवी ने बताया कि सभी के लिए जल और निकास  की व्यवस्था, प्राकृतिक स्रोतों को जरूरत के मुताबिक विकसित करना, क्लाइमेट चैंज की परिस्थितियों से निबटने के लिए तैयार होना और पारिस्थितिकी तंत्र  और जंगलों का संरक्षण के संयुक्त राष्ट्र संघ के लक्ष्यों को हम इस माध्यम से हासिल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्कोर कार्ड बनाने के लिए सेनिटेशन, वाटर सप्लाई, स्टॉर्म वाटर व फ्लड ड्रेनेज सिस्टम, इमारतों के निर्माण के दौरान रैन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य करना, ग्रीन कवर, भूजल और जल पर हो रहे खर्च को आधार बनाया जाएगा।


Convocation Ceremony-डॉ गौर विवि का दीक्षांत समारोह दिसम्बर में


सागर वॉच ।30 नवंबर डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय  सागर का  30 वां दीक्षांत समारोह  दिसंबर माह में आयोजित होगा। जारी अधिसूचना में बताया गया है कि  दीक्षांत समारोह में सीबीसीएस प्रणाली के अंतर्गत वर्ष 2020 और 2021 में उत्तीर्ण नियमित स्नातक एवं स्नातकोत्तर तथा 15 नवंबर 2019 के उपरान्त पी-एचडी, डी.एस.सी अथवा डी.लिट उपाधि अर्जित अभ्यर्थी दीक्षांत समारोह में सम्मिलित हो सकते हैं कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक सभी अभ्यर्थियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा 

इसके लिए अभ्यर्थियों को  विश्वविद्यालय पर अपलोड की गई सूचना अनुसार दिए गये लिंक पर निर्धारित शुल्क के साथ रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. जो अभ्यर्थी दीक्षांत समारोह में उपस्थिति के बिना डिग्री प्राप्त करना चाहते हैं, वे भी निर्धारित शुल्क के साथ रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. दीक्षांत समारोह के उपरांत डिग्री उनके पते पर प्रेषित की जायेगी



 दीक्षांत समारोह के मुख्य समन्वयक प्रो. नवीन कांगो ने बताया कि अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाईट पर दिए गये लिंक पर 05 दिसंबर 2021 तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.  जो अभ्यर्थी दीक्षांत समारोह में व्यक्तिशः सम्मिलित होंगे उन्हें दीक्षांत पोशाक प्रदान किया जाएगा जिसे वे स्मृति के रूप में रख सकते हैं


समारोह में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए दीक्षांत पूर्वाभ्यास भी आयोजित होगा जिसकी सूचना विश्वविद्यालय वेबसाईट पर अलग से दी जायेगी. सभी अभ्यर्थियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. कम से कम कोविड टीके के एक डोज का प्रमाण-पत्र और कन्टेनमेंट जोन से आने वाले अभ्यर्थियों के पास समारोह आयोजन से 72 घंटे पूर्व का निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट होना चाहिए विश्वविद्यालय आगमन पर उन्हें विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र से स्क्रीनिंग प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा

Strict Action- जलकर बकायादारों के नाम अख़बारों से उजागर करेगा निगम
सागर वॉच। 30 नवम्बर नगर निगम अब जल कर के बकायादारों पर शिकंजा कसने जा रहा है
निगम कि इस कार्रवाई पर सबसे पहले निशाने पर बड़े बयादार आने वाले हैं बड़े बकायादारों के नाम भी सार्वजनिक होंगे साथ ही इनकी जलापूर्ति भी रोकी जाएगी 

इस  सिलसिले में नगर निगम आयुक्त आर.पी. अहिरवार ने बताया कि बड़े बकायादार निगम से जलकर जमा करने के नोटिस जारी किये जाने के बाद भी बकाया कर जमा नहीं कर रहे हैं । इसके चलते निगम अब दस लाख से अधिक राशि के बकायादारों-न्यासों  व संस्थाओं नामों को अख़बारों में प्रकाशित कराएगा, जलापूर्ति रोकेगा  व् कुर्की की भी कार्रवाई भी करेगा

 
आयुक्त ने बताया कि निगम के बकाया करों की वसूली कार्य की समीक्षा बैठक में  अनुपस्थित राजस्व निरीक्षक  एवं वार्ड क्रमांक 16,18,31 और 37 के कर संग्राहक द्वारा कम वसूली लाने पर एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के भी निर्देश  दिये गए हैं ।

