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Headlines: अख़बारों की आज की सुर्खियाँ 

आज भी अखबारों की सुर्खियों मे शिक्षा व कोविड से जुड़ीं खबरें हीं छायीं रहीं। हालांकि  अधिकांश अखबारों ने शासकीय प्रेस विज्ञप्तियों को ही आधे-आधे पृष्ठ में खूब फैलाकर छापा है। लंबी-लंबी नीरस व "जैसींआयीं वैसी ही छापीं खबरें अखबारो कीं पठनीयता को कम करने वाली मानीं जातीं हैं।

दैनिक भास्कर ने केन्द्रीय विश्वविद्यालय सागर से जुड़ी खबर को अपनी पहली सुर्खी बनाया है। खबर में बताया है कि एशिया के शीर्ष 750 संस्थानों की क्यूएस एशिया रैंकिग 20-21 की वरीयता सूची में सागर विश्वविद्यालय को स्थान 361वीं पायदान पर है। हालांकि  उसका यह स्थान इस सूची में शामिल किए देश 43 केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के बीच 9 वां है। खबर में बताया प्रभारी कुलपति ने इस उपलब्धि का श्रेय विवि परिवार को दिया ।

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नवदुनिया ने ”पलेवा में ही 12 फीट कम हुआ बांध का पानी” शीर्षक से लगायी पहली खबर में बताया है कि अल्प वर्षा के चलते बांध जल्दी रीत गए हैं। शाहगढ़ क्षेत्र में स्थित बांधों से जुड़ी इस खबर में जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी के हवाले बताया है कि बांध में पानी कम होने से सिंचाई के हालात चिंताजनक हैं। लेकिन खबर में  प्रयुक्त “पलेवा” शब्द का अर्थ भी स्पष्ट किया जाता तो आम पाठक भी खबर को के मायने और अच्छे से समझ आ जाते।

कोविड-19 की वैक्सीन का इंतजार कर रहे देशवासियों की जिज्ञासा शांत करने वाली खबर को दैनिक आचरण ने अपनी पहली सुर्खी बनाया है। खबर में लिखा है कि कोविड-19 वैक्सीन आमजन तक पहुंचाने के लिए सरकार पोलियो टीकाकरण के लिए बनाई गई शीत-श्रंखला के प्रबंधन की समीक्षा कर रही है।

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नवभारत ने अपनी पहली खबर में वन विभाग की नर्सरियों में वृक्षों की अवैध कटाई के सामने आ रहे मामलों को उठाया है। “अंडेला नर्सरी में काट दिए सागौन के वृक्ष” शीर्षक से छापी खबर में सूत्रों के हवाले से छापा है कि पेड़ों की कटाई विभागीय कर्मचारियों के मिली-भगत से हो रही है और शीर्ष अधिकरी इस और ध्यान नहीं दे रहे हैं।

ईवनिंग मिरर ने शासकीय कामकाज की समीक्षा बैठक की प्रेस विज्ञप्ति को ही अपनी पहली खबर बनाया है। खबर में बताया है कि कलेक्टर ने स्वास्थ्य सर्वेक्षण के लिए स्वच्छता कर्मियों का मनोबल बढ़ाने की नसीहत संबंधित विभाग को दी है।

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मप्र के मुख्यमंत्री द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों के आभासी-ऋण वितरण कार्यक्रम के जरिए प्रदेश भर के महिला स्व-सहायता समूहों से संवाद किया। इस दौरान सागर जिले के आजीविका मिशन के तहत काम कर रहे आमेट गांव के एक महिला समूह की सदस्या द्वारा मुख्यमंत्री को मुनगा की कौंसों की कड़ी खाने के लिए सागर अमंत्रित किया। इस कार्यक्रम की प्रेस विज्ञप्ति को “जैसी आयी वैसी छापी तर्ज पर अधिकांश  अखबारों ने अलग-अलग शीर्षक से  छापा है। सागर दिनकर ने शीर्षक “ग्राम आमेट की महिलाओं ने आमंत्रित किया मुख्यमंत्री को”, दैनिक अतुल्य भास्कर ने “मुनगा की कौंसों की कड़ी को न्यौतो स्वीकारो..” शीर्षक से, नवदुनिया ने “मुनगों के कौंसों की कड़ी खाने सागर आएंगें शिवराज सिंह” शीर्षक से इस खबर को छापा है।

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लीक से हटकर खबर

दैनिक भास्कर ने परिवहन विभाग से जुड़ी एक खबर में बताया है कि 20 साल तक पुराने वाणिज्यिक वाहनों पर बकाया-कर पर 70 फीसदी की छूट मिलेगी।

नवदुनिया ने परिवहन विभाग से जुड़ी खबर में बताया कि लर्निंग लाईसेंस के ऑनलाइन  सत्यापन के आदेश का विभाग के कर्मचारियों द्वारा विरोध किए जाने पर परिवहन अधिकारी को आदेश वापस लेना पड़ा। 

सागर वॉच (खबर से हटकर ) जब दुनिया भर में सबकुछ डिजिटल हो रहा है ऐसे में दलालों की शरण-स्थली  बताया जाने वाले  परिवहन विभाग द्वारा लर्निंग लाइसेंस के ऑनलाइन सत्यापन का आदेश वापस लेना कई सवाल खड़े करता है ।

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फाॅलोअप

कोविड-19 संक्रमण को लेकर दैनिक भास्कर में छपी खबर में बताया है कि जिले में अबतक सामने आए 43 सौ से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीजों में से 50 फीसदी मरीज 50 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले हैं जबकि बच्चों की संख्या 40 से 50 के बीच है। इस तरह अब तक जिले की कुल आबादी में से करीब 4.4 फीसदी लोग संक्रमित हो चुके हैं।

अखबार ने जिले में चल रहे स्टोन क्रेशर से जुड़ी खबर की दूसरी कड़ी में बताया है कि जिले में चल रहे क्रेशरों में से अधिकांश दबंग राजनेताओं के हैं जिसके चलते ही इनमें हो रहीं अनियमितताओं को अधिकारियों द्वारा नजरंदाज किया जा रहा है। खबर के मुताबिक जिले के 178 क्रेशरों में से 71 भाजपा व 9 कांग्रेसी नेताओं के बताए जा रहे हैं।

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