बैठक में  समस्त कर संग्राहकों राजस्व  निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि  वे  बडे बकाया दारों/ट्रस्टों/संस्थागत संस्थाओ से सपर्क कर राशि जमा करने हेतु प्रेरित करें,अगर उसके बाद भी  वह कर जमा नहीं करते है। तो उन्हे नोटिस दिये जाये, उनका पेयजल/ट्रस्टों/संस्थागत संस्थाओं के नाम समाचार पत्रों में प्रकाषित कराये जाये, और आगे विधिवत कुर्की की कार्यवाही की जाये।

 Press Meet- डॉ गौर को भारत दिलाने सुप्रीम कोर्ट जाएगी गौर यूथ फोरम

सागर वॉच 
डा. सर हरीसिंह गौर जी को भारत रत्न मिले यह हम सभी की और यहाँ के जनमानस की वर्षों पुरानी मांग रही  है  इसे पूर्ण कराने हेतु "गौर यूथ फोरम  " की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एहतेशाम हाश्मी  और गौर यूथ फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा विवेक तिवारी,सुप्रीम कोर्ट में  याचिका लगाने जा रहे हैं 

 

कोरोना के चलते पिछले वर्ष यह संभव न हो सका था।  इसका  उद्देश्य सरकारो का ध्यान इस ओर आकृष्ट   कराना है कि डा गौर का नाम कि न मापदण्डों के चलते इस प्रक्रिया में शामिल किया जाये !  आज पत्रकारों से चर्चा करते हुये एडवोकेट  एहतेशाम ने बताया कि माननीय उच्चतम न्‍यायालय के संज्ञान में ये बात लाई जायेगी कि क्यों डा सर गौर को भारत रत्न नहीं दिया जा रहा जबकि व्यक्तित्व और समाज सेवा में उनसे कहीं बहुत पीछे के लोगों को इनसे सम्मानित किया जा चुका  है! इस संबध में सारी औपचारिकतायें पूर्ण कर ली गयीं  हैं और अगले  दस दिनों में  यह पिटीशन फाइल कर दी जायेगी

            

गौर यूथ फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. विवेक तिवारी ने कहा कि इस मांग के लिये अब आर पार की लड़ाई लडी जायेगी  यहाँ के सभी जनप्रतिनिधियों और जनता  का पूर्ण समर्थन हमारे साथ हैभारत के संविधान निर्माण में भी डा गौर का साथ रहा है! महान दानवीर , शिक्षाविद , विधिवेत्ता, लेखक, साहित्यकार सभी कुछ वह थे। फिर भी उन्हें अभी तक  इस  योग्य नहीं समझा गयाविवि से भी आज तक केवल एक बार प्रो. डीपी सिंह जी के समय प्रस्ताव भेजा गया था , बर्तमान कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता जी  से बहुत उम्मीदे हैं कि वह इस संबंध में प्रयास करेंगी ऐसा उन्होंने हाल ही में कहा है

 

डा गौर को यह सम्मान मिले ऐसा सभी राजनेता विभिन्न मंचों से कह चुके है, और अब समय आ गया है कि उन्हें यह पुरस्कार मिलना चाहिये यही उन्हें सच्ची श्रंद्धाजलि होगी

Gour Utsav 2021-गौर जयंती  उत्सव नहीं अनुष्ठान है -कुलाधिपति बलवंत  राय जानी

सागर वॉच
 उन्होंने कहा कि डॉ. गौर का समूचा जीवन मनुष्य के अपराजेय जिजीविषा की जय-यात्रा है। उन्होंने जीवन-भर सर्वोच्चता की संकल्पना को अपने ढंग से सिरजा, सहेजा और साकार किया। आसमान की बुलंदी पर रहते हुए भी डॉ. गौर ने सागर की जमीनी हकीकतों को कभी भुलाया नहीं। वे जानते थे कि बुन्देलखंड की जय-यात्रा ज्ञान के रास्ते से होकर ही जायेगी। 

इस भूमि पर उन्होंने अपने पुरुषार्थ से ज्ञान की अनंत रष्मियों को संकलित कर सागर विश्वविद्यालय का रूप दे दिया। जीवन भर की जुटाई गयी निजी पूँजी को सार्वजनिक हित में इस तरह समर्पित कर गौर साहब ने जाहिर इतिहास का एक ऐसा अफसाना लिख दिया जिसे आज सारी दुनिया गुनगुना रही है। हमारा विष्वविद्यालय केवल बुन्देलखण्ड के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ज्ञान का अभिनव तीर्थ है. 

विश्वविद्यालय कोरोना की महामारी के दौरान भी लगातार क्रियाषील रहा। दुनिया भर के शीर्ष वैज्ञानिकों की में 20 वैज्ञानिक हमारे विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं। इस प्रतिष्ठित सूची में सम्मिलित हमारे विवि के भी शिक्षक हैं. ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र शिक्षकों, विद्यार्थियों और अधिकारियों की उपलब्धियों के लिए बधाई दी और कहा कि यह कोशिश हमारे संस्थापक के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक जागृत पहल है।  

उन्होंने विश्वविद्यालय  में जारी परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं के बारे में रूपरेखा भी प्रस्तुत किया उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों के चतुर्दिक विकास और अपनी अकादमिक प्रतिबद्धता के साथ ही अपने सामाजिक सरोकारों को भी नये ढंग से सृजित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि डॉ. गौर अपने प्रगतिशील सरोकारों के साथ व्यक्तिगत मुक्ति की जगह सामूहिक मुक्ति के हिमायती थे। अपनी मातृभूमि के लिए ज्ञान के उजाले का जो सपना देखा था, उसे उन्होंने अपनी आस्था और त्याग से पूरा किया, आज उनके जन्मदिवस पर हम सबका कर्तव्य बनता है कि हम अपने संस्थापक के सपनों को कभी बेरंग नहीं होने देंगे। 

 डॉ. गौर को मिले भारत रत्न: सांसद राजबहादुर सिंह

विशिष्ट अतिथि सागर लोक सभा सांसद श्री राजबहादुर सिंह ने कहा कि गौर साहब की 150 वीं जयन्ती के अवसर पर मैंने लोकसभा में डॉ. गौर को भारत रत्न देने की मांग उठाई थी. सरकार भी मेरी इस मांग पर विचार कर रही हैं लेकिन इस मुहिम में जनसहयोग भी उतना ही आवश्यक है।  

उन्होंने उम्मीद जताई कि डॉ. गौर को भारत रत्न मिले, इसके लिए जनभागीदारी और सबका सहयोग मिलेगा।  डॉ. गौर ने विश्वविद्याय के माध्यम से शिक्षा की अलख जगाई थी. इस बुंदेलखंड क्षेत्र में आज उन्हीं के कारण हम सब कुछ पढ़-बन पाए. इस अंचल के लोगों को शिक्षा के इस केंद्र का लाभ मिले इसके लिए ठोस प्रयास किये जाने चाहिए. 

उत्सव नहीं बल्कि अनुष्ठान :कुलाधिपति प्रो.जानी

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलाधिपति प्रो. बलवंतराय शांतिलाल जानी ने कहा कि डॉ. गौर की जयन्ती पर बौद्धिक समुदाय और जनभागीदारी को देखकर ऐसा लग रहा है कि यह उत्सव नहीं बल्कि अनुष्ठान है. लोगों की डॉ. गौर के प्रति श्रद्धा और सम्मान देखकर मेरा मन आह्लादित है. पूर्व विद्यार्थियों की विश्वविद्यालय के प्रति सोच की मैं प्रशंसा करता हूँ. डॉ. गौर अर्वाचीन समय के भामाशाह हैं. निश्चित तौर पर यह विश्वविद्यालय तेजस्वी विकास करेगा.  




' समय'  और 'मध्य भारती का विमोचन

इस अवसर पर अलग-अलग श्रेणी में विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया. पत्रकारिता विभाग के प्रायोगिक समाचार-पत्र ' समय'  और 'मध्य भारती' शोध पत्रिका के 80वें अंक के विमोचन के साथ ही कई शिक्षकों की पुस्तकों का भी विमोचन हुआ. इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्यों और सेवाओं के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. ललित मोहन ने किया. 

    तीनबत्ती पर ये हुए शामिल   



सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ हरिसिंह गौर की 152 वी जयंती शुक्रवार को सागर में उत्साह पूर्वक मनाई गई ।तीन बत्ती स्थित गौर प्रतिमा पर कुलपति प्रोफ़ेसर नीलिमा गुप्ता ने  माला पहनाई ।इस अवसर पर सांसद राजबहादुर सिंह पूर्व सांसद लक्ष्मी नारायण यादव, पूर्व सांसद आनंद अहिरवार ,डॉ सुरेश आचार्य सुखदेव प्रसाद तिवारी ,चतुर्भुज सिंह राजपूत ,डॉ सुखदेव मिश्रा ,डॉ अशोक अहिरवार, संदीप बाल्मीकि SVN के कुलपति डॉ अनिल तिवारी ,राजीव टंडन मनीष पुरोहित,सन्तोष सहगोरा,पंकज सिंघई ,जगदेव सिंह ठाकुर आशीष ज्योतिषी ,मुन्ना लाल यादव ,सुरेश जाट बहादुर यादव, भोलेश्वर तिवारी ,सुरेंद्र गाडेवार, पप्पू फुसकेले, अनिल पुरोहित, राकेश शर्मा,  विवेक तिवारी ,मीडियाकर्मियों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे ।

Gour Utsav 2021- केंद्रीय विश्वविद्यालय से जो लाभ मिलने थे नहीं मिले -कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह

सागर,मप्र/ 26 नवंबर
/ मप्र के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री का कहना है कि वो निःसंकोच कह सकते हैं कि डॉ. हरिसिंह केन्द्रीय विश्वविद्यालय को केन्द्रीय दर्जा मिलने से स्थानीय लोगों को जो लाभ मिलने थे वो नहीं मिल सके हैं। इसकी वजह विश्वविद्यालय में जिस तरह के कुलपति आने थे उस तरह के कुलपति यहां नहीं आए। इस विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में पचास फीसदी स्थान स्थानीय विद्यार्थियों को आरक्षित किए जाने चाहिए।

 मप्र के सबसे पुराने विश्वविद्यालय सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. हरिसिंह गौर की 152 जयंती के अवसर पर डॉ. हरिसिंह केन्द्रीय विश्वविद्यालय के परिसर में आयोजित गौर-उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने आए मप्र शासन के केबिनेट मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि दानवीर के रूप मे महाभारत के किरदार कर्ण के बाद अगर किसी का नाम लिया जा सकता है तो वह डॉ. हरिसिंह गौर ही हैं जिनके दान से सागर  विश्वविद्यालय  की स्थापना हुई। राजा कर्ण के बाद इतिहास में ऐसे उदाहरण नहीं मिलते हैं।

केबिनेट मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि मप्र के पहले विश्वविद्यालय सागर विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय  बनवाने के लिए लंबे समय तक चले छात्र आंदोलन में उन्हों ने भी शिरकत थी। जब आंदोलन चल रहा था तब वह छात्रसंघ के सचिव थे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के चलते उन्हें सात महीने तक प्रदेश की विभिन्न जेलों में रहने का अवसर मिला।

उन्होंने अफसोस जताया कि सागर विश्वविद्यालय के केन्द्रीय बनने के बाद स्थानीय लोगों को जो लाभ मिलने थे वो नहीं मिल सके। इसकी वजह केन्द्रीय विश्वविद्यालय बनने के बाद विश्वविद्यालय में जिस तरह के कुलपति आना थे उस तरह के कुलपति यहां नहीं आए। उन्होंने कहा कि हालांकि विश्वविद्यालय की नवनियुक्त कुलपति नीलिमा गुप्ता स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में बढ़ रहीं हैं।

उन्होंने कहा कि डॉ हरिसिंह गौर चाहते तो नागपुर, दिल्ली कहीं भी विश्वविद्यालय स्थापित कर सकते थे लेकिन उन्होंने बुंदेलखंड की गरीबी व अशिक्षा को घ्यान में रख कर सागर में ही विश्वविद्यालय स्थापित किया। उनको भरोसा था कि यहां विश्वविद्यालय शुरू होने से अंचल की गरीबी व अशिक्षा दूर होगी। उन्होंने कहा कि देश दुनिया में नाम कमा रहें लोगों में से कई लोग तो इस क्षेत्र  अगर विश्वविद्यालय न होता तो शायद आगे की पढ़ाई ही पूरी नहीं कर पाते।

सागर देश का 18 वां विश्वविद्यालय था व यहां ऐसे विषय में पढ़ाई शुरू हुई जो विषय देश की किसी भी अन्य यूनिवर्सिटी में नहीं पढ़ाए जाते थे। इतना ही नहीं डॉ गौर इन विषयों को पढ़ाने के लिए दुनिया के जाने-माने शिक्षकों को विश्वविद्यालय लेकर आए। जिनमें विश्वविख्यात डॉ वेस्ट जैसे प्रोफेसर का भी नाम शामिल है। 

उन्होंने कहा कि डॉ हरिसिंह गौर ने कभी नहीं चाहा कि विश्वविद्यालय उनके नाम से जाना जाए। उन्होंने अपनी वसीयत में भी इस बात का  जिक्र किया था । लेकिन राजनैतिक कारणों से सागर विश्वविद्यालय का नाम बदल कर उनके नाम पर कर दिया गया। नाम बदले जाने के पहले सारी दुनिया में यह विश्वविद्यालय को सागर विश्वविद्यालय के रूप में ही जाना जाता था।

उन्होंने कहा कि डॉ गौर का सपना था कि बुंदेलखंड के विद्यार्थी पढ़ें उन्हें अच्छी शिक्षा मिले। उन्होंने कहा कि विश्वविद्याय के केन्द्रीय बन जाना खुशी का विषय है लेकिन स्थानीय लोगों को लाभ दिलाने के लिहाज से इस विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में पचास फीसदी स्थान स्थानीय बच्चों को आरक्षित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कोई नयी बात नहीं है ऐसी व्यवस्था बनारस विश्वविद्यालय व एएमयू (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) में पहले से ही चल रही है।

उन्होंने कहा कि अभी भी डॉ. हरिसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय के बाईलॉज (उपनियम) नहीं बनें हैं। अतः उनके बनाते समय ऐसी व्यवस्था की जा सकती हैं। उन्होंने आरक्षण के मसले पर जोर देते हुए कहा कि " सागर केन्द्रीय विश्वविद्यालय में बुंदेलखंड के विद्यार्थियों को पचास फीसदी आरक्षण मिलना ही चाहिए।"

इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नई शिक्षा नीति लेकर आए हैं जो रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर जोर देती है। इस सिलसिले में उन्होंने कुलपति से आग्रह किया कि डॉ हरि सिंह गौर  केन्द्रीय विश्वविद्यालय में भी होटल प्रबंधन, इंजीनियरिंग कॉलेज, पर्यटन शिक्षा, पेपर एंड प्लास्टिक के पाठ्यक्रम इसके अलावा फिजियोथैरैपी, क्लीनिकल पैथोलॉजी, ऐयरोस्पेस इंजीनियरिंग जैसे पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि सागर एड्यूकेशन का हब (शिक्षा का केन्द्र ) बने  लेकिन इसके लिए सागर को जरूरत है एक हवाई अड्डा की। उन्होंने कहा कि संयोग से इस समय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मप्र से ही है और वो सागर में हवाई अड्डा शुरू करने के लिए कोशिश करेंगें।

Gour Utsav 2021- डॉ गौर ने प्रधानमंत्री का भी प्रस्ताव ठुकराया था  सागर में विवि बनाने की चाह में -रघु ठाकुर

सागर वॉच। 25 नवंबर
। 
समाजवादी चिंतक एवं विचारक रघु ठाकुर ने डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय में गौर सप्ताह के तहत आयोजित एक व्याख्यान में बताया कि डॉ हरिसिंह गौर ने दूसरी बार दिल्ली विश्वविद्यालय का कुलपति बनने संबंधी प्रधानमंत्री के प्रस्ताव को सिर्फ इसलिए नकार दिया था क्योंकि उनकी रूचि अपनी मातृभूमि में एक उच्चस्तरीय विश्वविद्यालय बनाने में थी।
 
इसके बाद ही वे सागर आए और यहां एक विश्वविद्यालय की स्थापना की डॉ गौर ने अपने सपनों के विश्वविद्यालय के लिए उच्च स्तरीय सोच रखी थी उन्होंने सागर विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति के रूप में दिल्ली जाकर जो मांग पत्र तत्कालीन शासकों के समक्ष रखा था उसमें सागर में अच्छा हवाई अड्डा निर्मित करने बेहतर सुविधाओं के साथ रेलवे स्टेशन का निर्माण करने और सागर को देश की राजधानी बनाने का प्रस्ताव रखा था 
 
 रघु ठाकुर ने बताया कि उस समय इलाहाबाद को दूसरी राजधानी के रूप में विकसित करने की चर्चा थी तब डॉक्टर हरिसिंह गौर ने यह तर्क भी रखे थे की इलाहाबाद को राजधानी का दर्जा सुरक्षा कारणों से नहीं मिलना चाहिए बुंदेलखंड का सागर बाहरी आक्रमणों की दृष्टि से भी सुरक्षित था इसलिए इसे राजधानी भी बनाना चाहिए 
 
यदि डॉ गौर के इन प्रस्तावों पर सकारात्मक फैसला हो जाता तो आज सागर विश्वविद्यालय कई गुना तरक्की कर देश ही नहीं दुनिया का श्रेष्ठ विश्वविद्यालय होता हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय से हमने क्या लिया इस बात पर विचार करने की जगह हमने विश्वविद्यालय को क्या दिया इस पर विचार किया जाए तो यह विश्वविद्यालय ज्यादा तरक्की करेगा
 
 व्याख्यान में डॉ सुरेश आचार्य , प्रोफेसर एसपी व्यास , डॉक्टर जी एस चौबे, कुलाधिपति बलवंत जानी और कुलपति प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता ने भी अपने विचार रखे कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव संतोष सह गोरा ने किया

डॉ. गौर के जन्म का दशक प्रतिभाओं के जन्म का दशक है- डॉ. चौबे 

ख्यातिलब्ध चिकित्सक डॉ. जी एस चौबे ने कहा कि डॉ. गौर का जन्म जिस दशक में हुआ, वह देश में प्रतिभाओं के जन्म का दशक था. 1861 में जन्मे रवींद्र नाथ ठाकुर को नोबल पुरस्कार से नवाजा गया. 1863 में जन्में स्वामी विवेकानंद के विचारों और कार्यों ने ने पूरी दुनिया में भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित किया. 1869 में जन्मे गांधीजी ने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर पूरे देश को चलने की प्रेरणा दी और अप्रतिम त्याग का परिचय दिया. 1870 में जन्मे डॉ. गौर ने अपना सर्वस्व धन दानकर विद्या के एक मंदिर की स्थापना की. ऐसा उदाहरण पूरी दुनिया में कहीं नहीं मिलेगा.  
 

डॉ.गौर के प्रयासों से खुला महिलाओं के लिए वकालत करने का रास्ता - प्रो. व्यास 

वरिष्ठ शिक्षाशास्त्री एवं वैज्ञानिक प्रो. एस पी व्यास ने कहा कि डॉ. गौर के व्यक्तित्व को शब्दों में उतारना बड़ा ही कठिन कार्य है. उनके सपने के अनुरूप बहुत से मंगल कार्य किये जा रहे हैं. यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है डॉ. गौर के सद्प्रयासों से महिलाओं के लिए वकालत का रास्ता खुला. वे एक व्यक्ति नहीं विचार थे विश्वविद्यालय की स्थापना करके एक छोटे से ग्रामीण इलाके को विश्वपटल पर सम्मान दिलाने वाले वे पहले व्यक्ति थे. उनका व्यक्तित्व संत का व्यक्तित्व था. उनके जन्म दिवस के अवसर पर हमें यह प्रण लेना होगा कि हम हर दिन की शुरुआत उनके संकल्पों के अनुरूप कार्य करने से करेंगे. अनुशासित रहकर इस शिक्षा के केंद्र को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए सदैव श्रमशील रहेंगे
 
डॉ.गौर के सपनों के अनुरूप अपनी सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करेगा विश्वविद्यालय- कुलपति  


Gour Utsav 2021- डॉ गौर ने प्रधानमंत्री का भी प्रस्ताव ठुकराया था  सागर में विवि बनाने की चाह में -रघु ठाकुर



कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि डॉ. गौर बेहद अभाव की स्थिति से निकलकर उच्च शिखर पर पहुँचने वाले महान व्यक्तित्व थे. आज लोग अपने परिवार और बच्चों के लिए पूंजी इकट्ठा करते हैं. लेकिन डॉ. गौर ने परिवार के साथ-साथ समाज के लिए एक बड़ा हिस्सा भी रखा और एक अद्भुत शिक्षा का केंद्र हमें विरासत में मिला है

 हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम उनके अवदानों को याद करते हुए उनके संकल्पों को पूरा करने में अपनी ऊर्जा लगाएं. उन्होंने हाल ही में हुए विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए अकादमिक अनुबंधों की चर्चा करते हुए कहा कि हम नए-नए पाठ्यक्रमों के माध्यम से ऐसी पीढ़ी तैयार करेंगे कि आने वाले समय में यह विश्वविद्यालय अपने शिखर पर पहुंचेगा

 ग्रामीण विकास, स्किल डेवलेपमेंट पाठ्यक्रमों के जरिये हम आदर्श गाँव भी बनायेंगे. समाज और समुदाय की बेहतरी के लिए भी विश्वविद्यालय अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा. डॉ. गौर ने विश्वविद्यालय के रूप में जो बीजारोपण किया है हम उनके संकल्पों और सपनों के अनुरूप इसे हरा-भरा बनाएंगे

उन्होंने कहा कि जल्द ही गौर म्यूजियम बनकर तैयार होगा. उन्होंने अपील की कि जिनके पास भी उनसे जुडी हुई वस्तुएं हों वे विश्वविद्यालय को सौंपकर अपना योगदान दें ताकि म्यूजियम के माध्यम से वे वस्तुएं सभी के लिए उपलब्ध हो पायें 
 
गौर जयंती पर शहर से विवि जुलूस आने की परंपरा 1970 में शुरू हुयी-प्रो.सुरेश आचार्य 

वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. सुरेश आचार्य ने कहा कि पूरे बुंदेलखंड में डॉ. हरीसिंह गौर 'गौर बब्बा' के नाम से जाने जाते हैं. यह यहाँ के लोगों का उनके प्रति अगाध प्रेम है और यह रिश्ता बड़ा ही नायाब है. उनके द्वारा स्थापित इस विश्वविद्यालय की रक्षा, इसकी समृद्धि, वृद्धि और इसकी कीर्ति पताका चारों ओर फहराना हम सबका कर्तव्य है

आज के आधुनिक युग में लोग अंधाधुंध संपत्ति इकठ्ठा कर विलासितापूर्ण जीवन जीने में संलग्न हैं लेकिन डॉ. गौर ने एक-एक पैसा जोड़कर विश्वविद्यालय के रूप में एक कल्पवृक्ष लगाया जिसमें देश भर के लोग अध्ययन करने के लिए आते हैं 

इस विश्वविद्यालय में बहुत कुछ अद्भुत है. 1970 में उनकी जन्म शताब्दी मनाई गई थी जिसमें शहर से एक बहुत बड़ा जुलूस विश्वविद्यालय में आया था आज भी यह परम्परा जारी है यह उनके प्रति श्रद्धानवत होने का अवसर है

 

Gour Utsav 2021-जय गौर
सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ हरी सिंह गौर के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर रोशनी से  नहाये विवि का एक आकर्षक नजारा 

Felicitation-स्मार्ट-सिटी-विवि-के-विद्यार्थियों-के-चलाएगी-सिटी-बस
सागर वॉच स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में सागर शहर को 26 भी रैंक के साथ ही स्टार भी प्राप्त है इस उपलब्धि पर गौर यूथ फोरम ने निगम कमिश्नर आरपी अहिरवार जी का सम्मान किया 

इसी मौके पर फोरम ने  उन से स्मार्ट सिटी द्वारा चलाई जा रही बसों में से एक बस विश्वविद्यालय की छात्राओं के लिए विश्वविद्यालय से गौर मूर्ति कटरा तक चलाने का भी आग्रह किया जिससे शहर की छात्राओं को विश्वविद्यालय आने में परेशानी ना हो जिस पर स्मार्ट सिटी के कार्यकारी निदेशक   आरपी अहिरवार ने अपनी सहमति व्यक्त की

नगर निगम आयुक्त ने  सिविल लाइन चौराहे पर गौर साहब की प्रतिमा पर सुंदर आकर्षित लाइट सजा का भी आश्वासन दिया। गौर यूथ फोरम से डॉक्टर विवेक तिवारी, डॉ मनीष बोहरे, सादिक अली, अमित श्रीवास्तव, चंद्रकांत लटिया, निलेश गौतम, बादल रैकवार संजू आठिया सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

Gour-Utsav-2021-बिना-विद्यार्थी-के-शिक्षक-अस्तित्वहीन-है-अरुंधती कावडकर

सागर वॉच। 24 नवम्बर
 विश्वविद्यालय ज्ञान और  गुरुत्व के केंद्र के रूप में होने चाहिए. विद्यार्थी गुरुत्व के स्पर्श से ही आगे बढ़ता है. उसके जीवन में गुरु का बहुत महत्त्व होता है. गुरु को भी अपने विद्यार्थियों को समझने की योग्यता होनी चाहिए शिक्षक अपने विद्यार्थियों के कारण ही शिक्षक कहलाता है. बिना विद्यार्थी के शिक्षक अस्तित्वहीन है 

यह विचार विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयन्ती सभागार में आयोजित गौर व्याख्यानमाला श्रृंखला के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: उच्च शिक्षा की नवाचारी भूमिका विषय पर आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सुश्री अरुंधती कावडकर, अखिल भारतीय महिला प्रकल्प सहप्रमुख एवं पालक अधिकारी, महाकौशल प्रान्त एवं मध्यभारत, भारतीय शिक्षण मंडल ने व्यक्त किये

उन्होंने  कहा कि  राष्ट्रीय शिक्षा नीति मातृभाव से प्रेरित है। एर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन की संकल्पना राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अहम हिस्सा है. यहीं से एक विद्यार्थी की नींव पड़ती है उन्होंने कहा कि नए भारत को गढ़ने के लिए भारतमाता को जानना बहुत ही आवश्यक है नदियों, पर्वतों और प्रकृति के सभी घटकों को जानना-पहचानना एक विद्यार्थी के लिए बहुत ही जरूरी है 

Gour-Utsav-2021-बिना-विद्यार्थी-के-शिक्षक-अस्तित्वहीन-है-अरुंधती कावडकर

इसी सिलसिले में मुख्य अतिथि
मुकुल कानिटकर ने कहा कि गुरु के बिना भारत का विश्वगुरु बनाना असंभव है
 राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में ऐसे कई बिंदु हैं जो शिक्षक को नवाचार की पूरी स्वायत्तता देते हैं एक शिक्षक को नवाचार करने के लिए संस्था और सरकारों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए

उन्होंने कहा कि शासन केंद्रित व्यवस्था से समाज के अंतिम व्यक्ति का हित नहीं संभव है समाज केंद्रित व्यवस्था से ही अंतिम व्यक्ति का कल्याण संभव है राष्ट्रीय शिक्षा नीति पढ़ते समय उसमें हमें स्व मन का भाव मिलता है उसमें बहुत सी जीवनोपयोगी और तार्किक बातें हैं जिनके माध्यम से भारतीयता का बोध पैदा होता है

शिक्षक और संस्था दोनों का कार्य नवोन्मेष करना है आज के शिक्षक और विद्यार्थी को लीक से हटकर सोचना चाहिए. यही समय की मांग है पहले हम आयातित ज्ञान पर निर्भर थे लेकिन आज इस शिक्षा नीति के माध्यम से हम भारतीय शिक्षा पद्धति की बात कर पा रहे हैं यही इसका सुफल है मातृभाषा में पठन-पाठन के लिए हमें अनुवाद पर निर्भरता ख़त्म करते हुए मातृभाषा में पाठ्य सामग्री तैयार करना चाहिए. यह काम शिक्षकों का है यह चुनौती भी है हमें इसी को अवसर में बदलना है और यही नवाचार है। यह सृजनशीलता का अवसर भी है

Gour-Utsav-2021-बिना-विद्यार्थी-के-शिक्षक-अस्तित्वहीन-है-अरुंधती कावडकर

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. बलवंत राय शांतिलाल जानी ने कहा कि डॉ. हरीसिंह गौर की दैवीय विलक्षणता ही है कि हम प्रतिवर्ष उनके जन्मदिन को एक उत्सव के रूप में मनाते हैं

वह एक विश्वविद्यालय स्थापित करने और सब कुछ दान कर देने वाले एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक स्वप्नद्रष्टा थे जो उन्होंने भावी भारतीय युवा पीढ़ी के लिए देखा था आज बहुत सी विदेश की संस्थायें भारतीय युवा मेधा को अपने यहाँ शिक्षा और रोजगार के लिए आकर्षित कर रही हैं

डॉ गौर ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने कैम्ब्रिज में पढ़ाई तो की लेकिन वे भारतीय युवा पीढी के लिए भारत में कैम्ब्रिज जैसी संस्था शुरू करने का संकल्प लेकर भारत वापस आ गये यह विश्वविद्यालय उसी सपने की देन है भारतीय युवाशक्ति प्रचंड मेधा संपन्न है, इसका पलायन नहीं होना चाहिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति इसके लिए संकल्पित है  राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बहुआयामी क्रियान्वयन के माध्यम से  डॉ. गौर द्वारा स्थापित यह विश्वविद्यालय केवल सागर और मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए अनुकरणीय बनेगा 

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के संस्थापक महान शिक्षाविद् एवं प्रख्यात विधिवेत्ता, संविधान सभा के सदस्य एवं दानवीर डॉ. सर हरीसिंह गौर के 152वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 21 नवंबर से 26 नवंबर तक आयोजित 'गौर उत्सव' के चौथे दिन 'आचार्य शंकर भवन' (मानविकी एवं समाज विज्ञान व्याख्यान कक्ष कॉम्प्लेक्स) का लोकार्पण मुकुल मुकुंद कानिटकर, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, भारतीय शिक्षण मंडल, नागपुर, कुलाधिपति प्रो. बलवंतराय शांतीलाल जानी एवं कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